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मजदूरों के साथ भेदभाव रवैया अपना रहा परियोजना प्रबंधन : काम राज
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मांगों को लेकर झाकड़ी में सीटू के बैनर तले प्रदर्शन करते संविदा कर्मचारी। स्रोत : सीटू
लंबित मांगों को लेकर संविदा कामगारों का विरोध प्रदर्शन जारी
जल्द समस्याएं नहीं सुलझी तो उग्र होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नवरत्न एसजेवीएनएल 1500 मेगावाट परियोजना में संविदा कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन जारी है। धरने में सैकड़ों मजदूरों ने भाग लेकर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। धरने को संबोधित करते हुए सीटू यूनियन के महासचिव कामराज ने कहा कि परियोजना प्रबंधन की ओर से मजदूरों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राइजिंग-डे के नाम पर कुछ चुनिंदा मजदूरों को विशेष सम्मान और लाभ दिए जा रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में मजदूरों की उपेक्षा की जा रही है। यूनियन ने पहले ही मांग रखी थी कि यदि राइजिंग-डे के अवसर पर सम्मान दिया जाता है, तो सभी मजदूरों को समान रूप से सम्मानित किया जाए, लेकिन प्रबंधन की ओर से समानता के सिद्धांत की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि मजदूरों का सितंबर 2025 का ईपीएफ अंशदान अभी तक उनके खातों में जमा नहीं हुआ है, जिससे श्रमिकों में भारी रोष है। इसके अतिरिक्त सितंबर 2025 में हुए समझौते को भी आज तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। यूनियन का कहना है कि मार्च 2026 में परियोजना प्रमुख को मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नील दत्त शर्मा ने कहा कि परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ लगातार असमानता और अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने प्रबंधन से श्रमिकों की जायज मांगों को तत्काल स्वीकार करने और सभी कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। धरने में उपस्थित मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और मजदूरों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधन की होगी। धरने में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी, यूनियन पदाधिकारी उपस्थित रहे और श्रमिक एकता के पक्ष में जोरदार नारे लगाए गए।
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जल्द समस्याएं नहीं सुलझी तो उग्र होगा आंदोलन
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नवरत्न एसजेवीएनएल 1500 मेगावाट परियोजना में संविदा कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन जारी है। धरने में सैकड़ों मजदूरों ने भाग लेकर अपनी लंबित मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। धरने को संबोधित करते हुए सीटू यूनियन के महासचिव कामराज ने कहा कि परियोजना प्रबंधन की ओर से मजदूरों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राइजिंग-डे के नाम पर कुछ चुनिंदा मजदूरों को विशेष सम्मान और लाभ दिए जा रहे हैं, जबकि बड़ी संख्या में मजदूरों की उपेक्षा की जा रही है। यूनियन ने पहले ही मांग रखी थी कि यदि राइजिंग-डे के अवसर पर सम्मान दिया जाता है, तो सभी मजदूरों को समान रूप से सम्मानित किया जाए, लेकिन प्रबंधन की ओर से समानता के सिद्धांत की अनदेखी की गई है। उन्होंने कहा कि मजदूरों का सितंबर 2025 का ईपीएफ अंशदान अभी तक उनके खातों में जमा नहीं हुआ है, जिससे श्रमिकों में भारी रोष है। इसके अतिरिक्त सितंबर 2025 में हुए समझौते को भी आज तक पूरी तरह लागू नहीं किया गया है। यूनियन का कहना है कि मार्च 2026 में परियोजना प्रमुख को मांग पत्र सौंपकर समस्याओं के समाधान की मांग की गई थी, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। नील दत्त शर्मा ने कहा कि परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ लगातार असमानता और अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने प्रबंधन से श्रमिकों की जायज मांगों को तत्काल स्वीकार करने और सभी कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की। धरने में उपस्थित मजदूरों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और मजदूरों के साथ हो रहे भेदभाव को समाप्त नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक व्यापक एवं तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी परियोजना प्रबंधन की होगी। धरने में बड़ी संख्या में संविदा कर्मचारी, यूनियन पदाधिकारी उपस्थित रहे और श्रमिक एकता के पक्ष में जोरदार नारे लगाए गए।