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Rampur Bushahar News: बुरांस के फूल घरों में लगाकर मनाया बैसाख का साजा
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नित्थर के बूढ़ा महादेव मंदिर में बैसाख के अवसर पर आयोजित साजे में फलादेश सुनते ग्रामीण। संवाद
. बूढ़ा महादेव मंदिर नित्थर में भी की गई पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
बैसाख का साजा नित्थर क्षेत्र में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बैसाख महीने का नित्थर क्षेत्र के लोगों को काफी महत्व है। बैसाख के साजे के दिन मंगलवार को लोगों ने अपने घरों में गाय के गोबर के साथ बुरांस के फूलों को मुख्य द्वार पर लगाया और अपने इष्ट देव को धूप और दीप अर्पित कर भोग लगाया। इस महीने को फल फूलों के खिलने का प्रतीक माना जाता है। इस महीने सेब, प्लम, खुमानी, अखरोट सहित अन्य कई फल और फूलों की खुशबू से शाम और सुबह वातावरण सराबोर होता है। नित्थर क्षेत्र के इष्ट देव बूढ़ा महादेव के मंदिर में मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर पहुंचकर लोगों ने देवता बूढ़ा महादेव के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि के लिए कामना की। इस अवसर पर मंदिर के पुरोहित रजनीश शर्मा ने पोथी पढ़ी, जिसमें यह कहा गया कि क्षेत्र में धन धान्य की वृद्धि होगी। अंधड़ की आशंका है और धार्मिक कार्यों में वृद्धि होगी। बैसाख के महीने में नित्थर के चेबड़ी गांव में माता भुवनेश्वरी के भव्य मंदिर के प्रांगण में अठारह बैसाख का मेला भी सजता है। आठ बैसाख को धनाह गांव में रखाऊ नाग के मंदिर में मेला आयोजित किया जाता है, इसलिए इस महीने का नित्थर में विशेष महत्व है। बैसाख के साजे से पूर्व लोग घरों की सफाई करते हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि दशकों पहले क्षेत्र के लोग घरों की लिपाई-पुताई गाय के गोबर से करते थे और यह कार्य साजे से पहले ही पूरा कर दिया जाता था, लेकिन अब समय बदल चुका है। घर पक्के बन गए हैं, जिस पर गोबर नहीं डिस्टेंपर लगता है, जबकि गोबर से लिपाई-पुताई के कई स्वास्थ्य लाभ भी थे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)।
बैसाख का साजा नित्थर क्षेत्र में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बैसाख महीने का नित्थर क्षेत्र के लोगों को काफी महत्व है। बैसाख के साजे के दिन मंगलवार को लोगों ने अपने घरों में गाय के गोबर के साथ बुरांस के फूलों को मुख्य द्वार पर लगाया और अपने इष्ट देव को धूप और दीप अर्पित कर भोग लगाया। इस महीने को फल फूलों के खिलने का प्रतीक माना जाता है। इस महीने सेब, प्लम, खुमानी, अखरोट सहित अन्य कई फल और फूलों की खुशबू से शाम और सुबह वातावरण सराबोर होता है। नित्थर क्षेत्र के इष्ट देव बूढ़ा महादेव के मंदिर में मंगलवार को विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर पहुंचकर लोगों ने देवता बूढ़ा महादेव के समक्ष शीश नवाया और सुख-समृद्धि के लिए कामना की। इस अवसर पर मंदिर के पुरोहित रजनीश शर्मा ने पोथी पढ़ी, जिसमें यह कहा गया कि क्षेत्र में धन धान्य की वृद्धि होगी। अंधड़ की आशंका है और धार्मिक कार्यों में वृद्धि होगी। बैसाख के महीने में नित्थर के चेबड़ी गांव में माता भुवनेश्वरी के भव्य मंदिर के प्रांगण में अठारह बैसाख का मेला भी सजता है। आठ बैसाख को धनाह गांव में रखाऊ नाग के मंदिर में मेला आयोजित किया जाता है, इसलिए इस महीने का नित्थर में विशेष महत्व है। बैसाख के साजे से पूर्व लोग घरों की सफाई करते हैं। क्षेत्र के बुजुर्गों का कहना है कि दशकों पहले क्षेत्र के लोग घरों की लिपाई-पुताई गाय के गोबर से करते थे और यह कार्य साजे से पहले ही पूरा कर दिया जाता था, लेकिन अब समय बदल चुका है। घर पक्के बन गए हैं, जिस पर गोबर नहीं डिस्टेंपर लगता है, जबकि गोबर से लिपाई-पुताई के कई स्वास्थ्य लाभ भी थे।