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Rampur Bushahar News: 15 साल में 6 करोड़ से बना माता मंगला काला और देवता दोगणू का मंदिर

Wed, 11 Feb 2026 11:29 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Feb 2026 11:29 PM IST
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A grand five-storey temple was built in Lalsa, one of the four places where Parashurama stayed
लालसा में नवनिर्मित मंदिर की 18 फरवरी से होगी प्राण प्रतिष्ठा। संवाद
परशुराम की चार ठहरियों में से एक लालसा में तैयार हुआ पांच मंजिला भव्य मंदिर
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18 से शुरू होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे करीब 30 हजार लोग
क्षेत्र के आराध्य दस देवता बढ़ाएंगे धार्मिक अनुष्ठान की शोभा

गुलजारी लाल डमालू
डंसा (रामपुर बुशहर)। भगवान परशुराम की चार ठहरियों में से सबसे बड़ी ठहरी लालसा में माता मंगला काली और देवता दोगणू महाराज का भव्य मंदिर तैयार हो गया है। करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से काष्ठकुणी शैली में इस मंदिर का निर्माण किया गया है। करीब 15 साल में तैयार हुए मंदिर का प्राण प्रतिष्ठा समारोह 18 फरवरी से शुरू होगा। क्षेत्र के 10 आराध्य देवता इस धार्मिक अनुष्ठान की शोभा बढ़ाएंगे। 23 फरवरी तक चलने वाले समारोह में क्षेत्र के करीब 30 हजार लोग शामिल होंगे। समारोह को लेकर मंदिर कमेटी इन दिनों तैयारियों में जुटी हुई है। लालसा परशुराम की चार ठहरियों में शुमार है। इसका लैयापुरी प्राचीन नाम है। यहां मंदिर का निर्माण कार्य वर्ष 2011 में शुरू किया गया था, जो इस साल जनवरी माह में पूर्ण हुआ। मंदिर की भव्य कोठी में काष्ठकुणी शैली में लकड़ियों की नक्काशी समेत पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। मंदिर के निर्माण कार्य में अधिकतर लकड़ी और पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है। निर्माण कार्य के लिए बाहरी क्षेत्रों के कारीगर और प्रतिष्ठित मंदिरों में कार्यरत मिस्त्री की सेवाएं ली गईं। मंदिर निर्माण कार्य को अंतिम रूप देने तक समूचे दशोटी क्षेत्र के लोगों ने अपना सहयोग दिया। सभी के सहयोग और मंगला काली माता, देवता दोगणू महाराज के आशीर्वाद से इस पुनीत कार्य को अंजाम दिया गया है। कोठी का निर्माण कार्य लोगों की ओर से एकत्रित किए गए अंशदान से ही पूरा किया गया है।
जल यात्रा से शुरू होगा समारोह
प्राण प्रतिष्ठा समारोह का शुभारंभ 18 फरवरी को जल यात्रा से होगा। 19 और 20 को पाठ आयोजित होंगे। 21 फरवरी दोपहर को जाइयों, भांजों का धार्मिक परंपराओं का निर्वहन करते हुए भव्य स्वागत किया जाएगा। शाम को देवताओं का वाद्ययंत्रों की धुनों के साथ मंदिर समिति और देवता दोगणू की अगुआई में स्वागत होगा।
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इन देवताओं को निमंत्रण
प्राण प्रतिष्ठा समारोह में चार ठहरी के देवता दमुख देवता साहिब जाहरूनाग शनेरी, देवता यज्ञेश्वर शिंगला, देवता कालेश्वर छिज्जा देवठी, देवता लक्ष्मी नारायण कुमसू, शिलादेश के देवता दरकाली, देवता सेरी मझाली और देवता थेडा महासू शोभा बढ़ाएंगे। मंदिर समिति की ओर से सभी देवताओं को निमंत्रण भेजे गए हैं।
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15 साल की अवधि के बाद नव निर्मित मंदिर तैयार हुआ है। इस पर 6 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की गई है। प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 18 से 23 फरवरी तक आयोजित होगा। मंदिर समिति सभी आवश्यक तैयारियों को पूरा करने में जुटी हुई है। प्रशासन के साथ विभिन्न व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक रूप से चर्चा की गई है। --शीश शर्मा, प्रधान, माता मंगला काली और देवता दोगणू महाराज मंदिर समिति
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