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Rampur Bushahar News: देवता ग्रांगे नाग श्रीखंडो जी का अठारो उत्सव 30 अक्तूबर से
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निचार खुंडांग पानवी से चोरा तक की जाई-जतियों, भांजे-भाजियों को दिया निमंत्रण
संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)।
किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र में देवता ग्रांगे नाग श्रीखंडो जी का अठारो उत्सव 30 अक्तूबर से शुरू होगा। उत्सव के दूसरे दिन 31 अक्तूबर को अठारो मेले का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति देवता ग्रांगे नाग श्रीखंडो जी, ग्राम ग्रांगे (निचार) ने उत्सव में निचार खुंडांग पानवी से चोरा तक की सभी जाई-जतियों और भांजे-भाजियों को आमंत्रित किया है। उत्सव के पहले दिन 30 अक्तूबर को देवताओं के कारदारों, जाई-जतियों, भांजे-भाजियों और सम्माननीय व्यक्तियों का आगमन होगा। इस दौरान उनका स्वागत किया जाएगा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम आयोजित होंगे। 31 अक्तूबर को सम्माननीय व्यक्तियों के आगमन के साथ अठारो मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दिन क्षेत्र के लोगों और देव समुदायों की भागीदारी से उत्सव में धार्मिक और पारंपरिक गतिविधियां होंगी। उत्सव के अंतिम दिन एक नवंबर को विभिन्न देवताओं के कारदारों, जाई-जतियों, भांजे-भाजियों की विदाई की जाएगी। इसके साथ ही तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों से उत्सव में भाग लेने का आह्वान किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भावानगर (किन्नौर)।
किन्नौर जिले के निचार क्षेत्र में देवता ग्रांगे नाग श्रीखंडो जी का अठारो उत्सव 30 अक्तूबर से शुरू होगा। उत्सव के दूसरे दिन 31 अक्तूबर को अठारो मेले का आयोजन किया जाएगा। मंदिर समिति देवता ग्रांगे नाग श्रीखंडो जी, ग्राम ग्रांगे (निचार) ने उत्सव में निचार खुंडांग पानवी से चोरा तक की सभी जाई-जतियों और भांजे-भाजियों को आमंत्रित किया है। उत्सव के पहले दिन 30 अक्तूबर को देवताओं के कारदारों, जाई-जतियों, भांजे-भाजियों और सम्माननीय व्यक्तियों का आगमन होगा। इस दौरान उनका स्वागत किया जाएगा और धार्मिक परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम आयोजित होंगे। 31 अक्तूबर को सम्माननीय व्यक्तियों के आगमन के साथ अठारो मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दिन क्षेत्र के लोगों और देव समुदायों की भागीदारी से उत्सव में धार्मिक और पारंपरिक गतिविधियां होंगी। उत्सव के अंतिम दिन एक नवंबर को विभिन्न देवताओं के कारदारों, जाई-जतियों, भांजे-भाजियों की विदाई की जाएगी। इसके साथ ही तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं और ग्रामवासियों से उत्सव में भाग लेने का आह्वान किया है।