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छात्रों को माइंड मैपिंग से सिखाई जा रही पढ़ाई की तकनीक
Updated Wed, 22 Nov 2017 06:59 PM IST
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माइंड मैंपिंग क्लास में बच्चे
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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अमर उजाला ब्यूरो
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ठियोग(रामपुर बुशहर)।
जवाहर नवोदय विद्यालय शिमला शिक्षा के क्षेत्र में माइंड मैपिंग का अनूठा प्रयोग कर रहा है। विद्यालय के जीव विज्ञान के शिक्षक योगेश कुमार इस तकनीक को सिखा रहे हैं। उनका कहना है कि माइंड मैपिंग तकनीक से विद्यार्थी बड़ी आसानी से पाठ्यक्रम को याद रख सकते हैं। इस तकनीक से बच्चों को पढ़ाना भी आसान हो जाता है।
योगेश ने बताया कि आज इस विधि का प्रयोग कर जेएनवी के अधिक से अधिक विद्यार्थी कर रहे हैं। विदेशों में यह तकनीक बहुत प्रचलित है। विद्यार्थियों का कंप्यूटर, इंटरनेट के प्रति रुझान को देखते हुए माइंड मैपिंग तकनीक का प्रयोग कर उन्हें नई दिशा दे रहा है। योगेश ने कहा कि देश में शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी संस्थान राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली के मार्गदर्शन में जवाहर नवोदय विद्यालय शिमला में चलाए जा रहे प्रोजेक्ट के तहत विद्यार्थियों को माइंड मैपिंग तकनीक का प्रयोग कर स्वयं सीखने के लिए प्रेरित किया जाता है।
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विद्यालय के प्राचार्य सुमन कुमार ने अध्ययन अध्यापन प्रक्रिया में माइंड मैपिंग तकनीक के प्रयोग की सराहना की। उन्होंने बताया कि प्रोफेसर बीपी भारद्वाज के नेतृत्व में राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद नई दिल्ली की एक उच्च स्तरीय टीम विद्यालय का दौरा करेगी। वह शिक्षा के क्षेत्र में इस नवाचार पद्धति और प्रयोग की समीक्षा करेगी। इस दौरान विद्यार्थियों को होने वाले लाभों के विषय में जानकारी हासिल की जाएगी।
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