फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Rampur Bushahar News ›   Ani Panchayat, Kullu, Shimla, Ani Nagar Panchayat, Kullu, Shimla

Rampur Bushahar News: जन प्रतिनिधि चुनने के लिए नहीं मिला अधिकार, पांच पंचायतों में मिला दिए 300 परिवार

Mon, 07 Oct 2024 11:42 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2024 11:42 PM IST
विज्ञापन
विभाग ने सीधे ही जनता को थोप दी पंचायतें, नगर
विज्ञापन

पंचायत रद्द होने के बाद बिना जनप्रतिनिधि 300 से ज्यादा परिवार
इन परिवारों की पंचायत चुनावों में भूमिका नहीं

संवाद न्यूज एजेंसी
आनी( कुल्लू)। आनी कस्बे के 300 से ज्यादा परिवारों के लोगों ने न तो पंचायत चुनाव में भाग लिया और न ही अपने पसंदीदा जन प्रतिनिधि को चुनने का मौका मिल सका। सरकार ने दो वर्ष पूर्व इन परिवारों को पांच अलग-अलग पंचायतों नम्होंग, कराणा-1, बखनाओं, कुंगश और आनी में शामिल होने का फरमान जारी कर दिया। बेशक, नगर पंचायत के गठन की अधिसूचना रद्द होने का कारण दिक्कतें पेश आई हों, लेकिन वर्तमान में आलम यह है कि दो सालों से उक्त परिवार लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी भागीदारी निभाए बिना ही पंचायतों का हिस्सा बने हुए हैं। इन परिवारों ने न तो वार्ड सदस्यों को चुना है, न ही पंचायत के प्रधान और उप प्रधान बनाने में अपना लोकतांत्रिक योगदान दिया है। लेकिन इन परिवारों को पंचायत के नियम कायदे मानने को मजबूर होना पड़ रहा है।
पंचायत में मतदान नहीं किया फिर भी पंचायत का हिस्सा



आनी कस्बे के लोगों ने पंचायत के लिए अंतिम बार वर्ष 2015 में मतदान किया था। इसके बाद वर्ष 2020 में नगर पंचायत के गठन के बाद लोगों ने नगर पंचायत में जन प्रतिनिधि चुने। वर्ष 2022 में अधिसूचना रद्द होने के बाद लोगों पर उन पंचायतों में शामिल किया गया, जिसके जन प्रतिनिधि चुनने में आनी कस्बे के लोगों का कोई योगदान नहीं है। आनी कस्बे के लोग बिना मतदान किए पंचायतों में शामिल किए गए हैं। अधिकतर लोगों के अभी तक जॉब कार्ड भी नहीं बन पाए हैं, क्योंकि पूर्व में बने इनके मनरेगा जॉब कार्ड भी निष्क्रिय हो गए हैं। ऐसे में जनता अपने-आप को असहाय महसूस कर रही है। जनता को आस थी कि नगर पंचायत निरस्त होने के बाद कस्बे में रहने वाले लोग लोकतांत्रिक तरीके से अपना नेता चुनते, ताकि कस्बे वासी गर्व से अपने नेता के माध्यम से अपने कार्यों को करवा सकें। इसके विपरीत जनता को उनके नेता थोपे गए हैं।
विज्ञापन




हर जगह मतदान हुआ है, लेकिन आनी कस्बे की जनता को बिना मतदान के ही उनके नेता थोपे गए हैं। आनी की जनता को लावारिस समझा गया है। - शशि मल्होत्रा, पूर्व पार्षद, आनी
विज्ञापन
विज्ञापन

आनी की जनता के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। कस्बे की जनता परेशान हैं, कोई कार्य नहीं हो रहे हैं। जबरदस्ती जनता को पंचायतें थोपी गई हैं। -लोकेंद्र कुमार, विधायक, आनी विधानसभा क्षेत्र






नगर पंचायत निरस्त होने के बाद सरकार ने कस्बे की जनता को पुरानी पंचायतों में मर्ज किया है। पांचों पंचायतों में सम्मलित जनता के कार्य संबंधित पंचायतें ही देखेंगी। मनरेगा जॉब कार्ड के लिए कस्बे वासी अपनी संबंधित पंचायतों में आवेदन कर अपने जॉब कार्ड बनवा लें। - विनोद कटोच, कार्यकारी बीडीओ आनी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed