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Rampur Bushahar News: अब प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चांशल घाटी तक दौड़ेंगे वाहन
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प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चांशल तक सडक पर की गई टायरिंग। संवाद
चांशल घाटी सड़क का 16.66 करोड़ रुपये से हो रहा कायाकल्प
सप्ताह में 10 किलोमीटर हिस्से की टारिंग होगी पूरी
अक्तूबर तक सड़क होगी चकाचक, लोगों में खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चांशल घाटी तक अब वाहन सरपट दौड़ेंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के पहले चरण के तहत लड़ोट से चांशल तक 19 किलोमीटर लंबी सड़क का कायाकल्प किया जाएगा। सड़क पर टारिंग का कार्य तेज गति से जारी है। इस पर 16.66 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह सड़क अक्तूबर तक चकाचक हो जाएगी। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुगम सफर मिलेगा और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह सड़क वर्षों से खस्ता हालत में थी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। जगह-जगह गड्ढों और उबड़-खाबड़ मार्ग के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। लोक निर्माण विभाग इस सड़क के सुधार और टारिंग कार्य को प्राथमिकता दे रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि इस सप्ताह के भीतर सड़क के करीब 10 किलोमीटर हिस्से की टारिंग पूरी कर ली जाए। शेष सड़क पर भी लगातार कार्य जारी रहेगा। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रविंदर सिंह कशवाल ने बताया कि लड़ोट से चांशल तक सड़क को अक्तूबर तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम अनुकूल रहा, तो निर्धारित समय के भीतर पूरा कार्य संपन्न कर लिया जाएगा। विभाग गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य सुनिश्चित कर रहा है। चांशल घाटी में प्रतिकूल मौसम के बावजूद कार्य जारी है। चांशल घाटी हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। यह समुद्र तल से लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। हर वर्ष 20 हजार से अधिक पर्यटक यहां आते हैं। सड़क बेहतर होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय होटल व्यवसायियों, दुकानदारों और टैक्सी चालकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सड़क निर्माण कार्य में तेजी आने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों को पहले रोजमर्रा के कार्यों और कृषि-बागवानी उत्पादों के परिवहन में परेशानी होती थी। आपातकालीन परिस्थितियों में भी दिक्कतें आती थीं। सड़क के पक्का होने से आवागमन आसान होगा। इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। चांशल घाटी को रोहड़ू क्षेत्र की पर्यटन पहचान माना जाता है।
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सप्ताह में 10 किलोमीटर हिस्से की टारिंग होगी पूरी
अक्तूबर तक सड़क होगी चकाचक, लोगों में खुशी
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहड़ू। क्षेत्र के प्रसिद्ध पर्यटक स्थल चांशल घाटी तक अब वाहन सरपट दौड़ेंगे। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के पहले चरण के तहत लड़ोट से चांशल तक 19 किलोमीटर लंबी सड़क का कायाकल्प किया जाएगा। सड़क पर टारिंग का कार्य तेज गति से जारी है। इस पर 16.66 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह सड़क अक्तूबर तक चकाचक हो जाएगी। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुगम सफर मिलेगा और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। यह सड़क वर्षों से खस्ता हालत में थी, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी हो रही थी। जगह-जगह गड्ढों और उबड़-खाबड़ मार्ग के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। लोक निर्माण विभाग इस सड़क के सुधार और टारिंग कार्य को प्राथमिकता दे रहा है। विभाग का लक्ष्य है कि इस सप्ताह के भीतर सड़क के करीब 10 किलोमीटर हिस्से की टारिंग पूरी कर ली जाए। शेष सड़क पर भी लगातार कार्य जारी रहेगा। लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रविंदर सिंह कशवाल ने बताया कि लड़ोट से चांशल तक सड़क को अक्तूबर तक पूरी तरह तैयार करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि यदि मौसम अनुकूल रहा, तो निर्धारित समय के भीतर पूरा कार्य संपन्न कर लिया जाएगा। विभाग गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य सुनिश्चित कर रहा है। चांशल घाटी में प्रतिकूल मौसम के बावजूद कार्य जारी है। चांशल घाटी हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत पर्यटन स्थलों में से एक है। यह समुद्र तल से लगभग 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है। हर वर्ष 20 हजार से अधिक पर्यटक यहां आते हैं। सड़क बेहतर होने से पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय होटल व्यवसायियों, दुकानदारों और टैक्सी चालकों को भी सीधा लाभ मिलेगा। सड़क निर्माण कार्य में तेजी आने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों को पहले रोजमर्रा के कार्यों और कृषि-बागवानी उत्पादों के परिवहन में परेशानी होती थी। आपातकालीन परिस्थितियों में भी दिक्कतें आती थीं। सड़क के पक्का होने से आवागमन आसान होगा। इससे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति मिलेगी। चांशल घाटी को रोहड़ू क्षेत्र की पर्यटन पहचान माना जाता है।