फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   BJP conspires to block rights to Nautor land in tribal areas

भाजपा ने जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ भूमि के हक को रोकने के लिए षड्यंत्र रचा : डॉ. बोरस

Fri, 13 Mar 2026 11:55 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Mar 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
BJP conspires to block rights to Nautor land in tribal areas
रिकांगपिओ में प्रेस वार्ता करते डॉ. सूर्या बोरस। संवाद
पूर्व राज्यपाल के वर्क कल्चर वाले बयान का किया विरोध
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
रिकांगपिओ (किन्नौर)।
जनजातीय सलाहकार परिषद के सदस्य और प्रदेश कांग्रेस मीडिया पैनलिस्ट डॉ. सूर्या बोरस ने भाजपा नेताओं को जनजातीय विरोधी करार दिया है। रिकांगपिओ में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. सूर्या बोरस ने कहा कि भाजपा नेताओं ने जनजातीय क्षेत्रों के विकास और नौतोड़ भूमि के हक को रोकने के लिए षड्यंत्र रचा। भाजपा नेताओं ने न तो सता और न ही विपक्ष में रहते हुए वन संरक्षण अधिनियम (एफसीए) को निरस्त करने के बारे में राजभवन में एक बार भी पैरवी नहीं की। उल्टा पूर्व राज्यपाल के माध्यम से नौतोड़ के मामलों को रुकवाने का काम किया है। पिछले तीन साल में मंत्री जगत सिंह ने एफसीए के मुद्दे पर आठ बार पूर्व राज्यपाल से मुलाकात की। इसके बावजूद पूर्व राज्यपाल ने भाजपा के इशारे पर इसे मुद्दे को रोका रखा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष और वर्तमान कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी ने ही संविधान के अनुच्छेद-5 का गहन अध्ययन कर यह रास्ता निकाला था कि राज्यपाल के पास जनजातीय क्षेत्रों में एफसीए जैसे कानूनों को निरस्त करने की शक्ति है। तत्कालीन राज्यपाल उर्मिला सिंह ने कांग्रेस सरकार और मंत्री जगत सिंह नेगी ने एफसीए को निरस्त किए और जनजातीय क्षत्रों में लोगों को नौतोड़ पट्टे दिए गए, लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा ने सता में आने पर नौतोड़ मामलों पर कुंडली डाल ली। इसके बाद विपक्ष में रहते हुए जगत सिंह नेगी इसका विरोध किया। उन्होंने पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल की ओर से हिमाचल के वर्क कल्चर पर की गई टिप्पणी का विरोध किया। डॉ. बोरस ने कहा हिमाचली लोग बेहद ईमानदार और मेहनती हैं। हमें यूपी-बिहार के कल्चर की सीख देने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व राज्यपाल ने रिकांगपिओ आने और नौतोड़ की फाइलें स्वीकृत करने का वादा किया था, लेकिन वे फाइलों को दबाकर चले गए। डॉ. बोरस ने हिमाचल के नवनियुक्त राज्यपाल के प्रति विश्वास जताते हुए कहा कि अब जनजातीय समाज के साथ न्याय होगा। जल्द ही मंत्री जगत सिंह नेगी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलेगा ताकि वर्षों से लंबित नौतोड़ के मामलों को बहाल करवाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed