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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Demand to give tribal status to Nerwa, Kupvi and Chaupal

Rampur Bushahar News: नेरवा, कुपवी और चौपाल को जनजातीय दर्जा देने की मांग

Wed, 04 Dec 2024 11:46 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Dec 2024 11:46 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
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नेरवा (रोहड़ू)। उपमंडल चौपाल की तहसील नेरवा, कुपवी और चौपाल को जनजातीय दर्जा देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। हालांकि, लोगों ने अभी तक किसी आंदोलन की घोषणा नहीं की है, लेकिन इस मांग को लेकर इन क्षेत्रों के लोगों का खुमलियों का दौर दोबारा शुरू हो गया है। लोग अब हर प्रकार से अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों की आवाज दिन-प्रतिदिन बुलंद होती जा रही है। नेरवा, चौपाल और कुपवी के पुरातन इतिहास, सामाजिक, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिस्थितियों के मद्देनजर इन क्षेत्रों को भी जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र के साथ जनजातीय दर्जा प्रदान किए जाने की मांग लंबे समय से हो रही है। गिरिपार के निवासियों को सरकार ने बीते विधानसभा चुनावों से पूर्व जनजातीय क्षेत्र घोषित कर दिया, जबकि चौपाल उपमंडल के लोगों की मांग को अनदेखा कर दिया। केंद्रीय हाटी समिति अब सरकार को दोबारा एक मांगपत्र भेजने जा रही है। पत्र के साथ उत्तराखंड के जौनसार बाबर, गिरिपार और उक्त क्षेत्रों के संदर्भ में एक प्रामाणिक शोधपत्र संलग्न कर तथ्य प्रेषित किए हैं। केंद्रीय हाटी समिति ने तथ्यात्मक प्रमाण के साथ कहा है कि जिला सिरमौर के गिरिपार और इसके साथ लगते नेरवा, चौपाल व कुपवी के दुर्गम क्षेत्र का हाटी कबीला अलग अलग नहीं बल्कि मानव इतिहास, भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आर्थिक दृष्टि से एक समान और अभिन्न है !

इतिहासकारों के अनुसार, हाटी कबीलाई क्षेत्रों में रह रही सभी जातियां आदिम कोल, आदिम कुलिंद और आदिम खश जातियों से अपने-अपने कर्म अनुसार बनी हुई है। दोनों क्षेत्रों की इन समानताओं के अलावा इनका रहन-सहन, रीति-रिवाज, खान-पान और पहनावा एक जैसा है। केंद्रीय हाटी समिति ने उपरोक्त सभी तथ्यों को सरकार के समक्ष रखा है। समिति ने मांग की है कि गिरिपार की सात तहसीलों व उप तहसीलों के साथ जिला शिमला की नेरवा, चौपाल और कुपवी दुर्गम तहसील के हाटी समुदाय को भी भारतीय संविधान के अंतर्गत अनुसूचित जनजाति वर्ग में अधिसूचित कर शामिल किया जाए। - अमर सिंह सिंगटा, हाटी समिति के संगठन सचिव
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