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जमीन एनएच की और कमाई कर रहा नगर परिषद
Updated Thu, 04 Jan 2018 08:57 PM IST
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रामपुर बुशहर।
नेशनल हाईवे प्राधिकरण भले ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए कड़ी कार्रवाई करता रहा हो, लेकिन रामपुर में प्राधिकरण के अधिकारियों ने एनएच के किनारे से अवैध कब्जे हटाने के लिए कोई कार्रवाई तक नहीं की। पूर्व कांग्रेस शासनकाल में एनएच की जमीन पर नगर परिषद रामपुर ने अवैध कब्जा ही नहीं किया अपितु इससे होने वाली लाखों रुपये की कमाई भी डकार ली। एनएच प्राधिकरण के अफसर इस पूरे प्रकरण में पिछले चार सालों से आंखें मूंदे बैठे हैं और प्राधिकरण को लाखों का चूना लगाया जाता रहा। हैरानी की बात है कि जो एनएच प्राधिकरण आज की तारीख में प्रदेश के अन्य हिस्सों में फोरलेन तैयार करने के लिए एक इंच भूमि पर अवैध कब्जा नहीं करने दे रहा, वहीं रामपुर में एनएच के किनारे पिछले चार सालों से नगर परिषद ने अवैध कब्जा कर रखा है और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व कांग्रेस शासनकाल में नगर परिषद ने रामपुर चौधरी अड्डे में एनएच की जमीन पर अवैध कब्जा करके रखा है और इसे पार्किंग के रूप में इस्तेमाल कर लाखों रुपये डकार चुका है। नगर परिषद ने जमीन पर कब्जा जमाने से पहले न तो एनएच प्राधिकरण से कोई मंजूरी ली और न ही इस दिशा में कोई प्रक्रिया अपनाने की जहमत उठाई। रामपुर में नेशनल हाईवे प्राधिकरण के अधिकारी भी तैनात हैं, परंतु इन अफसरों ने भी इस पूरे मामले में आंखें मूंदे रखीं।
बताते हैं कि नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने नगर परिषद को एनएच की जमीन खाली करने के लिए कई बार नोटिस तो थमाए लेकिन नप ने भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटाया। प्राधिकरण के अधिकारी नगर परिषद द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने में क्यों उदासीनता दिखाते रहे? इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, रामपुर के वार्ड नंबर नौ में भी एक निजी स्कूल ने एनएच की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ था। अब स्कूल प्रबंधन से उक्त जमीन का किराया प्रतिमाह 15 हजार वसूला जा रहा है। जब नप की कब्जाई जमीन से लाखों रुपये कमाए जा रहे हैं तो आज दिन तक यह राशि एनएच के अधिकारी लेने में क्यों नाकाम रहे हैं?
यही नहीं एनएच प्राधिकरण के पास केंद्र सरकार ने पूरी शक्तियां प्रदान कर रखी हैं, जिससे एनएच किनारे से अवैध कब्जों को हटाया जा सके। इसके बावजूद नेशनल हाईवे नगर परिषद की अवैध पार्किंग हटाने में क्यों दिलचस्पी नहीं दिखा रहा? इसे लेकर एनएच के अधिकारियों पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं।
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नप को एनएच प्राधिकरण ने दिए नोटिस
एनएच प्राधिकरण के एक्सईएन पासंग नेगी ने कहा कि रामपुर के चौधरी अड्डे में नगर परिषद के अवैध कब्जे को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिया जा चुका है। नगर परिषद ने एनएच पर पार्किंग बनाने की प्राधिकरण से कोई मंजूरी नहीं ली है।
क्या कहते हैं नप के कार्यकारी अधिकारी
