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Rampur Bushahar News: बेसहारा गोवंश के लिए मिल्खी राम बने सहारा

Tue, 07 Jan 2025 11:11 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jan 2025 11:11 PM IST
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Chaupal Gosdan, Rohru, Social Service, Shimla
मिल्खी राम की ओर से बनाया गया गौसदन व उसमें रखे गए मवेशी
अपनी पूंजी से गोसदन में 240 पशुओं की कर रहे देखभाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। चौपाल में लावारिस गोवंश के मिल्खी राम ठाकुर सहारा बने हैं। उन्हें इस कार्य के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू सम्मानित कर चुके हैं।जनशक्ति विभाग से टेक्नीशियन के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद 2017 में मिल्खी राम ने चौपाल में लंकड़वीर गोसदन की स्थापना की। उसके बाद उन्होंने बेसहारा पशुओं को गोसदन में लाना शुरू किया। 71 साल की उम्र में भी मिल्खी राम के अपनी पूंजी से लावारिस गोवंश की सेवा में जुटे हुए हैं। वह प्रतिमाह मिलने वाली 35 हजार रुपये पेंशन भी गोसदन में ही खर्च कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने अपनी और अपनी पत्नी की तीन-तीन लाख रुपये की बैंक लिमिट भी गोसदन पर ही खर्च दी है। इस समय लंकड़वीर गोसदन में कुल 240 पशु हैं। इनमे से करीब तीन दर्जन पशु बर्फबारी से पहले बंगापानी जंगल से करीब पंद्रह और सरांह बाजार से बीस बेसहारा पशु सदन में पहुंचाए गए हैं।
मिल्खी राम के इस कार्य में इंद्र खोग, कपिल चौहान, नरेंद्र झरटा और अरुण ठाकुर भी घास-पानी के प्रबंध और सड़कों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को सदन में पहुंचाने में सहयोग करते हैं। मिल्खी राम ने बताया कि घास का एक पूला पच्चास और तूड़ी डेढ़ हजार रुपये प्रति क्विंटल है। एक दिन में करीब तीन क्विंटल तूड़ी और कुछ घास पशुओं के चारे में लग जाता है। इसके अलावा गौसदन में प्रतिदिन छह मजदूर पांच रुपये दिहाड़ी पर काम करते है, जिस पर प्रति माह 90 हजार रुपये से अधिक खर्च होते हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें प्रति माह जो पेंशन मिलती है, उससे वह 34 हजार पांच सौ रुपये की एक पिकअप फीड की मंगवा लेते हैं। मिल्खी राम ने बताया कि उन्हें सरकार से गोसदन को चलाने के लिए उतनी सहायता नहीं मिल पाती, जितनी आवश्यकता है। जो राशि मिलती है, वह भी दो-दो माह बाद ही मिलती है। ऐसे में गोसदन में रखे गए करीब अढ़ाई सौ पशुओं के चारे आदि की व्यवस्था करने में बेहद कठिनाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू से भी एक बैठक हुई थी। इसमें गोसदन के पशुओं को मिलने वाली राशि को सात सौ से बढ़ाकर 1200 करने का आश्वासन दिया था, परंतु उन्हें 700 रुपये प्रति पशु मिलने वाली राशि भी दो-दो माह बाद मिल रही है। इस वजह से पशुओं के चारे पानी का इंतजाम करने में अत्यधिक कठिनाई पेश आ रही है।
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कहीं भी बेसहारा या बीमार पशु हो तो दें सूचना
मिल्खी राम ने समस्त क्षेत्रवासियों से आग्रह किया है कि चौपाल,नेरवा, कुपवी क्षेत्र में कहीं भी बेसहारा या बीमार पशु हों, तो उनके मोबाइल नंबर 7807955458 या 98059 71102 पर सूचना दें। उन्होंने कहा कि उन्हें नेरवा चौपाल मार्ग पर 6-7 बेसहारा पशुओं की सूचना मिली है, जिन्हें एक-दो दिन में गोसदन में पंहुचा दिया जाएगा।

मिल्खी राम की ओर से बनाया गया गौसदन व उसमें रखे गए मवेशी

मिल्खी राम की ओर से बनाया गया गौसदन व उसमें रखे गए मवेशी

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