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Rampur Bushahar News: छह माह बाद भी नहीं खुली डिजिटल लाईब्रेरी, न ही बढ़ी बैठने की व्यवस्था
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तहसील पुस्तकालय रामपुर में नहीं खुली डिजिटल लाइब्रेरी। संवाद
तहसील पुस्तकालय में वर्षों बाद भी युवाओं की दुश्वारियां बरकरार
नप ने उपायुक्त को भेजा था एस्टीमेट, बजट के अभाव में लटका मामला
ऊपरी दो मंजिला में प्रस्तावित है पुस्तकालय का विस्तार
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। उपायुक्त शिमला ने दिसंबर में निरीक्षण कर तहसील पुस्तकालय रामपुर में युवाओं की बढ़ती संख्या पर खुशी जताई थी। उपायुक्त ने युवाओं को डिजिटल लाइब्रेरी खोलने और अन्य सुविधाओं में सुधार लाने का आश्वासन दिया था। छह महीने बाद डिजिटल लाइब्रेरी खुलना तो दूर युवाओं को बैठने की व्यवस्था में सुधार तक नहीं हो पाया है। इस पुस्तकालय में वर्तमान में चार हजार से अधिक युवा पंजीकृत हैं, लेकिन यहां केवल 150 लोगों के बैठने की ही सुविधा है। नगर परिषद ने पुस्तकालय में बैठने की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया था, लेकिन बजट के अभाव में मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। युवाओं की पुस्तकालय के विस्तार की मांग वर्षों बाद भी अधूरी है।
रामपुर प्रमुख व्यापारिक केंद्र के साथ-साथ एजुकेशन हब भी है। यहां किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी और अन्य जिलों के युवा स्कूल, कॉलेज, बीएड, इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। युवाओं को नगर परिषद की ओर से संचालित तहसील पुस्तकालय का बीते कई वर्षों से लाभ मिल रहा है। यह पुस्तकालय युवाओं का भविष्य संवारने में अहम भूमिका निभा रहा है। तीन वर्ष में ही यहां अध्यनरत 100 से अधिक युवा सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में विभिन्न पदों पर चयनित हुए हैं।
घोषणा के बाद जारी नहीं हुई राशि
बीते वर्ष दिसंबर में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने इस पुस्तकालय को डिजिटल पुस्तकालय के रूप में विकसित करने के नगर परिषद को निर्देश दिए थे। पुस्तकालय का निरीक्षण कर उन्होंने खुशी जताई थी और सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए दस लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी। नगर परिषद ने एस्टीमेट तैयार कर उपायुक्त को भेजा, लेकिन अब तक कोई राशि जारी नहीं हो पाई है।
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सुविधा न होने से मायूस युवा
चार जिलों के हजारों युवाओं को लाभान्वित कर रहे इस पुस्तकालय में केवल 150 लोगों के बैठने की ही सुविधा है, जबकि पुस्तकालय के विस्तार को लेकर नगर परिषद ने प्रस्ताव तैयार किया है। पुस्तकालय के ऊपर दो मंजिलों में युवाओं को बैठने की सुविधा दी जानी प्रस्तावित है। यहां पहले जिम चल रहा था, जिसे हटाकर यहां बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इन दिनों युवा वर्ग पुस्तकालय पहुंचते हैं, लेकिन बैठने की सुविधा न मिलने से उन्हें मायूस वापस लौटना पड़ रहा है।
पुस्तकालय भवन की ऊपरी दो मंजिल में पुस्तकालय का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। नगर परिषद ने इसको लेकर करीब दो करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। उपायुक्त को भी एस्टीमेट तैयार कर भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई बजट नहीं मिल पाया है।-- बीआर नेगी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद
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नप ने उपायुक्त को भेजा था एस्टीमेट, बजट के अभाव में लटका मामला
ऊपरी दो मंजिला में प्रस्तावित है पुस्तकालय का विस्तार
सुभाष सेन
रामपुर बुशहर। उपायुक्त शिमला ने दिसंबर में निरीक्षण कर तहसील पुस्तकालय रामपुर में युवाओं की बढ़ती संख्या पर खुशी जताई थी। उपायुक्त ने युवाओं को डिजिटल लाइब्रेरी खोलने और अन्य सुविधाओं में सुधार लाने का आश्वासन दिया था। छह महीने बाद डिजिटल लाइब्रेरी खुलना तो दूर युवाओं को बैठने की व्यवस्था में सुधार तक नहीं हो पाया है। इस पुस्तकालय में वर्तमान में चार हजार से अधिक युवा पंजीकृत हैं, लेकिन यहां केवल 150 लोगों के बैठने की ही सुविधा है। नगर परिषद ने पुस्तकालय में बैठने की क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया था, लेकिन बजट के अभाव में मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है। युवाओं की पुस्तकालय के विस्तार की मांग वर्षों बाद भी अधूरी है।
रामपुर प्रमुख व्यापारिक केंद्र के साथ-साथ एजुकेशन हब भी है। यहां किन्नौर, शिमला, कुल्लू, मंडी और अन्य जिलों के युवा स्कूल, कॉलेज, बीएड, इंजीनियरिंग कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। युवाओं को नगर परिषद की ओर से संचालित तहसील पुस्तकालय का बीते कई वर्षों से लाभ मिल रहा है। यह पुस्तकालय युवाओं का भविष्य संवारने में अहम भूमिका निभा रहा है। तीन वर्ष में ही यहां अध्यनरत 100 से अधिक युवा सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में विभिन्न पदों पर चयनित हुए हैं।
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घोषणा के बाद जारी नहीं हुई राशि
बीते वर्ष दिसंबर में उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने इस पुस्तकालय को डिजिटल पुस्तकालय के रूप में विकसित करने के नगर परिषद को निर्देश दिए थे। पुस्तकालय का निरीक्षण कर उन्होंने खुशी जताई थी और सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए दस लाख रुपये की राशि देने की घोषणा की थी। नगर परिषद ने एस्टीमेट तैयार कर उपायुक्त को भेजा, लेकिन अब तक कोई राशि जारी नहीं हो पाई है।
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सुविधा न होने से मायूस युवा
चार जिलों के हजारों युवाओं को लाभान्वित कर रहे इस पुस्तकालय में केवल 150 लोगों के बैठने की ही सुविधा है, जबकि पुस्तकालय के विस्तार को लेकर नगर परिषद ने प्रस्ताव तैयार किया है। पुस्तकालय के ऊपर दो मंजिलों में युवाओं को बैठने की सुविधा दी जानी प्रस्तावित है। यहां पहले जिम चल रहा था, जिसे हटाकर यहां बैठने की व्यवस्था की जाएगी। इन दिनों युवा वर्ग पुस्तकालय पहुंचते हैं, लेकिन बैठने की सुविधा न मिलने से उन्हें मायूस वापस लौटना पड़ रहा है।
पुस्तकालय भवन की ऊपरी दो मंजिल में पुस्तकालय का विस्तार किया जाना प्रस्तावित है। नगर परिषद ने इसको लेकर करीब दो करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। उपायुक्त को भी एस्टीमेट तैयार कर भेजा गया था, लेकिन अब तक कोई बजट नहीं मिल पाया है।

तहसील पुस्तकालय रामपुर में नहीं खुली डिजिटल लाइब्रेरी। संवाद

तहसील पुस्तकालय रामपुर में नहीं खुली डिजिटल लाइब्रेरी। संवाद