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Rampur Bushahar News: मेले में देवी साहिबा का आशीर्वाद लेने उमड़ी भीड़
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परशुराम मंदिर परिसर में धूमधाम से मनाया मेला
ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे नोगवैली के ग्रामीण
साल में एक बार भादो मेले में ही मंदिर से बाहर निकलती है देवी साहिबा
सैकड़ों लोगों ने लिया सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की नोगवैली के ऐतिहासिक एवं पारंपरिक परशुराम मंदिर परिसर में भादो मेला धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर दिन भर नाटी डाली और अराध्य देवी-देवता का आशीर्वाद लिया। प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए परशुराम मंदिर प्रांगण में भादो मेले का आयोजन मंदिर समिति द्वारा धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर देवता साहिब दमुख और देवी साहिबा का रथ विशेष तौर पर लोगों के दर्शनार्थ के लिए खूब सजाए गए थे।
गौर हो कि देवी साहिबा साल में एक बार ही भादों मेले में दशोटी के लोगों के समक्ष आशीर्वाद देने निकलती हैं। दशोटी के लोगों को बेसब्री से अपनी ईष्ट देवी के दीदार और आशीर्वाद प्राप्त करने का इंतजार रहता है। वहीं मेले में सैकड़ों की संख्या में दूर-दूर से लोगों ने शिरकत की और देवी-देवता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इसके अलावा मंदिर परिसर में देवी-देवता संग ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों की धुन पर खूब नाटी डाली। विभिन्न क्षेत्रों से अपने रिश्तेदारों के पास पहुंचे लोगों ने भी मेले में नाटी का लुत्फ उठाया और देवी-देवता का आशीर्वाद लिया। नियमानुसार इस मर्तबा ग्रामवासी पनोली को भार मुक्त कर ग्राम वासी डंसा को एक साल के लिए देवलू की जिम्मेवारी मंदिर समिति ने सौंपी है। वहीं देवता साहिब दमुख की उपस्थिति में छतर सिंह कायस्थ और ब्रहमा नंद शर्मा को देवलू कारदार की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मौके पर परशु राम मंदिर समिति प्रधान खेलचंद नेगी, उप प्रधान गौरी दत्त नेगी, महासचिव जीएल डमालू, कोषाध्यक्ष दुर्गा दत्त शर्मा, कारदार फूला सिंह, चरण सिंह, वीरबल नेगी, केदार, सुरंजन और रूपदास सहित कई अन्य मौजूद रहे।
बॉक्स
सैकड़ों साल पहले चुराकर लाई गईं थी देवी साहिबा
मान्यता के अनुसार सैकड़ों साल पहले देवी साहिबा को ज्ञाहरू नाग शनेरी के मंदिर से देवता साहिब दमुख चुरा कर लाया था। उसके दंड स्वरूप काकड़ा नामक सल्टा (खेत) गिरवी रखना पड़ा था, तब से देवी साहिबा डंसा मंदिर में स्थापित हुईं। मेले में सैकड़ों लोगों ने देवी साहिबा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
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ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमे नोगवैली के ग्रामीण
साल में एक बार भादो मेले में ही मंदिर से बाहर निकलती है देवी साहिबा
सैकड़ों लोगों ने लिया सुख-समृद्धि का आशीर्वाद
संवाद न्यूज एजेंसी
डंसा (रामपुर बुशहर)। रामपुर उपमंडल की नोगवैली के ऐतिहासिक एवं पारंपरिक परशुराम मंदिर परिसर में भादो मेला धूमधाम से मनाया गया। मंदिर में पारंपरिक वेशभूषा में सजधज कर ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों की थाप पर दिन भर नाटी डाली और अराध्य देवी-देवता का आशीर्वाद लिया। प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा का निर्वहन करते हुए परशुराम मंदिर प्रांगण में भादो मेले का आयोजन मंदिर समिति द्वारा धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर देवता साहिब दमुख और देवी साहिबा का रथ विशेष तौर पर लोगों के दर्शनार्थ के लिए खूब सजाए गए थे।
गौर हो कि देवी साहिबा साल में एक बार ही भादों मेले में दशोटी के लोगों के समक्ष आशीर्वाद देने निकलती हैं। दशोटी के लोगों को बेसब्री से अपनी ईष्ट देवी के दीदार और आशीर्वाद प्राप्त करने का इंतजार रहता है। वहीं मेले में सैकड़ों की संख्या में दूर-दूर से लोगों ने शिरकत की और देवी-देवता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया। इसके अलावा मंदिर परिसर में देवी-देवता संग ग्रामीणों ने वाद्य यंत्रों की धुन पर खूब नाटी डाली। विभिन्न क्षेत्रों से अपने रिश्तेदारों के पास पहुंचे लोगों ने भी मेले में नाटी का लुत्फ उठाया और देवी-देवता का आशीर्वाद लिया। नियमानुसार इस मर्तबा ग्रामवासी पनोली को भार मुक्त कर ग्राम वासी डंसा को एक साल के लिए देवलू की जिम्मेवारी मंदिर समिति ने सौंपी है। वहीं देवता साहिब दमुख की उपस्थिति में छतर सिंह कायस्थ और ब्रहमा नंद शर्मा को देवलू कारदार की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस मौके पर परशु राम मंदिर समिति प्रधान खेलचंद नेगी, उप प्रधान गौरी दत्त नेगी, महासचिव जीएल डमालू, कोषाध्यक्ष दुर्गा दत्त शर्मा, कारदार फूला सिंह, चरण सिंह, वीरबल नेगी, केदार, सुरंजन और रूपदास सहित कई अन्य मौजूद रहे।
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सैकड़ों साल पहले चुराकर लाई गईं थी देवी साहिबा
मान्यता के अनुसार सैकड़ों साल पहले देवी साहिबा को ज्ञाहरू नाग शनेरी के मंदिर से देवता साहिब दमुख चुरा कर लाया था। उसके दंड स्वरूप काकड़ा नामक सल्टा (खेत) गिरवी रखना पड़ा था, तब से देवी साहिबा डंसा मंदिर में स्थापित हुईं। मेले में सैकड़ों लोगों ने देवी साहिबा से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद लिया।
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