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Rampur Bushahar News: मंडी में अच्छे भाव से निजी कंपनियों के लिए सीए स्टोर भरना चुनौती
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महेंदली मंडी में अच्छी गुणवत्ता के सेब का भाव 3200 से घटकर 2200 रुपये प्रति पेटी तक पहुंचा
अदाणी एग्री फ्रेश ने एलएमएस ग्रेड के सेब के लिए 80 से 108 रुपये प्रति किलो तक रेट तय किए
मंडी में बेहतर भाव मिलने पर खुले बाजार में फसल बेच सकते हैं बागवान
सीए स्टोर पर सॉर्टिंग और ग्रेडिंग की सुविधा से बागवानों को मिल रहे अतिरिक्त विकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू । सेब की कम पैदावार के बीच इस बार निजी कंपनियों के लिए सीए स्टोर भरना आसान नहीं होगा। इसकी बड़ी वजह खुले बाजार में अच्छी गुणवत्ता के सेब को मिल रहे दाम हैं। ऐसे में बागवान कंपनी के घोषित रेट और मंडी में मिल रहे भाव की तुलना करने के बाद ही फसल बेचने का फैसला कर रहे हैं।
रोहड़ू की महेंदली मंडी में अगस्त के मध्य तक सेब के दाम में गिरावट दर्ज की गई थी। एक समय अच्छी गुणवत्ता के सेब को 3200 रुपये प्रति पेटी तक भाव मिल रहा था। बाद में आवक बढ़ने से दाम 2200 रुपये प्रति पेटी तक पहुंच गए। आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों से गुणवत्तापूर्ण सेब की आवक और बाजार की मांग कीमतों की दिशा तय करेगी।
इसी बीच निजी क्षेत्र की ओर से घोषित खरीद दरों ने बागवानों को एक और विकल्प दिया है। अदाणी एग्री फ्रेश की ओर से 80 से 100 प्रतिशत रंग वाले एलएमएस ग्रेड के सेब का भाव 108 रुपये प्रति किलो रखा है। 60 से 80 प्रतिशत रंग वाले इसी ग्रेड के सेब के लिए 80 रुपये प्रति किलो निर्धारित किए हैं। ये दरें रोहड़ू और रामपुर सहित कंपनी के संबंधित खरीद केंद्रों पर लागू हैं।
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हालांकि, बागवानों का रुख केवल घोषित रेट से तय नहीं होगा। मंडी में यदि अच्छी गुणवत्ता के सेब का भाव कंपनी के भुगतान से बेहतर रहता है तो बागवान खुले बाजार को प्राथमिकता दे सकते हैं। वहीं, कंपनी के खरीद केंद्रों पर ग्रेडिंग और बिक्री की सुविधा मिलने से निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार फसल बेचने वाले बागवानों के विकल्प बढ़ेंगे।
रोहड़ू में सीए स्टोर की गतिविधियां बढ़ने से इस वर्ष बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। आधुनिक सॉर्टिंग और ग्रेडिंग के बाद कॉरपोरेट खरीदारों तक फसल पहुंचाने की सुविधा मिलने से बागवानों के पास पारंपरिक मंडी के अलावा अन्य विकल्प भी हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए चुनौती केवल खरीद शुरू करना नहीं, बल्कि बागवानों को मंडी के बराबर या उससे बेहतर भाव देकर अपनी ओर आकर्षित करना और पर्याप्त मात्रा में सेब सीए स्टोर तक पहुंचाना होगी। बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से गुणवत्तापूर्ण सेब उत्पादकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
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अदाणी एग्री फ्रेश ने एलएमएस ग्रेड के सेब के लिए 80 से 108 रुपये प्रति किलो तक रेट तय किए
मंडी में बेहतर भाव मिलने पर खुले बाजार में फसल बेच सकते हैं बागवान
सीए स्टोर पर सॉर्टिंग और ग्रेडिंग की सुविधा से बागवानों को मिल रहे अतिरिक्त विकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू । सेब की कम पैदावार के बीच इस बार निजी कंपनियों के लिए सीए स्टोर भरना आसान नहीं होगा। इसकी बड़ी वजह खुले बाजार में अच्छी गुणवत्ता के सेब को मिल रहे दाम हैं। ऐसे में बागवान कंपनी के घोषित रेट और मंडी में मिल रहे भाव की तुलना करने के बाद ही फसल बेचने का फैसला कर रहे हैं।
रोहड़ू की महेंदली मंडी में अगस्त के मध्य तक सेब के दाम में गिरावट दर्ज की गई थी। एक समय अच्छी गुणवत्ता के सेब को 3200 रुपये प्रति पेटी तक भाव मिल रहा था। बाद में आवक बढ़ने से दाम 2200 रुपये प्रति पेटी तक पहुंच गए। आने वाले दिनों में ऊंचाई वाले क्षेत्रों से गुणवत्तापूर्ण सेब की आवक और बाजार की मांग कीमतों की दिशा तय करेगी।
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इसी बीच निजी क्षेत्र की ओर से घोषित खरीद दरों ने बागवानों को एक और विकल्प दिया है। अदाणी एग्री फ्रेश की ओर से 80 से 100 प्रतिशत रंग वाले एलएमएस ग्रेड के सेब का भाव 108 रुपये प्रति किलो रखा है। 60 से 80 प्रतिशत रंग वाले इसी ग्रेड के सेब के लिए 80 रुपये प्रति किलो निर्धारित किए हैं। ये दरें रोहड़ू और रामपुर सहित कंपनी के संबंधित खरीद केंद्रों पर लागू हैं।
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हालांकि, बागवानों का रुख केवल घोषित रेट से तय नहीं होगा। मंडी में यदि अच्छी गुणवत्ता के सेब का भाव कंपनी के भुगतान से बेहतर रहता है तो बागवान खुले बाजार को प्राथमिकता दे सकते हैं। वहीं, कंपनी के खरीद केंद्रों पर ग्रेडिंग और बिक्री की सुविधा मिलने से निर्धारित गुणवत्ता के अनुसार फसल बेचने वाले बागवानों के विकल्प बढ़ेंगे।
रोहड़ू में सीए स्टोर की गतिविधियां बढ़ने से इस वर्ष बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने की संभावना है। आधुनिक सॉर्टिंग और ग्रेडिंग के बाद कॉरपोरेट खरीदारों तक फसल पहुंचाने की सुविधा मिलने से बागवानों के पास पारंपरिक मंडी के अलावा अन्य विकल्प भी हैं। ऐसे में कंपनियों के लिए चुनौती केवल खरीद शुरू करना नहीं, बल्कि बागवानों को मंडी के बराबर या उससे बेहतर भाव देकर अपनी ओर आकर्षित करना और पर्याप्त मात्रा में सेब सीए स्टोर तक पहुंचाना होगी। बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ने से गुणवत्तापूर्ण सेब उत्पादकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।