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टापरी और रिशाल में पेयजल किल्लत की समस्या से जूझ रहे लोग
Updated Fri, 20 Jul 2018 10:25 PM IST
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टापरी और रिशाल में पेयजल सप्लाई ठप
पंद्रह दिनों से ग्रामीण प्राकृतिक जलस्रोतों से ढो रहे पानी
भूस्खलन से आईपीएच की मुख्य लाइन तीन सौ मीटर क्षतिग्रस्त
लोगों ने विभाग के अधिकारियों पर लगाया अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के निचार खंड के तहत आने वाले टापरी और रिशाल क्षेत्र में ग्रामीण 15 दिनों से पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। करीब 300 मीटर मुख्य पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को सप्लाई नहीं मिल रही है। क्षेत्र के लोग टापरी से दो किलोमीटर दूर प्राकृतिक जलस्रोत से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द उक्त समस्या के समाधान का आग्रह किया है।
स्थानीय बाजार टापरी और रिशाल गांव के लिए किल्बा के लिंगने में बनी पेयजल योजना की मुख्य लाइन पूनंग गांव के साथ भूस्खलन के चलते क्षतिग्रस्त हो गई है। करीब 300 मीटर लाइन को क्षतिग्रस्त हुए 15 दिन से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने इसे दुरुस्त नहीं किया है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों के रोजमर्रा के कार्य बिना पानी के प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण गांव से दो किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक स्रोत से पेयजल ढोने को मजबूर हैं। क्षेत्र के अशोक जीतस, राम प्रकाश नेगी, देशराज नेगी, हंसराज नेगी, अजय नेगी, जोगिंद्र नेगी, प्रेम सिंह नेगी और सतीश नेगी के अनुसार क्षेत्र में 15 दिनों से पेयजल सप्लाई ठप पड़ी है। अभी तक आईपीएच विभाग पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं कर पा रहा है। उन्होंने प्रशासन और आईपीएच विभाग से समय रहते पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
वहीं इस संबंध में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग रिकांगपिओ के अधिशाषी अभियंता उदय सिंह बौद्ध ने बताया कि संबंधित क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता को क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही क्षेत्र के लोगों को पेयजल आपूर्ति मुहैया करवाई जाएगी।
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पंद्रह दिनों से ग्रामीण प्राकृतिक जलस्रोतों से ढो रहे पानी
भूस्खलन से आईपीएच की मुख्य लाइन तीन सौ मीटर क्षतिग्रस्त
लोगों ने विभाग के अधिकारियों पर लगाया अनदेखी का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सांगला (किन्नौर)। किन्नौर जिले के निचार खंड के तहत आने वाले टापरी और रिशाल क्षेत्र में ग्रामीण 15 दिनों से पेयजल किल्लत झेल रहे हैं। करीब 300 मीटर मुख्य पेयजल लाइन के क्षतिग्रस्त होने के कारण ग्रामीणों को सप्लाई नहीं मिल रही है। क्षेत्र के लोग टापरी से दो किलोमीटर दूर प्राकृतिक जलस्रोत से पानी ढोने के लिए मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जल्द से जल्द उक्त समस्या के समाधान का आग्रह किया है।
स्थानीय बाजार टापरी और रिशाल गांव के लिए किल्बा के लिंगने में बनी पेयजल योजना की मुख्य लाइन पूनंग गांव के साथ भूस्खलन के चलते क्षतिग्रस्त हो गई है। करीब 300 मीटर लाइन को क्षतिग्रस्त हुए 15 दिन से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन अभी तक सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग ने इसे दुरुस्त नहीं किया है। ऐसे में क्षेत्र के लोगों के रोजमर्रा के कार्य बिना पानी के प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण गांव से दो किलोमीटर दूर स्थित प्राकृतिक स्रोत से पेयजल ढोने को मजबूर हैं। क्षेत्र के अशोक जीतस, राम प्रकाश नेगी, देशराज नेगी, हंसराज नेगी, अजय नेगी, जोगिंद्र नेगी, प्रेम सिंह नेगी और सतीश नेगी के अनुसार क्षेत्र में 15 दिनों से पेयजल सप्लाई ठप पड़ी है। अभी तक आईपीएच विभाग पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं कर पा रहा है। उन्होंने प्रशासन और आईपीएच विभाग से समय रहते पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।
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वहीं इस संबंध में सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग रिकांगपिओ के अधिशाषी अभियंता उदय सिंह बौद्ध ने बताया कि संबंधित क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता को क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही क्षेत्र के लोगों को पेयजल आपूर्ति मुहैया करवाई जाएगी।
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