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Rampur Bushahar News: मानसून से निपटने की तैयारियां जांचीं
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नाथपा झाकड़ी परियोजना ने मानसून की तैयारियों को लेकर की मॉकड्रिल। स्रोत : परियोजना प्रबंधन
नाथपा बांध में मॉक ड्रिल से किया परीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन ने मानसून से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नाथपा बांध पर अर्ली वार्निंग सिस्टम, संचार व्यवस्था और सायरन की कार्यक्षमता जांचने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
अभ्यास के दौरान फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी आपात स्थितियों का अनुकरण किया गया। इसमें विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और चेतावनी प्रणालियों की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। इस दौरान सतलुज नदी के किनारे नाथपा, भावानगर, निगुलसरी, ज्यूरी, झाकड़ी, ब्रौ और दत्तनगर सहित कई क्षेत्रों में सायरन बजाकर अलर्ट सिस्टम की जांच की गई।
मॉक ड्रिल का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर, शिमला और कुल्लू, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, हिमाचल प्रदेश पुलिस, सीआईएसएफ और एनजेएचपीएस की टीमों के समन्वय से किया गया। इस मौके पर झाकड़ी परियोजना प्रमुख राजीव कपूर ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, संभावित कमियों की पहचान करना और आपात स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आम जनता को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि सायरन मॉक ड्रिल का हिस्सा है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
रामपुर बुशहर। नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन ने मानसून से निपटने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में नाथपा बांध पर अर्ली वार्निंग सिस्टम, संचार व्यवस्था और सायरन की कार्यक्षमता जांचने के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई।
अभ्यास के दौरान फ्लैश फ्लड और भूस्खलन जैसी आपात स्थितियों का अनुकरण किया गया। इसमें विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया और चेतावनी प्रणालियों की प्रभावशीलता का परीक्षण किया गया। इस दौरान सतलुज नदी के किनारे नाथपा, भावानगर, निगुलसरी, ज्यूरी, झाकड़ी, ब्रौ और दत्तनगर सहित कई क्षेत्रों में सायरन बजाकर अलर्ट सिस्टम की जांच की गई।
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मॉक ड्रिल का आयोजन जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण किन्नौर, शिमला और कुल्लू, जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, हिमाचल प्रदेश पुलिस, सीआईएसएफ और एनजेएचपीएस की टीमों के समन्वय से किया गया। इस मौके पर झाकड़ी परियोजना प्रमुख राजीव कपूर ने बताया कि इस अभ्यास का उद्देश्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, संभावित कमियों की पहचान करना और आपात स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि आम जनता को पहले ही सूचित कर दिया गया था कि सायरन मॉक ड्रिल का हिस्सा है, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है।
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