नगर परिषद रामपुर के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि चौधरी अड्डे की पार्किंग पिछले चार साल से किराए पर दी जा रही है। हर साल इस पार्किंग के ठेके से नप एक लाख रुपये कमा रहा है। नगर परिषद पार्किंग को खाली करने पर विचार कर रहा है।
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नेशनल हाईवे प्राधिकरण भले ही अवैध कब्जों को हटाने के लिए कड़ी कार्रवाई करता रहा हो, लेकिन रामपुर में प्राधिकरण के अधिकारियों ने एनएच के किनारे से अवैध कब्जे हटाने के लिए कोई कार्रवाई तक नहीं की। पूर्व कांग्रेस शासनकाल में एनएच की जमीन पर नगर परिषद रामपुर ने अवैध कब्जा ही नहीं किया अपितु इससे होने वाली लाखों रुपये की कमाई भी डकार ली। एनएच प्राधिकरण के अफसर इस पूरे प्रकरण में पिछले चार सालों से आंखें मूंदे बैठे हैं और प्राधिकरण को लाखों का चूना लगाया जाता रहा। हैरानी की बात है कि जो एनएच प्राधिकरण आज की तारीख में प्रदेश के अन्य हिस्सों में फोरलेन तैयार करने के लिए एक इंच भूमि पर अवैध कब्जा नहीं करने दे रहा, वहीं रामपुर में एनएच के किनारे पिछले चार सालों से नगर परिषद ने अवैध कब्जा कर रखा है और अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। पूर्व कांग्रेस शासनकाल में नगर परिषद ने रामपुर चौधरी अड्डे में एनएच की जमीन पर अवैध कब्जा करके रखा है और इसे पार्किंग के रूप में इस्तेमाल कर लाखों रुपये डकार चुका है। नगर परिषद ने जमीन पर कब्जा जमाने से पहले न तो एनएच प्राधिकरण से कोई मंजूरी ली और न ही इस दिशा में कोई प्रक्रिया अपनाने की जहमत उठाई। रामपुर में नेशनल हाईवे प्राधिकरण के अधिकारी भी तैनात हैं, परंतु इन अफसरों ने भी इस पूरे मामले में आंखें मूंदे रखीं।
बताते हैं कि नेशनल हाईवे प्राधिकरण ने नगर परिषद को एनएच की जमीन खाली करने के लिए कई बार नोटिस तो थमाए लेकिन नप ने भूमि से अवैध कब्जा नहीं हटाया। प्राधिकरण के अधिकारी नगर परिषद द्वारा किए गए अवैध कब्जे को हटाने में क्यों उदासीनता दिखाते रहे? इसे लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, रामपुर के वार्ड नंबर नौ में भी एक निजी स्कूल ने एनएच की जमीन पर अवैध कब्जा किया हुआ था। अब स्कूल प्रबंधन से उक्त जमीन का किराया प्रतिमाह 15 हजार वसूला जा रहा है। जब नप की कब्जाई जमीन से लाखों रुपये कमाए जा रहे हैं तो आज दिन तक यह राशि एनएच के अधिकारी लेने में क्यों नाकाम रहे हैं?
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यही नहीं एनएच प्राधिकरण के पास केंद्र सरकार ने पूरी शक्तियां प्रदान कर रखी हैं, जिससे एनएच किनारे से अवैध कब्जों को हटाया जा सके। इसके बावजूद नेशनल हाईवे नगर परिषद की अवैध पार्किंग हटाने में क्यों दिलचस्पी नहीं दिखा रहा? इसे लेकर एनएच के अधिकारियों पर सवाल उठने स्वाभाविक हैं।
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नप को एनएच प्राधिकरण ने दिए नोटिस
एनएच प्राधिकरण के एक्सईएन पासंग नेगी ने कहा कि रामपुर के चौधरी अड्डे में नगर परिषद के अवैध कब्जे को हटाने के लिए कई बार नोटिस दिया जा चुका है। नगर परिषद ने एनएच पर पार्किंग बनाने की प्राधिकरण से कोई मंजूरी नहीं ली है।
क्या कहते हैं नप के कार्यकारी अधिकारी
नगर परिषद रामपुर के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि चौधरी अड्डे की पार्किंग पिछले चार साल से किराए पर दी जा रही है। हर साल इस पार्किंग के ठेके से नप एक लाख रुपये कमा रहा है। नगर परिषद पार्किंग को खाली करने पर विचार कर रहा है।