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पहले पति खोया, अब एकमात्र सहारा बेटा भी नहीं रहा
Updated Sat, 27 Jan 2018 09:39 PM IST
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नेरवा। नौ माह पहले दुर्घटना में पति खोया और अब शुक्रवार की शाम सगरोठी में हुए कार हादसे में पिंकी का इकलौता बेटा छिन गया। नौ माह पूर्व गुम्मा बस हादसे में 19 अप्रैल को पिंकी के पति सोहन सिंह, पुत्री शकुंतला व नातिन दिव्या की मौत हो गई थी। अब हादसे ने पिंकी के मन में खौफ पैदा कर दिया था। वह जब भी हादसे के बारे में सुनती थी तो बेसुध हो जाती थी। पिंकी का बेटा बवेश उसका एक मात्र सहारा बचा था। बवेश निजी गाड़ी चलाता था।
हादसे से खौफजदा पिंकी अपने बेटे को चालक का कार्य छोड़ देने को कहती रहती। लेकिन वह अपनी मां की बात को नहीं मान रहा था। पिंकी कभी भी बेटे के घर पहुंचने तक भोजन नहीं खाती थी। पिंकी इतनी बेसुध हो गई कि कार हादसे को सच नहीं मान रही है। उसको अभी विश्वास नहीं हो रहा कि उसका बेटी अब दुनिया में नहीं है। घर में रिश्तेदारों व गांव के लोगों को देखकर पिंकी बार-बार पूछ रही कि उसका बेटा बवेश कब लौट रहा है। बेसुध माता को देखकर घर में पहुंच रहे हर व्यक्ति की आंखें नम हो रही हैं। युवा का अंतिम संस्कार शनिवार को उसके गांव में किया गया।
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हादसे से खौफजदा पिंकी अपने बेटे को चालक का कार्य छोड़ देने को कहती रहती। लेकिन वह अपनी मां की बात को नहीं मान रहा था। पिंकी कभी भी बेटे के घर पहुंचने तक भोजन नहीं खाती थी। पिंकी इतनी बेसुध हो गई कि कार हादसे को सच नहीं मान रही है। उसको अभी विश्वास नहीं हो रहा कि उसका बेटी अब दुनिया में नहीं है। घर में रिश्तेदारों व गांव के लोगों को देखकर पिंकी बार-बार पूछ रही कि उसका बेटा बवेश कब लौट रहा है। बेसुध माता को देखकर घर में पहुंच रहे हर व्यक्ति की आंखें नम हो रही हैं। युवा का अंतिम संस्कार शनिवार को उसके गांव में किया गया।
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