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Rampur Bushahar News: बिना प्रदूषण बोर्ड की एनओसी की एनओसी के चल रहा था बैटरी उद्योग
Fri, 07 Jul 2023 11:50 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर बुशहर
Updated Fri, 07 Jul 2023 11:50 PM IST
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बद्दी(सोलन)। पंजेहरा स्थित एक बैटरी बनाने वाले उद्योग प्रदूषण बोर्ड की एनओसी के बिना चल रहा था। प्रदूषण बोर्ड ने संबंधित उद्योग का निरीक्षण किया। एनओसी न होने पर विभाग ने उक्त उद्योग का बिजली का कनेक्शन ही काट दिया। इससे कंपनी बंद हो गई है। कंपनी में 500 से अधिक कामगार बिना काम के घर बैठ गए हैं।
पंजेहरा में वर्ष 2010 में बैटरी बनाने वाला उद्योग स्थापित किया था। पहले तो इस उद्योग ने प्रदूषण बोर्ड से एनओसी ली हुई थी लेकिन पिछले तीन सालों से यह बिना एनओसी के चल रहा था। कंपनी से निकलने वाला जहरीला पानी साथ लगती खड्ड में डाला जा रहा था। इससे पंचायत प्रतिनिधि भड़क गए और पंचायत प्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत प्रदूषण बोर्ड को दी गई। शिकायत मिलने के बाद प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी कंपनी में जांच करने गए तो कंपनी संचालकों ने कहा कि उनकी कंपनी पिछले लंबे समय से बंद पड़ी है।
प्रदूषण बोर्ड ने कंपनी के चालू होने की स्थिति जानने के लिए बिजली बोर्ड का बिल खंगाला जिसमें बिल जारी होने से कंपनी के चालू होने का पता चला। प्रदूषण विभाग ने कंपनी की इस हरकत से बिजली बोर्ड को कनेक्शन काटने के आदेश दिए। जिस पर बिजली बोर्ड ने कंपनी का कनेक्शन काट दिया।
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उधर, प्रदूषण बोर्ड के सहायक अभियंता पवन चौहान ने बताया कि कंपनी में प्रदूषण बोर्ड के नियमों की अनदेखी हो रही थी जिसके चलते बोर्ड ने बिजली बोर्ड को कनेक्शन काटने के आदेश दिए। वहीं दूसरी ओर से बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता हिमेश धीमान ने कनेक्शन काटने की पुष्टि की है।
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पंजेहरा में वर्ष 2010 में बैटरी बनाने वाला उद्योग स्थापित किया था। पहले तो इस उद्योग ने प्रदूषण बोर्ड से एनओसी ली हुई थी लेकिन पिछले तीन सालों से यह बिना एनओसी के चल रहा था। कंपनी से निकलने वाला जहरीला पानी साथ लगती खड्ड में डाला जा रहा था। इससे पंचायत प्रतिनिधि भड़क गए और पंचायत प्रतिनिधियों ने इसकी शिकायत प्रदूषण बोर्ड को दी गई। शिकायत मिलने के बाद प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी कंपनी में जांच करने गए तो कंपनी संचालकों ने कहा कि उनकी कंपनी पिछले लंबे समय से बंद पड़ी है।
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प्रदूषण बोर्ड ने कंपनी के चालू होने की स्थिति जानने के लिए बिजली बोर्ड का बिल खंगाला जिसमें बिल जारी होने से कंपनी के चालू होने का पता चला। प्रदूषण विभाग ने कंपनी की इस हरकत से बिजली बोर्ड को कनेक्शन काटने के आदेश दिए। जिस पर बिजली बोर्ड ने कंपनी का कनेक्शन काट दिया।
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उधर, प्रदूषण बोर्ड के सहायक अभियंता पवन चौहान ने बताया कि कंपनी में प्रदूषण बोर्ड के नियमों की अनदेखी हो रही थी जिसके चलते बोर्ड ने बिजली बोर्ड को कनेक्शन काटने के आदेश दिए। वहीं दूसरी ओर से बिजली बोर्ड के अधिशाषी अभियंता हिमेश धीमान ने कनेक्शन काटने की पुष्टि की है।