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रोहडू सब्जी मंडी में बागवानों के साथ हो रही लूट
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रोहडू। सब्जी मंडी रोहडू में किसानों-बागवानों की समस्याओं पर एपीएमसी व आढ़तियों की ओर से ठेंगा दिखा दिखाया जा रहा है। दस दिन बीतने के बाद भी बागवानों से किए वायदे को मंडी में लागू नहीं किया गया। किसानों-बागवानों के संरक्षण के लिए हो रहे दावे खोखले साबित हुए हैं। तीन अगस्त को किसानों-बागवानों की प्रशासन व एपीएमसी के बीच रोहडू में हुई बैठक बेनतीजा साबित हुई है।
सेब सीजन जोर पकड़ रहा है लेकिन एपीएमसी ने बागवानों को सेब की बिक्री का परचा उसी दिन उपलब्ध करवाने का आश्वासन पूर नहीं किया। बागवान पहले बिक्री परचे के लिए उसके बाद साल भर की कमाई के लिए चक्कर काटते फिर रहे हैं। सड़क के किनारे सैकड़ों आढ़ती करोड़ों का कारोबार बिना लाइसेंस के कर रहे हैं। करोडों में सेब का कारोबार करने वालों की कोई बैंक गारंटी तक नहीं है। अस्सी प्रतिशत आढ़तियों की दुकानों के बाहर लाइसेंस नंबर नहीं लिखे गए हैं। मंडियों में गुप्त बोलियों के माध्यम से कपडे़ के नीचे सेब बिक रहा है। रोहडू मंडी में आढ़तियों ने पंद्रह दिन तक सेब बेच कर बागवानों को नुकसान पहुंचाया।
एपीएमसी शिमला किनौर के सचिव देवराज कश्यप ने कहा बिना लाइसेंस के आढ़तियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा जरूरी नहीं कि एपीएमसी को किसी आढ़ती के लाइसेंस का नवीनीकरण करना पड़ता है। आढ़ती को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए स्वयं आना होता है। उन्होंने कहा सभी समस्याओं को तेजी से निपटाने की कोशिश की जा रही है।
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प्रदेश किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान ने कहा कि सरकार की खुली छूट से एपीएमसी के अधिकारी, आढ़ती, लदानी मिल कर किसानों-बागवानों को लूट रहे है। रोहडू में दस दिन पहले बागवानों की समस्याओं को एपीएमसी व प्रशासन के सामने रखा गया। उन्होंने एक सप्ताह में सब कुछ सही करने का आश्वासन दिया लेकिन मौके एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया। किसानों-बागवानों के साथ लूट खसोट को रोकने के लिए संघर्ष समिति विधानसभा का घेराव भी करेगी।
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सेब सीजन जोर पकड़ रहा है लेकिन एपीएमसी ने बागवानों को सेब की बिक्री का परचा उसी दिन उपलब्ध करवाने का आश्वासन पूर नहीं किया। बागवान पहले बिक्री परचे के लिए उसके बाद साल भर की कमाई के लिए चक्कर काटते फिर रहे हैं। सड़क के किनारे सैकड़ों आढ़ती करोड़ों का कारोबार बिना लाइसेंस के कर रहे हैं। करोडों में सेब का कारोबार करने वालों की कोई बैंक गारंटी तक नहीं है। अस्सी प्रतिशत आढ़तियों की दुकानों के बाहर लाइसेंस नंबर नहीं लिखे गए हैं। मंडियों में गुप्त बोलियों के माध्यम से कपडे़ के नीचे सेब बिक रहा है। रोहडू मंडी में आढ़तियों ने पंद्रह दिन तक सेब बेच कर बागवानों को नुकसान पहुंचाया।
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एपीएमसी शिमला किनौर के सचिव देवराज कश्यप ने कहा बिना लाइसेंस के आढ़तियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसा जरूरी नहीं कि एपीएमसी को किसी आढ़ती के लाइसेंस का नवीनीकरण करना पड़ता है। आढ़ती को लाइसेंस नवीनीकरण के लिए स्वयं आना होता है। उन्होंने कहा सभी समस्याओं को तेजी से निपटाने की कोशिश की जा रही है।
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प्रदेश किसान संघर्ष समिति के सचिव संजय चौहान ने कहा कि सरकार की खुली छूट से एपीएमसी के अधिकारी, आढ़ती, लदानी मिल कर किसानों-बागवानों को लूट रहे है। रोहडू में दस दिन पहले बागवानों की समस्याओं को एपीएमसी व प्रशासन के सामने रखा गया। उन्होंने एक सप्ताह में सब कुछ सही करने का आश्वासन दिया लेकिन मौके एक भी मांग को पूरा नहीं किया गया। किसानों-बागवानों के साथ लूट खसोट को रोकने के लिए संघर्ष समिति विधानसभा का घेराव भी करेगी।