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सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बेचने का सीटू ने किया विरोध
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रामपुर बुशहर। सीटू, इंटक, एटक सहित दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों, दर्जनों राष्ट्रीय फेडरेशनों और सैकड़ों किसान संगठनों के आह्वान पर श्रम कानूनों में बदलाव, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बेचने और किसान विरोधी अध्यादेशों के खिलाफ रविवार को झाकड़ी में धरना प्रदर्शन किया गया।
मजदूरों द्वारा भारत बचाओ दिवस और किसानों द्वारा किसान मुक्ति दिवस मनाया गया। सीटू के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सीटू राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, किसान सभा रामपुर के सचिव प्रेम, दयाल और मोहित ने केंद्र एवं प्रदेश सरकारों को चेताया है कि वह मजदूर और किसान विरोधी कदमों से हाथ पीछे खींचें अन्यथा मजदूर किसान आंदोलन तेज होगा। कोरोना महामारी के इस संकट काल में सरकारें मजदूरों, किसानों का खून चूस रही हैं और शोषण किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान में श्रम कानूनों में बदलाव इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार कोरोना काल में सभी किसानों का रबी फसल का कर्ज माफ करे और खरीफ फसल के लिए केसीसी जारी करे। किसानों को फसल का लागत से 50 फीसद अधिक दाम दिया जाए। किसानों के लिए वन नेशन वन मार्केट नहीं बल्कि वन नेशन वन एमएसपी की नीति लागू की जाए। इस मौके दिनेश, रमन शर्मा, सरोज, श्यामा, मंजू , सुशीला, रजनी, राधा, बिशना, मंगला, रविंद्र, शोकेंद्र, कमला, कली, उर्मिला, प्रदीप, पूनम, चेतन, कामल, बसंती, लक्ष्मी, सुखमनी, अनिता, शीला, जुंगरी, मीना, अनीता, उमा, देवेंद्र, मंजू, मनीता, सुमारी सोनी मौजूद रहे।
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मजदूरों द्वारा भारत बचाओ दिवस और किसानों द्वारा किसान मुक्ति दिवस मनाया गया। सीटू के जिलाध्यक्ष कुलदीप सिंह, सीटू राज्य उपाध्यक्ष बिहारी सेवगी, किसान सभा रामपुर के सचिव प्रेम, दयाल और मोहित ने केंद्र एवं प्रदेश सरकारों को चेताया है कि वह मजदूर और किसान विरोधी कदमों से हाथ पीछे खींचें अन्यथा मजदूर किसान आंदोलन तेज होगा। कोरोना महामारी के इस संकट काल में सरकारें मजदूरों, किसानों का खून चूस रही हैं और शोषण किया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र, राजस्थान में श्रम कानूनों में बदलाव इसी प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने मांग की है कि केंद्र सरकार कोरोना काल में सभी किसानों का रबी फसल का कर्ज माफ करे और खरीफ फसल के लिए केसीसी जारी करे। किसानों को फसल का लागत से 50 फीसद अधिक दाम दिया जाए। किसानों के लिए वन नेशन वन मार्केट नहीं बल्कि वन नेशन वन एमएसपी की नीति लागू की जाए। इस मौके दिनेश, रमन शर्मा, सरोज, श्यामा, मंजू , सुशीला, रजनी, राधा, बिशना, मंगला, रविंद्र, शोकेंद्र, कमला, कली, उर्मिला, प्रदीप, पूनम, चेतन, कामल, बसंती, लक्ष्मी, सुखमनी, अनिता, शीला, जुंगरी, मीना, अनीता, उमा, देवेंद्र, मंजू, मनीता, सुमारी सोनी मौजूद रहे।
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