{"_id":"6697b454f268cef56901bed9","slug":"fairs-are-an-integral-part-of-our-rich-culture-rohit-thakur-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-118881-2024-07-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेले हमारी समृद्ध संस्कृति का अभिन्न अंग : रोहित ठाकुर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेले हमारी समृद्ध संस्कृति का अभिन्न अंग : रोहित ठाकुर
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री ने 100वें जय डोम मुगेश्वर रहेली मेले में बतौर मुख्य अतिथि की शिरकत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन( रामपुर बुशहर)। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने ठियोग विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान मंगलवार देर शाम को ग्राम पंचायत जुदन तहसील कुमारसैन में आयोजित 100वें जय डोम मुगेश्वर रहेली मेले में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने देवदार का पौधा भी रोपित किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध संस्कृति का अभिन्न अंग हैं और हमारी आस्था का प्रतीक है। इस तरह के मेले के आयोजन से सद्भाव बढ़ता है और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा हमारी युवा पीढ़ी को संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए इस तरह के मेले अग्रणी भूमिका निभाते आए हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से आह्वान किया कि हमारी संस्कृति में विलुप्त होती जा रही चीजों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
उन्होंने कहा इस क्षेत्र की जो मांगें रखी गई हैं उनका निराकरण प्राथमिकता के आधार किया जाएगा। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजनकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मेले आयोजनकर्ताओं के लिए 51 हजार रुपये देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नारकंडा स्कूल को 15 हजार और राजकीय प्राथमिक स्कूल डकुन को 10 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री ने क्षेत्र के जदुन स्कूल की मांग के अनुसार 2 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि क्यारा स्कूल के कार्य का 13 लाख का प्राक्कलन तैयार हुआ है। इसके लिए उन्होंने प्रथम चरण में 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
स्थानीय विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने भी मेला आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि मेले हमारे आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलजुल कर इन्हें संजोये रखने के प्रयास करने चाहिए। मेलों के आयोजन से सामाजिक समभाव बढ़ता है।उन्होंने मेले आयोजन समिति को 30 हजार रुपये देने की घोषणा की। ग्राम पंचायत प्रधान देवेंद्र शष्ठा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। उन्होंने मेला समिति को 21 हजार रुपये देने की घोषणा की।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कुमारसैन( रामपुर बुशहर)। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने अपने ठियोग विधानसभा क्षेत्र के प्रवास के दौरान मंगलवार देर शाम को ग्राम पंचायत जुदन तहसील कुमारसैन में आयोजित 100वें जय डोम मुगेश्वर रहेली मेले में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने देवदार का पौधा भी रोपित किया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि मेले हमारी समृद्ध संस्कृति का अभिन्न अंग हैं और हमारी आस्था का प्रतीक है। इस तरह के मेले के आयोजन से सद्भाव बढ़ता है और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने कहा हमारी युवा पीढ़ी को संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए इस तरह के मेले अग्रणी भूमिका निभाते आए हैं। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से आह्वान किया कि हमारी संस्कृति में विलुप्त होती जा रही चीजों को पुनर्जीवित करने के लिए प्रयास करने चाहिए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा इस क्षेत्र की जो मांगें रखी गई हैं उनका निराकरण प्राथमिकता के आधार किया जाएगा। उन्होंने मेले के सफल आयोजन के लिए आयोजनकर्ताओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मेले आयोजनकर्ताओं के लिए 51 हजार रुपये देने की घोषणा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति देने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नारकंडा स्कूल को 15 हजार और राजकीय प्राथमिक स्कूल डकुन को 10 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री ने क्षेत्र के जदुन स्कूल की मांग के अनुसार 2 लाख रुपये देने की भी घोषणा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने बताया कि क्यारा स्कूल के कार्य का 13 लाख का प्राक्कलन तैयार हुआ है। इसके लिए उन्होंने प्रथम चरण में 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
स्थानीय विधायक कुलदीप सिंह राठौर ने भी मेला आयोजन समिति को बधाई देते हुए कहा कि मेले हमारे आपसी भाईचारे के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हम सबको मिलजुल कर इन्हें संजोये रखने के प्रयास करने चाहिए। मेलों के आयोजन से सामाजिक समभाव बढ़ता है।उन्होंने मेले आयोजन समिति को 30 हजार रुपये देने की घोषणा की। ग्राम पंचायत प्रधान देवेंद्र शष्ठा ने मुख्यातिथि का स्वागत किया और विभिन्न मांगों को उनके समक्ष रखा। उन्होंने मेला समिति को 21 हजार रुपये देने की घोषणा की।