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एसडीएम दफ्तर के बाहर गरजे माकपा कार्यकर्ता
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रामपुर बुशहर। कोरोना संक्रमण से देश में बिगड़े हालातों को देखते हुए माकपा ने केंद्र और प्रदेश सरकार से आयकर दायरे से नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों को प्रतिमाह 7500 रुपये जारी करने की मांग की है। माकपा ने छह माह तक यह राशि देने की मांग उठाई है। इसके अलावा मनरेगा में कार्य कर रहे मजदूरों के कार्यदिवस बढ़ाकर दो सौ करने और प्रति व्यक्ति दस किलोग्राम राशन हर माह देने का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया है। माकपा ने एसडीएम रामपुर के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेज कर मजदूर और बेरोजगार वर्ग की हर संभव मदद की गुहार लगाई है।
कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। माकपा नेताओं ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में कोरोना संक्रमण के कारण करोड़ों गरीब मजदूरों को शहर छोड़ वापस अपने गांव लौटना पड़ा है। गांव पहुंचकर इन मजदूरों के सामने जीवन यापन करने का कोई साधन नहीं है और उन्हें लगातार चिंता सता रही है। कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंस बनाकर अपना विरोध जताया। केंद्र और प्रदेश सरकार से मनरेगा दिहाड़ी में इजाफा करने, शहरी मजदूरों के लिए भी मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना को चलाने और बेरोजगारों के लिए बेरोजगार भत्ते की घोषणा करने की मांग की है। माकपा ने राष्ट्रीय संपत्ति की लूट, सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में देने और श्रम कानूनों को पूंजीपतियों के हित में बदलने का कड़ा विरोध जताया है। कहा कि मजदूर और बेरोजगार लोगों के हितों को लेकर संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस अवसर पर माकपा नेता बिहारी सेवगी, प्रेम कायथ, दिनेश कुमार, कुलदीप डोगरा, तुला राम शर्मा, हितेश हस्टा, दयाल भाटनू, धर्मपाल, डैनी कायथ, अमन नेगी, प्रकाश भलूनी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। माकपा नेताओं ने कहा कि वर्तमान परिस्थिति में कोरोना संक्रमण के कारण करोड़ों गरीब मजदूरों को शहर छोड़ वापस अपने गांव लौटना पड़ा है। गांव पहुंचकर इन मजदूरों के सामने जीवन यापन करने का कोई साधन नहीं है और उन्हें लगातार चिंता सता रही है। कार्यकर्ताओं ने सोशल डिस्टेंस बनाकर अपना विरोध जताया। केंद्र और प्रदेश सरकार से मनरेगा दिहाड़ी में इजाफा करने, शहरी मजदूरों के लिए भी मनरेगा की तर्ज पर शहरी रोजगार गारंटी योजना को चलाने और बेरोजगारों के लिए बेरोजगार भत्ते की घोषणा करने की मांग की है। माकपा ने राष्ट्रीय संपत्ति की लूट, सार्वजनिक उपक्रमों को निजी हाथों में देने और श्रम कानूनों को पूंजीपतियों के हित में बदलने का कड़ा विरोध जताया है। कहा कि मजदूर और बेरोजगार लोगों के हितों को लेकर संघर्ष लगातार जारी रहेगा। इस अवसर पर माकपा नेता बिहारी सेवगी, प्रेम कायथ, दिनेश कुमार, कुलदीप डोगरा, तुला राम शर्मा, हितेश हस्टा, दयाल भाटनू, धर्मपाल, डैनी कायथ, अमन नेगी, प्रकाश भलूनी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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