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Rampur Bushahar News: नेरवा मंडी में सेब सीजन समाप्त, जापानी फल, फ्रासबीन और मटर की हो रही आपूर्ति
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जापानी फल 700 रुपये, मटर 100 रुपये प्रति किलो, फ्रासबीन को कम मिल रहे दाम
संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (राेहड़ू)।
रोहड़ू की सब्जी मंडी में इस वर्ष सेब का सीजन समाप्त हो गया है। सेब की फसल कम होने के कारण यह सीजन अन्य वर्षों की तुलना में काफी छोटा रहा। सीजन देर से शुरू होकर जल्दी ही खत्म हो गया। सेब सीजन समाप्त होने के बाद इन दिनों मंडी में जापानी फल (पर्सिमोन), फ्रासबीन और मटर की आपूर्ति हो रही है। नेरवा सब्जी मंडी के आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि शुक्रवार को जापानी फल का 10 किलो का पैक 700 रुपये में बिका। मटर के दाम भी इन दिनों अच्छे मिल रहे हैं। मंडी में मटर 100 रुपये प्रति किलो के भाव से बिका। हालांकि, फ्रासबीन के दाम अपेक्षाकृत कम रहे। इसका भाव 35 रुपये प्रतिकिलो दर्ज किया गया। ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि फिलहाल मैदानी क्षेत्रों से फ्रासबीन की फसल मंडियों में पहुंच रही है। इस आपूर्ति के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली फ्रासबीन के दाम पर असर पड़ा है। मैदानी फसल की अधिकता से स्थानीय उत्पादकों को कम भाव मिल रहे हैं। यह स्थिति कुछ समय तक बनी रह सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे ही मैदानी क्षेत्रों की फसल समाप्त होगी, पहाड़ी क्षेत्रों की फ्रासबीन के भाव में उछाल आने की संभावना है। इससे स्थानीय किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
बागवानों का जापानी फल की ओर रुझान
क्षेत्र के बागवान अब सेब और नाशपाती के अलावा जापानी फल की खेती में भी रुचि ले रहे हैं। यह बदलाव पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है। जापानी फल की खेती से अपनी आय में विविधता लाने का अवसर मिल रहा है। यह एक नया और लाभदायक विकल्प साबित हो रहा है। जापानी फल की मांग भी बाजार में लगातार बढ़ रही है। इससे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
उपज की छंटाई और ग्रेडिंग की अपील
नेरवा सब्जी मंडी के आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने किसानों-बागवानों से अपील की है कि वे अपनी उपज को मंडी में लाने से पहले अच्छी तरह छंटाई और ग्रेडिंग करें। इससे उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में उसकी पहचान बनेगी। बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों को मंडी में उचित और बेहतर दाम मिल सकेंगे। यह किसानों की मेहनत का सही प्रतिफल सुनिश्चित करेगा। अच्छी ग्रेडिंग से उत्पादों की बर्बादी भी कम होती है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नेरवा (राेहड़ू)।
रोहड़ू की सब्जी मंडी में इस वर्ष सेब का सीजन समाप्त हो गया है। सेब की फसल कम होने के कारण यह सीजन अन्य वर्षों की तुलना में काफी छोटा रहा। सीजन देर से शुरू होकर जल्दी ही खत्म हो गया। सेब सीजन समाप्त होने के बाद इन दिनों मंडी में जापानी फल (पर्सिमोन), फ्रासबीन और मटर की आपूर्ति हो रही है। नेरवा सब्जी मंडी के आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि शुक्रवार को जापानी फल का 10 किलो का पैक 700 रुपये में बिका। मटर के दाम भी इन दिनों अच्छे मिल रहे हैं। मंडी में मटर 100 रुपये प्रति किलो के भाव से बिका। हालांकि, फ्रासबीन के दाम अपेक्षाकृत कम रहे। इसका भाव 35 रुपये प्रतिकिलो दर्ज किया गया। ओम प्रकाश चौहान ने बताया कि फिलहाल मैदानी क्षेत्रों से फ्रासबीन की फसल मंडियों में पहुंच रही है। इस आपूर्ति के कारण पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाली फ्रासबीन के दाम पर असर पड़ा है। मैदानी फसल की अधिकता से स्थानीय उत्पादकों को कम भाव मिल रहे हैं। यह स्थिति कुछ समय तक बनी रह सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जैसे ही मैदानी क्षेत्रों की फसल समाप्त होगी, पहाड़ी क्षेत्रों की फ्रासबीन के भाव में उछाल आने की संभावना है। इससे स्थानीय किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकेगा।
बागवानों का जापानी फल की ओर रुझान
क्षेत्र के बागवान अब सेब और नाशपाती के अलावा जापानी फल की खेती में भी रुचि ले रहे हैं। यह बदलाव पिछले कुछ वर्षों से देखा जा रहा है। जापानी फल की खेती से अपनी आय में विविधता लाने का अवसर मिल रहा है। यह एक नया और लाभदायक विकल्प साबित हो रहा है। जापानी फल की मांग भी बाजार में लगातार बढ़ रही है। इससे क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।
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उपज की छंटाई और ग्रेडिंग की अपील
नेरवा सब्जी मंडी के आढ़ती ओम प्रकाश चौहान ने किसानों-बागवानों से अपील की है कि वे अपनी उपज को मंडी में लाने से पहले अच्छी तरह छंटाई और ग्रेडिंग करें। इससे उत्पाद की गुणवत्ता बेहतर होगी और बाजार में उसकी पहचान बनेगी। बेहतर गुणवत्ता वाले उत्पादों को मंडी में उचित और बेहतर दाम मिल सकेंगे। यह किसानों की मेहनत का सही प्रतिफल सुनिश्चित करेगा। अच्छी ग्रेडिंग से उत्पादों की बर्बादी भी कम होती है।
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