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दो कमरों में चल रही हैं दलाश स्कूल की पांच कक्षाएं
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:21 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)। सरकार और शिक्षा विभाग की अनदेखी कभी भी दलाश प्राथमिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे नौनिहालों पर भारी पड़ सकती है। पांच माह पहले आग की भेंट चढ़े स्कूल भवन के निर्माण को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग ने अभी तक कोई पहल नहीं की है।
तीस वर्ष पुराने भवन की जर्जर दिवारों को देखकर लगता है कि यह कभी भी गिर सकती है। पांच माह का समय बीतने के बाद भी विभाग नए भवन का निर्माण तो दूर जले हुए भवन को ढहाने तक की पहल नहीं कर पाया है। बीते सात अप्रैल की रात को दलाश का राजकीय प्राथमिक स्कूल आग की भेंट चढ़ गया था। आग लगने से स्कूल के सात कमरे जल कर राख हो गए थे और इन कमरों में रखा सारा फर्नीचर, मिड डे मील और स्कूल का अन्य सामान जलकर राख हो गया था। स्कूल में आंगनबाड़ी केंद्र भी चल रहा था, जिसमें कई दस्तावेज जलकर राख हो गए थे। इस आगजनी से स्कूल को करीब 30-35 लाख का नुकसान हो गया था। अब दो कमरों में ही पांच कक्षाएं लग रही हैं। इन कमरों में ही मिड डे मील और स्कूल के अन्य कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। एसएमसी अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि बारिश के कारण भवन की पुरानी दिवारें पूरी तरह से भीग जाती हैं, जिसके चलते उनके गिरने का खतरा बना रहता है। क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
इस संबंध मेें अभिभावक लाभ सिंह ठाकुर, बेली राम शर्मा, जगदीश शर्मा, सुरेश शर्मा, दिनेश ठाकुर, नरेश कुमार, ताबे राम और संतोष कुमार ने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द नया भवन तैयार करके छात्रों को सुरक्षित शिक्षा मुहैया करवाने की मांग की है। केंद्र मुख्य शिक्षक मंगल दास ने बताया कि स्कूल का सारा कार्यक्रम दो कमरों में सिमट कर रह गया है। इन्हीं दो कमरों में पांच कक्षाएं चलती हैं और मिड डे मील तैयार हो रहा है।
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खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी शीला नेगी ने बताया कि अभी तक उनके कार्यालय में भवन को गिराने या नए सिरे से तैयार करने को लेकर सरकार से कोई निर्देश नहीं पहुंचे। विभाग के अधिकारियों को नया भवन बनाने का प्रस्ताव काफी पहले भेज दिया गया है।
आनी (कुल्लू)। सरकार और शिक्षा विभाग की अनदेखी कभी भी दलाश प्राथमिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण कर रहे नौनिहालों पर भारी पड़ सकती है। पांच माह पहले आग की भेंट चढ़े स्कूल भवन के निर्माण को लेकर सरकार और शिक्षा विभाग ने अभी तक कोई पहल नहीं की है।
तीस वर्ष पुराने भवन की जर्जर दिवारों को देखकर लगता है कि यह कभी भी गिर सकती है। पांच माह का समय बीतने के बाद भी विभाग नए भवन का निर्माण तो दूर जले हुए भवन को ढहाने तक की पहल नहीं कर पाया है। बीते सात अप्रैल की रात को दलाश का राजकीय प्राथमिक स्कूल आग की भेंट चढ़ गया था। आग लगने से स्कूल के सात कमरे जल कर राख हो गए थे और इन कमरों में रखा सारा फर्नीचर, मिड डे मील और स्कूल का अन्य सामान जलकर राख हो गया था। स्कूल में आंगनबाड़ी केंद्र भी चल रहा था, जिसमें कई दस्तावेज जलकर राख हो गए थे। इस आगजनी से स्कूल को करीब 30-35 लाख का नुकसान हो गया था। अब दो कमरों में ही पांच कक्षाएं लग रही हैं। इन कमरों में ही मिड डे मील और स्कूल के अन्य कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। एसएमसी अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि बारिश के कारण भवन की पुरानी दिवारें पूरी तरह से भीग जाती हैं, जिसके चलते उनके गिरने का खतरा बना रहता है। क्षेत्र में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है।
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इस संबंध मेें अभिभावक लाभ सिंह ठाकुर, बेली राम शर्मा, जगदीश शर्मा, सुरेश शर्मा, दिनेश ठाकुर, नरेश कुमार, ताबे राम और संतोष कुमार ने सरकार और शिक्षा विभाग से जल्द नया भवन तैयार करके छात्रों को सुरक्षित शिक्षा मुहैया करवाने की मांग की है। केंद्र मुख्य शिक्षक मंगल दास ने बताया कि स्कूल का सारा कार्यक्रम दो कमरों में सिमट कर रह गया है। इन्हीं दो कमरों में पांच कक्षाएं चलती हैं और मिड डे मील तैयार हो रहा है।
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खंड प्राथमिक शिक्षा अधिकारी शीला नेगी ने बताया कि अभी तक उनके कार्यालय में भवन को गिराने या नए सिरे से तैयार करने को लेकर सरकार से कोई निर्देश नहीं पहुंचे। विभाग के अधिकारियों को नया भवन बनाने का प्रस्ताव काफी पहले भेज दिया गया है।