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मां का इंतजार करती रह गईं नन्ही अनुष्का, एंजल
Updated Sat, 27 Jan 2018 09:38 PM IST
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दलाश (कुल्लू)। आनी उपमंडल की दलाश पंचायत के गोहाण गांव में जंगल की आग से झुलसी गीता देवी (33) की शनिवार सुबह करीब सात बजे पीजीआई चंडीगढ़ में मौत हो गई। गीता देवी अपने पीछे दो बेटियां एंजल (7) और अनुष्का (5) को छोड़ गई है। दोनों बेटियां मां के घर लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी।
छोटी बेटी अनुष्का कह रही है कि उसकी मम्मी शिमला घूमने गई है और उसे खिलौने लेकर आएगी। उस बेचारी को क्या पता कि जिस मां का वह बेसब्री से इंतजार कर रही है, वह अब कभी भी वापस नहीं आ सकेगी। गीता अपने मायके गोहाण गांव में अपने माता-पिता से मिलने गई थी। अभागी गीता जो बेचारी अपने माता-पिता से सुख-दुख सांझा करने आई थी उसके क्या मालूम था कि जंगल की आग उसे हमेशा के लिए सबसे दूर ले जाएगी। दलाश क्षेत्र में आग में झुलसने से मौत का यह पहला मामला है। गौर रहे कि जंगल की आग से घर को बचाते समय गीता बुरी तरह से झुलस गई थी। इसके बाद उसे शिमला और वहां से चंडीगढ़ रेफर किया गया था। वहां पर उसका उपचार चल रहा था।
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छोटी बेटी अनुष्का कह रही है कि उसकी मम्मी शिमला घूमने गई है और उसे खिलौने लेकर आएगी। उस बेचारी को क्या पता कि जिस मां का वह बेसब्री से इंतजार कर रही है, वह अब कभी भी वापस नहीं आ सकेगी। गीता अपने मायके गोहाण गांव में अपने माता-पिता से मिलने गई थी। अभागी गीता जो बेचारी अपने माता-पिता से सुख-दुख सांझा करने आई थी उसके क्या मालूम था कि जंगल की आग उसे हमेशा के लिए सबसे दूर ले जाएगी। दलाश क्षेत्र में आग में झुलसने से मौत का यह पहला मामला है। गौर रहे कि जंगल की आग से घर को बचाते समय गीता बुरी तरह से झुलस गई थी। इसके बाद उसे शिमला और वहां से चंडीगढ़ रेफर किया गया था। वहां पर उसका उपचार चल रहा था।
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