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दुष्कर्म के दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा
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रामपुर बुशहर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने दुष्कर्म का आरोप साबित होने पर दोषी को सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वहीं दोषी को 10 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश किन्नौर एट रामपुर की अदालत ने प्रेम बहादुर, गांव सरकेना, तहसील चौफा, जिला रूकम, नेपाल पर दुष्कर्म के आरोप साबित होने पर विभिन्न धाराओं के तहत सजा सुनाई है।
जानकारी के मुताबिक पीड़िता के पिता ने 28 सितंबर 2014 को पुलिस में मामला दर्ज करवाया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी परीक्षाओं की तैयारियां करने के लिए अपनी सहेली के घर गई थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। छानबीन करने के बाद पता चला कि उनके घर में काम करने वाले नेपाली मूल का मजदूर जबरन उनकी नाबालिग बेटी को भगाकर बंगाल ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता की बेटी को आरोपी के पास से पकड़ा और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया।
वहीं वीरवार को अदालत ने दोष साबित होने पर दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत एक साल का कठोर कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं भादंसं की धारा 366 के तहत तीन साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं भादंसं की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत 7 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी जिला न्यायवादी सुरेश हेटा ने की।
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जानकारी के मुताबिक पीड़िता के पिता ने 28 सितंबर 2014 को पुलिस में मामला दर्ज करवाया था कि उसकी 14 वर्षीय बेटी परीक्षाओं की तैयारियां करने के लिए अपनी सहेली के घर गई थी, लेकिन वह वापस नहीं लौटी। छानबीन करने के बाद पता चला कि उनके घर में काम करने वाले नेपाली मूल का मजदूर जबरन उनकी नाबालिग बेटी को भगाकर बंगाल ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता की बेटी को आरोपी के पास से पकड़ा और उसके खिलाफ मामला दर्ज किया।
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वहीं वीरवार को अदालत ने दोष साबित होने पर दोषी को भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत एक साल का कठोर कारावास और 2 हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को तीन माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं भादंसं की धारा 366 के तहत तीन साल का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को छह माह का साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं भादंसं की धारा 376 और पोक्सो एक्ट के तहत 7 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषी को एक साल का साधारण कारावास भुगतना होगा। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी जिला न्यायवादी सुरेश हेटा ने की।
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