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Rampur Bushahar News: एक चिकित्सक के हवाले तीन पंचायतों के मरीजों का स्वास्थ्य
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पीएचसी देवठी में स्टाफ की कमी से बढ़ी मरीजों की दुश्वारियां। संवाद
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. बुनियादी सुविधाओं को तरस रहा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवठी
. एक दशक से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त, धूल फांक रही मशीन
. फार्मासिस्ट, नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मी का पद भी पड़ा खाली
संवाद न्यू एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। चिकित्सा खंड रामपुर के अधीन 12/20 स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवठी बीते कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए सात पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक चिकित्सा अधिकारी और एकमात्र सफाई कर्मी ही तैनात है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का दंश झेल रहे हजारों लोगों में वर्तमान सरकार के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट अधिकारी, स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन, रेडियोग्राफर का एक पद और एक पद चतुर्थ श्रेणी का रिक्त चल रहा है। तीन पंचायतों देवठी, कूहल और मुनिश पंचायत के ग्रामीण रोजाना प्राथमिक उपचार के लिए देवठी पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सातवें वित्त आयोग और स्थानीय विधायक नंद लाल के गृह क्षेत्र का यह हाल है, तो प्रदेश के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का क्या होगा, यह गहन चिंता का विषय है। विधायक के गृह क्षेत्र में लोगों का गुस्सा इस कदर बढ़ चुका है कि जिसका परिणाम हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में भी देखने को मिला है, उनके गृह क्षेत्र में कूहल और देवठी पंचायतों में कांग्रेस का किला पूर्णतया ध्वस्त हुआ, जो इतिहास में पहली बार मतदाताओं ने साफ संदेश बयां किया है। बताते चलें वीरभद्र सिंह सरकार के कार्यकाल में इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए बाकायदा 10 रोगी बिस्तरों की व्यवस्था करवा रखी थी, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रोगियों के बिस्तर खाली पड़े हैं। तीन पंचायतों के हजारों लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लाभान्वित होते हैं, लेकिन रिक्त पदों के कारण परेशानी झेल रहे हैं।
आंदोलन करने के लिए होंगे मजबूर
ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित एक्सरे मशीन रेडियोलॉजिस्ट न होने से सफेद हाथी साबित हो रही है। स्वास्थ्य केंद्र के लिए सरकार की ओर से स्वीकृत रोगी वाहन चालक न होने से जंग खा रही है, जिसका रोगियों के लिए कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। गंभीर बीमारी की हालत में उपचार के लिए मरीजों को रामपुर करीब पचास किलोमीटर दूरी तय कर लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। गोविंद सिंह, कमल चाई, कुलदीप मोहन नेगी, रवि शिरशू, यशपाल, प्रेम चौहान, श्याम मुरारी, राकेश, अक्षय कुमार, मदन लाल, राजेंद्र सिंह, राजवीर सहित सैकड़ों लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य महकमे को चेताया कि यदि समय रहते रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई, तो हजारों लोग सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवठी में सात पदों में से एक चिकित्सा अधिकारी और सफाई कर्मी ही सेवाएं दे रहे हैं। विभागीय उच्चाधिकारियों के संज्ञान में रिक्त पदों का मामला समय-समय पर उठाया जा रहा है। उम्मीद जताई कि सरकार जल्द स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करेगी।-- -- डॉ. गगन शर्मा, खंड चिकित्सा अधिकारी रामपुर
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. एक दशक से रेडियोलॉजिस्ट का पद रिक्त, धूल फांक रही मशीन
. फार्मासिस्ट, नर्स और चतुर्थ श्रेणी कर्मी का पद भी पड़ा खाली
संवाद न्यू एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। चिकित्सा खंड रामपुर के अधीन 12/20 स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवठी बीते कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए सात पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में एक चिकित्सा अधिकारी और एकमात्र सफाई कर्मी ही तैनात है। प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी का दंश झेल रहे हजारों लोगों में वर्तमान सरकार के प्रति गहरा रोष व्याप्त है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट अधिकारी, स्टाफ नर्स, लैब तकनीशियन, रेडियोग्राफर का एक पद और एक पद चतुर्थ श्रेणी का रिक्त चल रहा है। तीन पंचायतों देवठी, कूहल और मुनिश पंचायत के ग्रामीण रोजाना प्राथमिक उपचार के लिए देवठी पहुंचते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सातवें वित्त आयोग और स्थानीय विधायक नंद लाल के गृह क्षेत्र का यह हाल है, तो प्रदेश के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का क्या होगा, यह गहन चिंता का विषय है। विधायक के गृह क्षेत्र में लोगों का गुस्सा इस कदर बढ़ चुका है कि जिसका परिणाम हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में भी देखने को मिला है, उनके गृह क्षेत्र में कूहल और देवठी पंचायतों में कांग्रेस का किला पूर्णतया ध्वस्त हुआ, जो इतिहास में पहली बार मतदाताओं ने साफ संदेश बयां किया है। बताते चलें वीरभद्र सिंह सरकार के कार्यकाल में इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए बाकायदा 10 रोगी बिस्तरों की व्यवस्था करवा रखी थी, लेकिन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में रोगियों के बिस्तर खाली पड़े हैं। तीन पंचायतों के हजारों लोग प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से लाभान्वित होते हैं, लेकिन रिक्त पदों के कारण परेशानी झेल रहे हैं।
आंदोलन करने के लिए होंगे मजबूर
ग्रामीणों का कहना है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थापित एक्सरे मशीन रेडियोलॉजिस्ट न होने से सफेद हाथी साबित हो रही है। स्वास्थ्य केंद्र के लिए सरकार की ओर से स्वीकृत रोगी वाहन चालक न होने से जंग खा रही है, जिसका रोगियों के लिए कोई फायदा नहीं मिल पा रहा है। गंभीर बीमारी की हालत में उपचार के लिए मरीजों को रामपुर करीब पचास किलोमीटर दूरी तय कर लंबी दौड़ लगानी पड़ रही है। गोविंद सिंह, कमल चाई, कुलदीप मोहन नेगी, रवि शिरशू, यशपाल, प्रेम चौहान, श्याम मुरारी, राकेश, अक्षय कुमार, मदन लाल, राजेंद्र सिंह, राजवीर सहित सैकड़ों लोगों ने प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य महकमे को चेताया कि यदि समय रहते रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई, तो हजारों लोग सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवठी में सात पदों में से एक चिकित्सा अधिकारी और सफाई कर्मी ही सेवाएं दे रहे हैं। विभागीय उच्चाधिकारियों के संज्ञान में रिक्त पदों का मामला समय-समय पर उठाया जा रहा है। उम्मीद जताई कि सरकार जल्द स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करेगी।
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