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Rampur Bushahar News: दिल्ली की संस्था ने भटोली कलां पार्क को लिया गोद
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पार्क में लगाए 711 छायादार पौधे, सफाई भी की
पार्क की हालत सुधरने पर लोगों ने टहलना शुरू कर दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। दिल्ली की संस्था ग्रीन ड्रीम फाउंडेशन ने भटोली कलां स्थित हिमुडा के पार्क को गोद ले लिया है। संस्था ने इस पार्क की पहले सफाई की और उसके बाद इसे हरा-भरा करने के लिए यहां 700 से अधिक पौधे लगाए। एक समय में यह पार्क वीरान था। यहां पर असामाजिक तत्वों को बोल बाला था, लेकिन अब यहां पर लोग वापस टहलने के लिए आने लगे हैं। संस्था ने इस पार्क के रख-रखाव के लिए कर्मचारी तैनात किए हैं, जो हर रोज यहां पौधों की देखभाल और सफाई का ध्यान रखते हैं। अब यह पार्क लोगों की टहलने की सबसे पसंदीदा पार्क बन गया है। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आशीष सचदेवा व कार्यक्रम अधिकारी ममशाद ने दयनीय हालत देखकर इस पार्क को गोद ले लिया है। यहां पहले सफाई कर्मचारी लगाकर इसकी झाड़ियां काटी गईं। पहले यह पार्क नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ था। यहां आवासीय काॅलोनी से कोई भी व्यक्ति सैर के लिए नहीं आता था। पार्क में घास व झाड़ियां होने से इसकी दशा दयनीय हो गई है। संस्था ने अब यहां पर 711 विभिन्न प्रजाति के पौधे लगा दिए हैं। यह पौधे अब हरे-भरे हो गए हैं। हिमुडा के अधिकारियों ने इस पार्क का भ्रमण किया और संस्था की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की है। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अशीष सचदेवा ने बताया कि पौधे लगाने के बाद अब वह यहां पर पार्क में बैठने के लिए बैंच व झूले लगाने की सोच रहे हैं, जिससे यहां बुजुर्ग बैंच पर बैठ सकें और बच्चे झूलों का आनंद ले सकें। यहां पौधे लगाने का उनका उद्देश्य बद्दी में बढ़ रहे कार्बन डाइआक्साइड को कम करना भी है।
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पार्क की हालत सुधरने पर लोगों ने टहलना शुरू कर दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। दिल्ली की संस्था ग्रीन ड्रीम फाउंडेशन ने भटोली कलां स्थित हिमुडा के पार्क को गोद ले लिया है। संस्था ने इस पार्क की पहले सफाई की और उसके बाद इसे हरा-भरा करने के लिए यहां 700 से अधिक पौधे लगाए। एक समय में यह पार्क वीरान था। यहां पर असामाजिक तत्वों को बोल बाला था, लेकिन अब यहां पर लोग वापस टहलने के लिए आने लगे हैं। संस्था ने इस पार्क के रख-रखाव के लिए कर्मचारी तैनात किए हैं, जो हर रोज यहां पौधों की देखभाल और सफाई का ध्यान रखते हैं। अब यह पार्क लोगों की टहलने की सबसे पसंदीदा पार्क बन गया है। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष आशीष सचदेवा व कार्यक्रम अधिकारी ममशाद ने दयनीय हालत देखकर इस पार्क को गोद ले लिया है। यहां पहले सफाई कर्मचारी लगाकर इसकी झाड़ियां काटी गईं। पहले यह पार्क नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ था। यहां आवासीय काॅलोनी से कोई भी व्यक्ति सैर के लिए नहीं आता था। पार्क में घास व झाड़ियां होने से इसकी दशा दयनीय हो गई है। संस्था ने अब यहां पर 711 विभिन्न प्रजाति के पौधे लगा दिए हैं। यह पौधे अब हरे-भरे हो गए हैं। हिमुडा के अधिकारियों ने इस पार्क का भ्रमण किया और संस्था की ओर से किए गए प्रयासों की सराहना की है। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष अशीष सचदेवा ने बताया कि पौधे लगाने के बाद अब वह यहां पर पार्क में बैठने के लिए बैंच व झूले लगाने की सोच रहे हैं, जिससे यहां बुजुर्ग बैंच पर बैठ सकें और बच्चे झूलों का आनंद ले सकें। यहां पौधे लगाने का उनका उद्देश्य बद्दी में बढ़ रहे कार्बन डाइआक्साइड को कम करना भी है।