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वर्ष व बर्फबारी से बागवानों को मिली राहत
Updated Wed, 12 Dec 2018 09:47 PM IST
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बागीचों में तौलिये बनाकर
खाद डालने का कार्य शुरू
बारिश और बर्फबारी के कारण बागवानों को मिली राहत
तौलिये बनाते समय पेड़ों की जड़ों को न पहुंचाएं नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। वर्षा और बर्फबारी के कारण लंबे समय बाद बागवानों को बागवानी का काम आरंभ करने का मौका मिला है। सूखे के चलते बागवान तौलिये बनाने का कार्य नहीं कर पा रहे थे। अब भूमि में पर्याप्त नमी आने के बाद बागवान बागीचों में कार्य शुरू कर सकते हैं। बागवानी विशेषज्ञ के अनुसार बागवानों को तौलिये बनाते समय एहतियात बरतनी आवश्यक है।
दिसंबर माह के शुरू होते ही सेब के बागीचों में बागवान कार्य शुरू कर देते हैं। हालांकि इस बार सूखे के चलते सेब के पेड़ों के चारों तरफ खोद कर तौलिया बनाना तथा खाद डालना मुश्किल हो गया था। ऐसे में अब वर्षा व बर्फबारी से बागवानों ने राहत की सांस ली है। विशेषज्ञों के अनुसार भूमि में नमी आने के बाद अब तौलिये बनाने के लिए सबसे उपयुक्त समय है। पूर्व उद्यान विकास अधिकारी रोहडू डॉ. आगर दास के अनुसार बागवानों को तौलिये बनाते समय कुछ एहतियात बरतनी आवश्यक है। तौलिये बनाते समय पेड़ों की जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। बागवान जड़ों को साफ करें। जिन पौधों में जड़ सड़न रोग के लक्षण लग रहे उन पौधों की जड़ों को धूप लगाने के लिए खोलें तथा पौधे के कलमी भाग को मिट्टी में न दबने दें। सेब की कांट-छांट के लिए भी यह समय उपयुक्त चल रहा है।
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खाद डालने का कार्य शुरू
बारिश और बर्फबारी के कारण बागवानों को मिली राहत
तौलिये बनाते समय पेड़ों की जड़ों को न पहुंचाएं नुकसान
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। वर्षा और बर्फबारी के कारण लंबे समय बाद बागवानों को बागवानी का काम आरंभ करने का मौका मिला है। सूखे के चलते बागवान तौलिये बनाने का कार्य नहीं कर पा रहे थे। अब भूमि में पर्याप्त नमी आने के बाद बागवान बागीचों में कार्य शुरू कर सकते हैं। बागवानी विशेषज्ञ के अनुसार बागवानों को तौलिये बनाते समय एहतियात बरतनी आवश्यक है।
दिसंबर माह के शुरू होते ही सेब के बागीचों में बागवान कार्य शुरू कर देते हैं। हालांकि इस बार सूखे के चलते सेब के पेड़ों के चारों तरफ खोद कर तौलिया बनाना तथा खाद डालना मुश्किल हो गया था। ऐसे में अब वर्षा व बर्फबारी से बागवानों ने राहत की सांस ली है। विशेषज्ञों के अनुसार भूमि में नमी आने के बाद अब तौलिये बनाने के लिए सबसे उपयुक्त समय है। पूर्व उद्यान विकास अधिकारी रोहडू डॉ. आगर दास के अनुसार बागवानों को तौलिये बनाते समय कुछ एहतियात बरतनी आवश्यक है। तौलिये बनाते समय पेड़ों की जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। बागवान जड़ों को साफ करें। जिन पौधों में जड़ सड़न रोग के लक्षण लग रहे उन पौधों की जड़ों को धूप लगाने के लिए खोलें तथा पौधे के कलमी भाग को मिट्टी में न दबने दें। सेब की कांट-छांट के लिए भी यह समय उपयुक्त चल रहा है।
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