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Rampur Bushahar News: नशे के मामलों में चौपाल की 3 पंचायतें रेड जोन में, प्रशासन ने बढ़ाई सख्ती
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चौपाल में नशे के खिलाफ बैठक की अध्यक्षता करते एसडीएम। संवाद
. एसडीएम ने अफीम-भांग की अवैध खेती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए
. 32 स्कूलों व शिक्षण संस्थानों को विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवंटित किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। प्रशासन ने उपमंडल चौपाल को नशामुक्त बनाने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। नशे के मामलों में प्रशासन ने उपमंडल की तीन पंचायतों को संवेदनशील मानते हुए रेड जोन में शामिल किया है। बीडीओ चौपाल और डीएसपी की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चांजू-चौपाल, खगना और चंदलोग को रेड जोन घोषित किया गया है। इन पंचायतों में विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे। सघन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। एसडीएम हेमचंद वर्मा की अध्यक्षता में मादक पदार्थ विरोधी अभियान की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अवैध नशे के कारोबार और अफीम-भांग की अवैध खेती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसडीएम हेमचंद वर्मा ने कहा कि नशे की समस्या केवल पुलिस की कार्रवाई से समाप्त नहीं की जा सकती। इसके लिए सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में आपसी समन्वय बनाए रखने और नशे से जुड़े मामलों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएसपी ने हाल में चलाए गए अभियानों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि उपमंडल में अफीम और भांग की अवैध खेती के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम ने तहसीलदारों को ऐसी भूमि का प्राथमिकता के आधार पर सीमांकन करने के निर्देश दिए। सरकारी भूमि पर अवैध खेती मिलने पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया। नशे से युवाओं को बचाने के लिए उपमंडल के 32 स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को विभागों के अधिकारियों को आवंटित किया गया है। ये अधिकारी हर माह स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों के लिए नशाविरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसकी की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेंगे। एसडीएम ने प्रत्येक पंचायत में जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए। रैलियों, वॉल पेंटिंग, पोस्टर और सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
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. 32 स्कूलों व शिक्षण संस्थानों को विभिन्न विभागों के अधिकारियों को आवंटित किया गया
संवाद न्यूज एजेंसी
चौपाल (रोहड़ू)। प्रशासन ने उपमंडल चौपाल को नशामुक्त बनाने के लिए सख्ती बढ़ा दी है। नशे के मामलों में प्रशासन ने उपमंडल की तीन पंचायतों को संवेदनशील मानते हुए रेड जोन में शामिल किया है। बीडीओ चौपाल और डीएसपी की रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चांजू-चौपाल, खगना और चंदलोग को रेड जोन घोषित किया गया है। इन पंचायतों में विशेष जांच अभियान चलाए जाएंगे। सघन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। एसडीएम हेमचंद वर्मा की अध्यक्षता में मादक पदार्थ विरोधी अभियान की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अवैध नशे के कारोबार और अफीम-भांग की अवैध खेती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एसडीएम हेमचंद वर्मा ने कहा कि नशे की समस्या केवल पुलिस की कार्रवाई से समाप्त नहीं की जा सकती। इसके लिए सभी विभागों, पंचायत प्रतिनिधियों, शिक्षण संस्थानों और आम जनता को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को अभियान में आपसी समन्वय बनाए रखने और नशे से जुड़े मामलों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएसपी ने हाल में चलाए गए अभियानों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि उपमंडल में अफीम और भांग की अवैध खेती के मामले सामने आए हैं। इन मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम ने तहसीलदारों को ऐसी भूमि का प्राथमिकता के आधार पर सीमांकन करने के निर्देश दिए। सरकारी भूमि पर अवैध खेती मिलने पर अतिक्रमणकारियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया। नशे से युवाओं को बचाने के लिए उपमंडल के 32 स्कूलों और शिक्षण संस्थानों को विभागों के अधिकारियों को आवंटित किया गया है। ये अधिकारी हर माह स्कूल का दौरा कर विद्यार्थियों के लिए नशाविरोधी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इसकी की गई कार्रवाई की रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपेंगे। एसडीएम ने प्रत्येक पंचायत में जागरूकता शिविर लगाने के निर्देश दिए। रैलियों, वॉल पेंटिंग, पोस्टर और सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

चौपाल में नशे के खिलाफ बैठक की अध्यक्षता करते एसडीएम। संवाद