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चौपाल भाजपा में सुलगी फूट की चिंगारी
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नेरवा (रोहड़ू)। पंचायतीराज चुनाव से पहले चौपाल भाजपा में फूट की चिंगारी सुलग गई है। इससे भाजपा बैकफुट पर आ गई है। चौपाल भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रमला रांटा ने पार्टी के ही कुछ लोगों पर मंडल को हाईजैक करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
रांटा ने नेरवा में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि चौपाल भाजपा मंडल पर कुछ लोगों ने कब्जा जमाया है। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। बता दें कि अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित जिला परिषद वार्ड पौड़िया से रमला रांटा को भाजपा का उमीदवार माना जा रहा था। परन्तु पार्टी ने अंतिम समय में किसी अन्य महिला को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस वजह से पार्टी में विद्रोह की चिंगारी भड़क गई है।
रांटा ने आरोप लगाया कि मंडल पर काबिज लोगों के हस्तक्षेप पर एक ऐसी महिला को उम्मीदवार बनाया है जिसकी पार्टी में प्राथमिक सदस्यता तक नहीं है। मंडल के इस निर्णय से आम कार्यकर्ता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। रमला ने कहा कि उन्होंने समर्थकों के आग्रह पर स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में जिला परिषद चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। कार्यकर्ताओं की इस अनदेखी के कारण उन्हें मजबूरन पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। मंडल में आम कार्यकर्ता का कोई मान-सम्मान नहीं रह गया है। पार्टी को समर्पित कार्यकर्ता मंडल के अंदर घुटन महसूस कर रहे हैं।
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रांटा ने नेरवा में प्रेस वार्ता की। उन्होंने कहा कि चौपाल भाजपा मंडल पर कुछ लोगों ने कब्जा जमाया है। पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है। बता दें कि अनुसूचित महिला के लिए आरक्षित जिला परिषद वार्ड पौड़िया से रमला रांटा को भाजपा का उमीदवार माना जा रहा था। परन्तु पार्टी ने अंतिम समय में किसी अन्य महिला को प्रत्याशी घोषित कर दिया। इस वजह से पार्टी में विद्रोह की चिंगारी भड़क गई है।
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रांटा ने आरोप लगाया कि मंडल पर काबिज लोगों के हस्तक्षेप पर एक ऐसी महिला को उम्मीदवार बनाया है जिसकी पार्टी में प्राथमिक सदस्यता तक नहीं है। मंडल के इस निर्णय से आम कार्यकर्ता अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। रमला ने कहा कि उन्होंने समर्थकों के आग्रह पर स्वतंत्र प्रत्याशी के रूप में जिला परिषद चुनाव लड़ने का फैसला लिया है। कार्यकर्ताओं की इस अनदेखी के कारण उन्हें मजबूरन पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर होना पड़ा है। मंडल में आम कार्यकर्ता का कोई मान-सम्मान नहीं रह गया है। पार्टी को समर्पित कार्यकर्ता मंडल के अंदर घुटन महसूस कर रहे हैं।
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