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दुष्कर्म के दोषी को सात साल का कठोर कारावास
Updated Tue, 09 Jan 2018 07:17 PM IST
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रामपुर बुशहर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने मंगलवार को फैसला सुनाते हुए नाबालिग के साथ दुराचार के एक मामले में दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा दोषी को 20 हजार रुपये का जुर्माना भी किया। जुर्माना अदा न करने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस थाना निरमंड में वर्ष 2012 में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत संगत राम पुत्र मूरत राम, गांव नयाधारटा, तहसील निरमंड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 16 जून 2012 को दोपहर बाद सातवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा अपनी सहेली के साथ स्कूल से अपने घर की ओर जा रही थी। इस दौरान संगत राम ने नाबालिग के साथ जबरन दुराचार किया। छात्रा की सहेली ने नाबालिग के अभिभावकों को इसकी जानकारी दी। इस घटना के बाद पीड़िता के अभिभावक ने पुलिस थाना निरमंड में मामला दर्ज करवाया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन की और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत कोर्ट में चालान पेश किया। इसके बाद कोर्ट ने सबूतों, पुलिस छानबीन और गवाहों की सुनवाई के बाद दोषी को यह सजा सुनाई है। इस मामले में सरकार की तरफ से उप जिला न्यायवादी किन्नौर एट रामपुर बुशहर कुलभूषण गौतम ने पैरवी की।
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पुलिस थाना निरमंड में वर्ष 2012 में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत संगत राम पुत्र मूरत राम, गांव नयाधारटा, तहसील निरमंड के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 16 जून 2012 को दोपहर बाद सातवीं कक्षा की नाबालिग छात्रा अपनी सहेली के साथ स्कूल से अपने घर की ओर जा रही थी। इस दौरान संगत राम ने नाबालिग के साथ जबरन दुराचार किया। छात्रा की सहेली ने नाबालिग के अभिभावकों को इसकी जानकारी दी। इस घटना के बाद पीड़िता के अभिभावक ने पुलिस थाना निरमंड में मामला दर्ज करवाया। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने छानबीन की और भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के तहत कोर्ट में चालान पेश किया। इसके बाद कोर्ट ने सबूतों, पुलिस छानबीन और गवाहों की सुनवाई के बाद दोषी को यह सजा सुनाई है। इस मामले में सरकार की तरफ से उप जिला न्यायवादी किन्नौर एट रामपुर बुशहर कुलभूषण गौतम ने पैरवी की।
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