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Rampur Bushahar News: बदलते मौसम का असर, मार्च से पहले ही खिल गए बुरांस के फूल

Sun, 22 Feb 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 22 Feb 2026 11:55 PM IST
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Buransh flowers blooming before time
आउंटर सिराज में बुरांस के फूल का पेड़। संवाद
आउटर सिराज की वादियां गुलजार
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सर्दियों में बारिश कम होने से एक माह पहले खिल गए फूल
कम बारिश और बढ़ते तापमान से बदला फूलों का चक्र
औषधीय गुण से भरपूर होते हैं बुरांस के फूल
संवाद न्यूज एजेंसी
नित्थर (कुल्लू)। मौसम में आए बदलाव का असर बुरांस के फूलों पर भी नजर आने लगा है। आउटर सिराज की खूबसूरत वादियां इन दिनों बुरांस के फूलों से महक रही हैं। आमतौर पर मार्च में खिलने वाले फूल इस बार मौसम अपेक्षाकृत गर्म रहने के कारण करीब एक महीना पहले ही खिल गए हैं।
बुरांस के फूल ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अधिक मात्रा में पाए जाते हैं। सामान्य तौर पर ये फूल चैत्र और वैशाख के महीने में खिलते हैं। इस वर्ष जनवरी और फरवरी में बारिश कम होने से तापमान में बढ़ोतरी हुई, जिसका सीधा असर इनके समय से पहले खिलने के रूप में देखने को मिल रहा है। बुरांस के फूल जितने देखने में सुंदर होते हैं, उतने ही इनके औषधीय गुण भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इनका उपयोग कई बीमारियों में किया जाता है। बुरांस से शरबत, जैम और चटनी तैयार की जाती है। फूलों को सुखाकर सालभर चटनी बनाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।
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नित्थर क्षेत्र के एडशी, शिल्लाबाग, बुआई, लोट पंचायत के ऊपरी इलाकों में बुरांस के फूल बड़ी संख्या में खिल रहे हैं। इसके अलावा शिल्ली पंचायत के ऊपरी क्षेत्र और कुठेड़ पंचायत में भी बुरांस की भरमार देखी जा रही है। बुजुर्गों का कहना है कि पहले आयुर्वेदिक औषधियों के निर्माण में इन फूलों का व्यापक उपयोग होता था। नाक से नकसीर आने पर इसे रोकने में भी बुरांस को प्रभावी माना जाता है। इन दिनों ये गुणकारी फूल आउटर सिराज के जंगलों की शोभा बढ़ा रहे हैं और पूरी घाटी फूलों से सराबोर नजर आ रही है।
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वैशाख के महीने में खिलते हैं फूल
नित्थर के बागवान भूपिंद्र चौहान, सुनील भारती और दलीप ठाकुर का कहना है कि इस बार बर्फबारी भी कम हुई है। फरवरी में ही तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। संभवतरू इस कारण बुरांस के फूल समय से पहले खिल गए हैं, जबकि इनका प्राकृतिक समय वैशाख का महीना माना जाता है।
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