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Rampur Bushahar News: मझगांव में ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे ग्रामीण
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महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक परिधानों में सजधज कर डाली नाटी
एक सितंबर तक सजेगा फुल्याच पर्व, हजारों लोग नवाएंगे शीश
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जिले की रूपी पंचायत के मझगांव में पारंपरिक फुल्याच पर्व शुरू हो गया है। पर्व को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। इस अवसर पर गांव में पारंपरिक लोक संस्कृति और देव परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली।
फुल्याच पर्व में गांव में नाटियों का खूब दौर चला। महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नाटी डाली। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और संस्कृति के अनुरूप पर्व में हिस्सा लेकर अपनी समृद्ध लोक परंपराओं को आगे बढ़ाया। वहीं भावी पीढ़ी को संस्कृति संजोने का संदेश दिया। फुल्याच पर्व इष्ट देवता महादेव टेरेस नारायण, सुरू टेरेस नारायण और थंबा वीर के सानिध्य में मनाया जा रहा है। ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाओं और पुरुषों ने नाटियों का दौर चलाया। दिनभर वाद्य यंत्रों की धुनों पर ग्रामीण और देवलू खूब झूमे। देर शाम तक नाटियों का दौर चला। आगामी चार दिनों में ग्रामीण मेले में दिनभर नाटियों का दौर चलाएंगे। तीनों देवता साहिब की अगुवाई में मझगांव मंदिर में 1 सितंबर तक पर्व मनाया जाएगा। मेले में पहुंचे सैकड़ों लोगों ने देवताओं के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
वहीं, टेरेस नारायण देवता साहिब के मोतमीन करतार सिंह नेगी ने कहा कि फुल्याच पर्व किन्नौर की समृद्ध देव संस्कृति और लोक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों से जोड़ने का अवसर मिलता है।
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एक सितंबर तक सजेगा फुल्याच पर्व, हजारों लोग नवाएंगे शीश
संवाद न्यूज एजेंसी
सांगला (किन्नौर)। जिले की रूपी पंचायत के मझगांव में पारंपरिक फुल्याच पर्व शुरू हो गया है। पर्व को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह है। इस अवसर पर गांव में पारंपरिक लोक संस्कृति और देव परंपराओं की अनूठी झलक देखने को मिली।
फुल्याच पर्व में गांव में नाटियों का खूब दौर चला। महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक परिधानों में सजधज कर ढोल-नगाड़ों की थाप पर सामूहिक नाटी डाली। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों और संस्कृति के अनुरूप पर्व में हिस्सा लेकर अपनी समृद्ध लोक परंपराओं को आगे बढ़ाया। वहीं भावी पीढ़ी को संस्कृति संजोने का संदेश दिया। फुल्याच पर्व इष्ट देवता महादेव टेरेस नारायण, सुरू टेरेस नारायण और थंबा वीर के सानिध्य में मनाया जा रहा है। ढोल-नगाड़ों की थाप पर महिलाओं और पुरुषों ने नाटियों का दौर चलाया। दिनभर वाद्य यंत्रों की धुनों पर ग्रामीण और देवलू खूब झूमे। देर शाम तक नाटियों का दौर चला। आगामी चार दिनों में ग्रामीण मेले में दिनभर नाटियों का दौर चलाएंगे। तीनों देवता साहिब की अगुवाई में मझगांव मंदिर में 1 सितंबर तक पर्व मनाया जाएगा। मेले में पहुंचे सैकड़ों लोगों ने देवताओं के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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वहीं, टेरेस नारायण देवता साहिब के मोतमीन करतार सिंह नेगी ने कहा कि फुल्याच पर्व किन्नौर की समृद्ध देव संस्कृति और लोक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, परंपराओं और रीति-रिवाजों से जोड़ने का अवसर मिलता है।
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