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Rampur Bushahar News: चायल की आराध्य देवी चैलासनी ने 18 वर्षीय तिलक को चुना अपना माली गुर
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चायल की अराध्य देवी चैलासनी के गूर जरोट निवासी 18 वर्षीय तिलक राज।
पूर्व गुर माली सिंक राम के स्वर्गवास होने के तीन साल बाद उनके पौते को बनाया नया माली
माता के माली चुनने पर देव समाज में खुशी की लहर
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी( कुल्लू)। आउटर सिराज के कोठी ब्रह्मागढ़ चायल की माफिया की देवी चायली माता चैलासनी ने अपने मायके ढलैर में रविवार को कृष्ण पक्ष की संध्याकाल रात्रि में अपना नया माली (गुर)चुना। माता ने पूर्व गुर माली स्वर्गीय सिंक राम के स्वर्गवास होने के तीन साल बाद उनके पौते तिलक राज को अपना नया माल गुर चुना है। दो वर्ष पूर्व माता ने अपने द्वारपाल देवता के माली को दोगरी निवासी मोहर सिंह के रूप में चुना था और आज तक देव कारज के कार्य इन्हीं के द्वारा चलाए जाते थे।
अब माता ने अपना माली चुन लिया और माली चुनने पर देव समाज में खुशी की लहर है। ब्रह्मागढ़ की आराध्य देवी मां शैलसानी ने अपने नये गुर माली के रूप में जरोट निवासी 18 वर्षीय तिलक राज को अपना नया माली चुना। माली चुनने में माता चैलासनी के साथ ढलैर के अराध्य देवता कूड़ा नाग रियासी नाग की अहम भूमिका निभाई। वहीं, माता के पूर्व कारदार देवी सिंह ठाकुर ने बताया कि माता ने 35 वर्षों के बाद माता ने अपना नया माली चुना। माता के पूर्व माली का तीन वर्षो पहले स्वर्गवास होने के बाद रविवार को कृष्ण पक्ष की संध्याकाल में अपना नया माली चुना। अब माता के रुके कार्य अब पूरे होंगे।
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माता के माली चुनने पर देव समाज में खुशी की लहर
संवाद न्यूज एजेंसी
आनी( कुल्लू)। आउटर सिराज के कोठी ब्रह्मागढ़ चायल की माफिया की देवी चायली माता चैलासनी ने अपने मायके ढलैर में रविवार को कृष्ण पक्ष की संध्याकाल रात्रि में अपना नया माली (गुर)चुना। माता ने पूर्व गुर माली स्वर्गीय सिंक राम के स्वर्गवास होने के तीन साल बाद उनके पौते तिलक राज को अपना नया माल गुर चुना है। दो वर्ष पूर्व माता ने अपने द्वारपाल देवता के माली को दोगरी निवासी मोहर सिंह के रूप में चुना था और आज तक देव कारज के कार्य इन्हीं के द्वारा चलाए जाते थे।
अब माता ने अपना माली चुन लिया और माली चुनने पर देव समाज में खुशी की लहर है। ब्रह्मागढ़ की आराध्य देवी मां शैलसानी ने अपने नये गुर माली के रूप में जरोट निवासी 18 वर्षीय तिलक राज को अपना नया माली चुना। माली चुनने में माता चैलासनी के साथ ढलैर के अराध्य देवता कूड़ा नाग रियासी नाग की अहम भूमिका निभाई। वहीं, माता के पूर्व कारदार देवी सिंह ठाकुर ने बताया कि माता ने 35 वर्षों के बाद माता ने अपना नया माली चुना। माता के पूर्व माली का तीन वर्षो पहले स्वर्गवास होने के बाद रविवार को कृष्ण पक्ष की संध्याकाल में अपना नया माली चुना। अब माता के रुके कार्य अब पूरे होंगे।
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