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भावावैली में सेब सीजन में पकड़ी रफतार, चोखे दाम मिलने से बागवान गदगद
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भावावैली में सेब पेंकिंग करते बागवान
- फोटो : RAMPUR-HP
भावानगर (किन्नौर)। किन्नौर जिले की भावावैली में सेब सीजन ने रफ्तार पकड़ ली है। वहीं सेब के चोखे दाम मिलने से क्षेत्र के बागवान गदगद हैं। भावावैली के कटगांव, यांगपा, कासरीम, शांगो और काफनू के बागबान बगीचों से सेब तुड़ान कर मंडियों में पहुंचाने के लिए व्यस्त हो गए हैं। बागवानों को सेब तुड़ान कर फसल मंडियों तक पहुंचाने के लिए ग्रेडिंग मशीन वरदान साबित हो रही है।
बागबान अपने बाग से सेब तुड़ान कर ग्रेडिंग मशीन में छंटनी कर देश की विभिन्न मंडियों में भेज रहे हैं। दूसरा ग्रेडिंग मशीन में बागवानों सेब पेटी और क्रेट में पैकिंग करने के लिए समय की बचत भी हो रही है। भावावैली के कटगांव में सेब ग्रेडिंग और पैकिंग कार्य करने वाले रियाज ने बताया कि वे हर साल यूपी के सहारनपुर से सेब पैकिंग और ग्रेडिंग का कार्य करने के लिए यहां आते हैं।
उन्होंने कहा कि जबसे ग्रेडिंग मशीन का दौर शुरू हुआ तबसे सेब छंटनी करने में काफी कम समय लगता है। बगीचे से सेब तुड़ान कर सीधे ग्रेडिंग मशीन में डालकर अपने आप अलग-अलग ग्रेड का सेब छंटनी होकर बाहर निकलता है। इससे समय की बचत भी होती है। सेब बागबान सुख सागर नेगी और शक्ति सिंह नेगी कहा कि भावावैली में सेब सीजन जोरों पर शुरू हो गया है।
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बागबान अपने बाग से सेब तुड़ान कर ग्रेडिंग मशीन में छंटनी कर देश की विभिन्न मंडियों में भेज रहे हैं। दूसरा ग्रेडिंग मशीन में बागवानों सेब पेटी और क्रेट में पैकिंग करने के लिए समय की बचत भी हो रही है। भावावैली के कटगांव में सेब ग्रेडिंग और पैकिंग कार्य करने वाले रियाज ने बताया कि वे हर साल यूपी के सहारनपुर से सेब पैकिंग और ग्रेडिंग का कार्य करने के लिए यहां आते हैं।
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उन्होंने कहा कि जबसे ग्रेडिंग मशीन का दौर शुरू हुआ तबसे सेब छंटनी करने में काफी कम समय लगता है। बगीचे से सेब तुड़ान कर सीधे ग्रेडिंग मशीन में डालकर अपने आप अलग-अलग ग्रेड का सेब छंटनी होकर बाहर निकलता है। इससे समय की बचत भी होती है। सेब बागबान सुख सागर नेगी और शक्ति सिंह नेगी कहा कि भावावैली में सेब सीजन जोरों पर शुरू हो गया है।
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