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ठियोग कॉलेज होस्टल भवन के खबर छपते ही हरकत में आया प्रशासन
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हॉस्टल भवन में आईं दरारों की जांच को लेकर कमेटी गठित
ठियोग कॉलेज हॉस्टल भवन के खबर छपते ही हरकत में आया प्रशासन
नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में कमेटी को कार्रवाई के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
ठियोग (रामपुर बुशहर)। राजकीय महाविद्यालय में बीते दिनों हिमुडा की ओर से बनाए गए हॉस्टल भवन में आईं दरारों की जांच को लेकर एसडीएम ठियोग एमडी शर्मा ने तुरंत कार्रवाई अमल में लाई है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन, नायब तहसीलदार ठियोग और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को इस भवन निर्माण संबंधी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम कार्यालय में भवन की फिटनेस और सर्वे रिपोर्ट जल्द जमा करने के भी फरमान जारी किए हैं।
गौरतलब है कि ठियोग कॉलेज भवन का निर्माण जुलाई माह में पूरा हो गया था, लेकिन बरसात आने के बाद उक्त भवन में दरारें आने से भवन को खतरा पैदा हो गया था। भवन में दरारें आने पर कॉलेज प्रशासन ने हिमुडा से भवन अपने अधिकार में लेने से इंकार कर दिया था। करीब ढाई करोड़ रुपये की राशि से बनकर तैयार हुआ यह भवन सवालों के घेरे में खड़ा हो गया।
ठियोग महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुपमा गर्ग ने हिमुडा को लिखित में शिकायत पत्र फरवरी में भेज कर जबाव मांगा था, लेकिन हिमुडा ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद एक बार फिर से कॉलेज प्रशासन की ओर से दो बार रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन हिमुडा की ओर औपचारिक रूप से कोई जवाब नहीं आया। इस हॉस्टल में बने 27 कमरों में 105 छात्रों के ठहरने का प्रावधान किया जाना था, लेकिन शुरू करने से पहले ही दरारें आने के कारण इस भवन में छात्रों को रहने की सुविधा नहीं दी गई है। विद्यालय की एसएफ आई, एनएसयूआई और एबीवीपी ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंप कर भवन निर्माण कार्यप्रणाली पर जांच की मांग कई बार उठाया और उक्त ठेकेदार पर उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई। इससे पहले भी ठियोग में एचआरटीसी को भवन क्षतिग्रस्त होने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ था।
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ठियोग कॉलेज हॉस्टल भवन के खबर छपते ही हरकत में आया प्रशासन
नायब तहसीलदार की अध्यक्षता में कमेटी को कार्रवाई के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
ठियोग (रामपुर बुशहर)। राजकीय महाविद्यालय में बीते दिनों हिमुडा की ओर से बनाए गए हॉस्टल भवन में आईं दरारों की जांच को लेकर एसडीएम ठियोग एमडी शर्मा ने तुरंत कार्रवाई अमल में लाई है। उन्होंने कॉलेज प्रशासन, नायब तहसीलदार ठियोग और लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता को इस भवन निर्माण संबंधी रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर प्रशासन को सौंपने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम कार्यालय में भवन की फिटनेस और सर्वे रिपोर्ट जल्द जमा करने के भी फरमान जारी किए हैं।
गौरतलब है कि ठियोग कॉलेज भवन का निर्माण जुलाई माह में पूरा हो गया था, लेकिन बरसात आने के बाद उक्त भवन में दरारें आने से भवन को खतरा पैदा हो गया था। भवन में दरारें आने पर कॉलेज प्रशासन ने हिमुडा से भवन अपने अधिकार में लेने से इंकार कर दिया था। करीब ढाई करोड़ रुपये की राशि से बनकर तैयार हुआ यह भवन सवालों के घेरे में खड़ा हो गया।
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ठियोग महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अनुपमा गर्ग ने हिमुडा को लिखित में शिकायत पत्र फरवरी में भेज कर जबाव मांगा था, लेकिन हिमुडा ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद एक बार फिर से कॉलेज प्रशासन की ओर से दो बार रिमाइंडर भेजा गया, लेकिन हिमुडा की ओर औपचारिक रूप से कोई जवाब नहीं आया। इस हॉस्टल में बने 27 कमरों में 105 छात्रों के ठहरने का प्रावधान किया जाना था, लेकिन शुरू करने से पहले ही दरारें आने के कारण इस भवन में छात्रों को रहने की सुविधा नहीं दी गई है। विद्यालय की एसएफ आई, एनएसयूआई और एबीवीपी ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंप कर भवन निर्माण कार्यप्रणाली पर जांच की मांग कई बार उठाया और उक्त ठेकेदार पर उचित कार्रवाई करने की मांग उठाई। इससे पहले भी ठियोग में एचआरटीसी को भवन क्षतिग्रस्त होने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ था।
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