फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Even after inauguration, sports activities did not start in the sports hostel Duttnagar

Rampur Bushahar News: इस बार भी नहीं ट्रायल, कैसे खिलाड़ियों के सपनों को मिलेगी उड़ान

Sun, 27 Apr 2025 11:39 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 27 Apr 2025 11:39 PM IST
विज्ञापन
Even after inauguration, sports activities did not start in the sports hostel Duttnagar
खेल छात्रावास दत्तनगर । स्ंवाद
प्रदेश के 12 खेल छात्रावासों में हुए ट्रायल, दत्तनगर का नहीं जुड़ पाया नाम
विज्ञापन

उद्घाटन के बाद भी खेल छात्रावास दत्तनगर में शुरू नहीं हुई खेल गतिविधियां

साल 2020 से राजनीतिक और विभागीय उपेक्षा का शिकार बना खेल छात्रावास

करोड़ों खर्चे के बाद भी युवाओं को नहीं मिल रहा खेल प्रशिक्षण

संवाद न्यूज एजेंसी

रामपुर बुशहर। रामपुर क्षेत्र सहित चार जिलों के दुर्गम क्षेत्र के युवाओं की निराशा कब दूर होगी। प्रदेश के 12 खेल छात्रावासों के लिए युवा खिलाड़ियों के ट्रायल हुए, लेकिन दत्तनगर खेल छात्रावास इसमें अपना नाम इस वर्ष भी नहीं जोड़ पाया। उद्घाटन के एक वर्ष बाद भी यहां खेल गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। साल 2020 से यह खेल छात्रावास राजनीतिक और खेल विभाग की उपेक्षा का शिकार हो रहा है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी चार जिले के युवा इस खेल छात्रावास के लाभ से वंचित हैं। इसे सरकार की नाकामी कहें या फिर विभाग की अनदेखी। छात्रावास के निर्माण के सात वर्ष के बाद भी खिलाड़ियों को खेल छात्रावास दत्तनगर का लाभ नहीं मिल पाया है। बीते 24 अप्रैल को प्रदेश के 12 खेल छात्रावासों में प्रशिक्षण के लिए खिलाड़ियों के ट्रायल हुए, लेकिन दत्तनगर खेल छात्रावास में इस वर्ष भी ट्रायल नहीं हुए। क्षेत्र के युवाओं को उम्मीद थी कि छात्रावास का उद्घाटन होने के बाद अब यहां खेल गतिविधियां शुरू हो पाएंगी, लेकिन उनकी उम्मीदों पर फिर पानी फिर गया। ऐसे में युवाओं में भी रोष है। जो युवा इस वर्ष ट्रायल दे सकते थे, उन्हें अब अगले वर्ष प्रशिक्षण प्राप्त करने का लाभ नहीं मिल पाएगा। करीब 10 करोड़ की लागत से बने इस खेल छात्रावास का बीते वर्ष मार्च में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने उद्घाटन किया था। यहां युवा खिलाड़ियों को वॉलीबाल और बॉक्सिंग की प्रशिक्षण दिया जाना प्रस्तावित है। करोड़ों की लागत से इंडोर स्टेडियम और बहुमंजिला हॉस्टल का निर्माण किया गया, लेकिन अव्यवस्था का शिकार हुआ यह खेल छात्रावास कब तक यूं ही रहेगा, युवाओं में इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। खेल विभाग के मुताबिक अभी इस हास्टल को उसके अधीन नहीं लिया गया है। खेल छात्रावास में अभी भी निर्माण से संबंधी कई खामियां हैं , जिसे दूर किया जाना जरूरी है। खेल छात्रावास का न खुलना युवाओं के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ है।



खेल छात्रावास लोक निर्माण विभाग और खेल विभाग के बीच में झूल रहा है। ऐसे में चार जिले के युवा खेल प्रशिक्षण से वंचित हैं। वर्षों से युवा खेल छात्रावास के खुलने की आस लगाए बैठे हैं। - राजेंद्र ठाकुर, दत्तनगर पंचायत प्रधान
विज्ञापन


खेल छात्रावास दत्तनगर में अभी कई काम होने बाकी हैं। कार्य पूरा होने के बाद ही खेल विभाग इसे अपने अधीन लेगा। -- राकेश धौहटा, जिला खेल अधिकारी शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन


- संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed