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मंदिरों में लगी कतारें, जयकारों से गूंजे परिसर
Updated Sun, 18 Mar 2018 09:39 PM IST
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ज्यूरी (रामपुर बुशहर)।
चैत्र मास के पहले नवरात्र के दिन सराहन स्थित ऐतिहासिक भीमाकाली माता मंदिर सराहन में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। माता के दर्शन के लिए रामपुर, शिमला, किन्नौर और प्रदेश के विभिन्न इलाकों से भक्त पहुंचे। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन भी किया। हालांकि ज्यूरी-सराहन मार्ग बहाल न होने के कारण भक्तों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ीं। भक्त ज्यूरी वाया नवारू मार्ग से मंदिर पहुंचे।
चैत्र नवरात्र के पहले दिन भीमाकाली माता मंदिर सराहन, श्राईकोटी माता मंदिर, शिकारी माता मंदिर और रामपुर की महिषासुर मर्दिनी माता मंदिर में मां के भक्त सुबह से ही जुटने शुरू हो गए। मंत्रोच्चारण के साथ सभी मंदिरों में माता की आरती और पूजा पाठ का क्रम सुबह छह से ही शुरू हो गया। दूर दूर के इलाकों से माता के दर्शन करने को सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। भीमाकाली मंदिर न्यास की ओर से मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी, पुजारी पूर्णचंद शर्मा, गुर सोहन लाल और मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शिशी राम मेहता, बबलू बिष्ट ने बताया कि नवरात्रों के उपलक्ष्य पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है।
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ज्यूरी-सराहन मार्ग बाधित, श्रद्धालु हुए परेशान
शिमला, रामपुर की ओर से भीमाकाली मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ज्यूरी-सराहन मार्ग बाधित होने से खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को ज्यूरी-नवारू-बौंडा मार्ग से जाना पड़ा। यह मार्ग काफी खस्ताहाल है। यहां लोक निर्माण विभाग की नाकामी के चलते भक्तों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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चैत्र मास के पहले नवरात्र के दिन सराहन स्थित ऐतिहासिक भीमाकाली माता मंदिर सराहन में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। माता के दर्शन के लिए रामपुर, शिमला, किन्नौर और प्रदेश के विभिन्न इलाकों से भक्त पहुंचे। मंदिर परिसर में भंडारे का आयोजन भी किया। हालांकि ज्यूरी-सराहन मार्ग बहाल न होने के कारण भक्तों को खासी परेशानियां झेलनी पड़ीं। भक्त ज्यूरी वाया नवारू मार्ग से मंदिर पहुंचे।
चैत्र नवरात्र के पहले दिन भीमाकाली माता मंदिर सराहन, श्राईकोटी माता मंदिर, शिकारी माता मंदिर और रामपुर की महिषासुर मर्दिनी माता मंदिर में मां के भक्त सुबह से ही जुटने शुरू हो गए। मंत्रोच्चारण के साथ सभी मंदिरों में माता की आरती और पूजा पाठ का क्रम सुबह छह से ही शुरू हो गया। दूर दूर के इलाकों से माता के दर्शन करने को सुबह से ही मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। भीमाकाली मंदिर न्यास की ओर से मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। भीमाकाली मंदिर ट्रस्ट के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी, पुजारी पूर्णचंद शर्मा, गुर सोहन लाल और मंदिर कमेटी के अध्यक्ष शिशी राम मेहता, बबलू बिष्ट ने बताया कि नवरात्रों के उपलक्ष्य पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है।
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ज्यूरी-सराहन मार्ग बाधित, श्रद्धालु हुए परेशान
शिमला, रामपुर की ओर से भीमाकाली मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को ज्यूरी-सराहन मार्ग बाधित होने से खासी परेशानियों से जूझना पड़ रहा है। ऐसे में श्रद्धालुओं को ज्यूरी-नवारू-बौंडा मार्ग से जाना पड़ा। यह मार्ग काफी खस्ताहाल है। यहां लोक निर्माण विभाग की नाकामी के चलते भक्तों को परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
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