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Rampur Bushahar News: माता दमासन मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा में उमड़े श्रद्धालु
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कुशवा में 70 लाख की लागत से तैयार हुआ देवी माता दमासन का नवनिर्मित मंदिर। स्रोत : जागरूक पाठक
70 लाख की से चार साल में हुए निर्माण
छह देवी-देवताओं के सानिध्य में आयोजन
2019 में आग की भेंट चढ़ गया था माता का मंदिर, देव विदाई के साथ 8 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न
सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर लौटे देवी-देवता
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। विकास खंड निरमंड की कुशवा पंचायत में माता दमासन का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है। करीब चार वर्ष की अवधि में निर्मित मंदिर पर लगभग 70 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। क्षेत्र के छह आराध्य देवी-देवताओं के सानिध्य में नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान संपन्न हुआ। आठ दिवसीय कार्यक्रम का समापन देव विदाई के साथ हुआ। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गौरतलब है कि 9 सितंबर 2019 को माता दमासन का ऐतिहासिक मंदिर आग की भेंट चढ़ गया था। इससे लाखों का नुकसान हुआ और मंदिर पूरी तरह नष्ट हो गया था। इसके बाद मंदिर कमेटी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। निर्माण कार्य के लिए भाषा कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा 25 लाख रुपये और लाडा के तहत करीब 31 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी अपनी आस्था के अनुसार योगदान दिया।
देवी के आदेशानुसार 2 अप्रैल 2022 को भूमि पूजन के साथ मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो करीब 4 वर्ष 22 दिन में पूरा किया गया। 19 अप्रैल से प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आरंभ हुआ। इसमें मंदिर कमेटी द्वारा दूरदराज से आए श्रद्धालुओं और देवी-देवताओं का भव्य स्वागत किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र के आराध्य देवता झाकड़ू नाग सरघा, देवता ढरोपू चंभू, देवी माता कलासन कोयल, देवता चंभू झाकड़ी, देवता भराड़ू किमचा और माता दमासन की उपस्थिति में प्राण-प्रतिष्ठा हुई। इस दौरान देवी-देवताओं का ऐतिहासिक मिलन भी देखने को मिला, जिसका हजारों लोगों ने साक्षी बनकर दर्शन किया। क्षेत्र के 28 महिला मंडलों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
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मंदिर कमेटी के प्रधान हंसराज ठाकुर ने बताया कि मंदिर निर्माण में करीब चार वर्ष का समय लगा। यह कार्य जनसहयोग से संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। शुक्रवार शाम को देवी-देवताओं ने क्षेत्रवासियों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर विदाई ली।
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छह देवी-देवताओं के सानिध्य में आयोजन
2019 में आग की भेंट चढ़ गया था माता का मंदिर, देव विदाई के साथ 8 दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान संपन्न
सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर लौटे देवी-देवता
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। विकास खंड निरमंड की कुशवा पंचायत में माता दमासन का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो गया है। करीब चार वर्ष की अवधि में निर्मित मंदिर पर लगभग 70 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। क्षेत्र के छह आराध्य देवी-देवताओं के सानिध्य में नवनिर्मित मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान संपन्न हुआ। आठ दिवसीय कार्यक्रम का समापन देव विदाई के साथ हुआ। इसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
गौरतलब है कि 9 सितंबर 2019 को माता दमासन का ऐतिहासिक मंदिर आग की भेंट चढ़ गया था। इससे लाखों का नुकसान हुआ और मंदिर पूरी तरह नष्ट हो गया था। इसके बाद मंदिर कमेटी और स्थानीय लोगों के सहयोग से पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई। निर्माण कार्य के लिए भाषा कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा 25 लाख रुपये और लाडा के तहत करीब 31 लाख रुपये की राशि उपलब्ध करवाई गई। इसके अतिरिक्त स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने भी अपनी आस्था के अनुसार योगदान दिया।
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देवी के आदेशानुसार 2 अप्रैल 2022 को भूमि पूजन के साथ मंदिर निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो करीब 4 वर्ष 22 दिन में पूरा किया गया। 19 अप्रैल से प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम आरंभ हुआ। इसमें मंदिर कमेटी द्वारा दूरदराज से आए श्रद्धालुओं और देवी-देवताओं का भव्य स्वागत किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान में क्षेत्र के आराध्य देवता झाकड़ू नाग सरघा, देवता ढरोपू चंभू, देवी माता कलासन कोयल, देवता चंभू झाकड़ी, देवता भराड़ू किमचा और माता दमासन की उपस्थिति में प्राण-प्रतिष्ठा हुई। इस दौरान देवी-देवताओं का ऐतिहासिक मिलन भी देखने को मिला, जिसका हजारों लोगों ने साक्षी बनकर दर्शन किया। क्षेत्र के 28 महिला मंडलों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
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मंदिर कमेटी के प्रधान हंसराज ठाकुर ने बताया कि मंदिर निर्माण में करीब चार वर्ष का समय लगा। यह कार्य जनसहयोग से संभव हो पाया। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष बना दिया। शुक्रवार शाम को देवी-देवताओं ने क्षेत्रवासियों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देकर विदाई ली।

कुशवा में 70 लाख की लागत से तैयार हुआ देवी माता दमासन का नवनिर्मित मंदिर। स्रोत : जागरूक पाठक