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नप और एनएच प्राधिकरण की नाकामी से बढ़ा शहर में अतिक्रमण
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रामपुर बुशहर। रामपुर नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ी अतिक्रमण की समस्या के लिए सीधे तौर पर नगर परिषद जिम्मेवार है जबकि एनएच प्राधिकरण भी अतिक्रमण हटाने में नाकाम साबित हुआ है। बीते कई वर्षों में रामपुर स्थित एनएच पांच किनारे अतिक्रमण और अवैध कब्जों की संख्या में इजाफा हुआ है। हालांकि स्थानीय प्रशासन ने विभिन्न विभागों को अतिक्रमण से निपटने के सख्त निर्देश दिए हैं, बावजूद इसके धरातल की कहानी कुछ और ही बयां कर रही है।
गौर हो कि रामपुर में वर्षों से नगर परिषद की आंख तले अवैध तरीके से मुख्य बाजार में रेहड़ी-फड़ी सजाई जा रही है। अतिक्रमण इतना बढ़ गया है कि स्कूली बच्चों और आम लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। व्यापार मंडल ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। वहीं नेशनल हाईवे पांच किनारे डकोलढ़ से लेकर खनेरी तक बीते वर्षों में अवैध पार्किंग और कब्जों के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पुलिस, नगर परिषद और एनएच प्राधिकरण को अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटाने की सख्त हिदायत दी थी। वर्षों से अतिक्रमण निपटने के दावे तो हो रहे हैं, लेकिन ये दावे कभी धरातल पर उतर नहीं पाए। नगर परिषद, एनएच प्राधिकरण केवल नामात्र की कार्रवाई कर इतिश्री कर रहे हैं और सख्त कार्रवाई के अभाव में अतिक्रमण को लगातार बढ़ावा मिलता जा रहा है। नगर परिषद ने शहर में येलो लाइन लगाकर अतिक्रमण पर रोक लगाने की भी पहल की, लेकिन अतिक्रमण कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। नगर परिषद के सभी नौ वार्डों में अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। शुक्रवार को नगर परिषद ने सख्त निर्णय लेते हुए अतिक्रमण से सख्ती से निपटने का निर्णय तो ले लिया, लेकिन अतिक्रमण पर कितनी लगाम लगती है, यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा।
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गौर हो कि रामपुर में वर्षों से नगर परिषद की आंख तले अवैध तरीके से मुख्य बाजार में रेहड़ी-फड़ी सजाई जा रही है। अतिक्रमण इतना बढ़ गया है कि स्कूली बच्चों और आम लोगों को आवाजाही करने में दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। व्यापार मंडल ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अतिक्रमण पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। वहीं नेशनल हाईवे पांच किनारे डकोलढ़ से लेकर खनेरी तक बीते वर्षों में अवैध पार्किंग और कब्जों के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पुलिस, नगर परिषद और एनएच प्राधिकरण को अतिक्रमण और अवैध कब्जों को हटाने की सख्त हिदायत दी थी। वर्षों से अतिक्रमण निपटने के दावे तो हो रहे हैं, लेकिन ये दावे कभी धरातल पर उतर नहीं पाए। नगर परिषद, एनएच प्राधिकरण केवल नामात्र की कार्रवाई कर इतिश्री कर रहे हैं और सख्त कार्रवाई के अभाव में अतिक्रमण को लगातार बढ़ावा मिलता जा रहा है। नगर परिषद ने शहर में येलो लाइन लगाकर अतिक्रमण पर रोक लगाने की भी पहल की, लेकिन अतिक्रमण कम होने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। नगर परिषद के सभी नौ वार्डों में अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है। शुक्रवार को नगर परिषद ने सख्त निर्णय लेते हुए अतिक्रमण से सख्ती से निपटने का निर्णय तो ले लिया, लेकिन अतिक्रमण पर कितनी लगाम लगती है, यह तो आने वाला समय ही बता पाएगा।
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