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चार जिलों के लिए रामपुर में बनेगा मार्केट यार्ड
Updated Wed, 03 Jan 2018 06:44 PM IST
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रामपुर बुशहर। जनजातीय विकास एवं कृषि मंत्री डॉ. रामलाल मारकंडा ने दो टूक शब्दों में कहा कि वर्तमान जयराम ठाकुर सरकार प्रदेश में राजनीतिक द्वेष की भावना से कोई कार्य नहीं करेगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी क्षेत्र में विकास के प्रोजेक्ट लंबित हैं तो उनको प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को विकास का सही मायने में लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चार जिलों के किसानों के लिए रामपुर में शीघ्र मार्केट यार्ड बनाने का फैसला लिया है। इसके लिए उपयुक्त जमीन की तलाश की जा रही है।
मार्केट यार्ड के लिए विभाग के पास दस करोड़ का बजट प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास उपयोजना फंड में 25 फीसदी कटौती से जनजातीय क्षेत्रों को क्षति हुई है। डॉ. रामलाल मारकंडा बुधवार को यहां रामपुर के दौरे पर रहे और उन्होंने यहां प्रस्तावित जनजातीय भवन की जमीन का जायजा भी लिया। डॉ. मारकंडा ने कहा कि रामपुर में मार्केट यार्ड बनाने से प्रदेश के शिमला, किन्नौर, मंडी और कुल्लू के किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त मार्केट यार्ड ऐसे स्थान में बनेगा, जहां ट्रकों और अन्य वाहन आसानी से पहुंचे। दत्तनगर के पास भूमि का जायजा लेकर सरकार का रिपोर्ट देंगे। पुरानी चिन्हित भूमि सही पाई गई तो प्रोजेक्ट वहीं शुरू होगा और सरकार देखेगी कि वहां लोगों को सही मायने में लाभ मिलेगा या नहीं। इस दौरान किन्नौर से भाजपा प्रत्याशी तेजवंत नेगी सहित रामपुर भाजपा मंडल के कई नेता भी मौजूद रहे। रामपुर के पास जनजातीय भवन का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 14 नवंबर, 2011 में किया था। इसके बाद से जनजातीय भवन का निर्माण कार्य लंबित रहा। करीब 50 हजार रुपये का बजट प्रावधान भी किया था पर यह भी लैप्स हो गया था। वर्ष 2017 तक जनजातीय भवन के नाम की शिलान्यास पट्टिका भी जमीन में शोभा बढ़ाती रही। यह भवन करीब पांच करोड़ की लागत से बनेगा। मंत्री ने कहा कि रामपुर के जनजातीय भवन की नए सिरे से ड्राइंग तैयार की जाए। इसमें एक पार्किंग और बहुउद्देशीय हाल बनाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए बजट प्रावधान किया जाए और इसे साल में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि किन्नौैर में लंबित प्रोजेक्टों को पूरा करेंगे और राजनीतिक द्वेष की भावना से कोई काम नहीं किया जाएगा। किन्नौर में लंबित पुलों, पीएचसी और सड़कों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे।
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मार्केट यार्ड के लिए विभाग के पास दस करोड़ का बजट प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास उपयोजना फंड में 25 फीसदी कटौती से जनजातीय क्षेत्रों को क्षति हुई है। डॉ. रामलाल मारकंडा बुधवार को यहां रामपुर के दौरे पर रहे और उन्होंने यहां प्रस्तावित जनजातीय भवन की जमीन का जायजा भी लिया। डॉ. मारकंडा ने कहा कि रामपुर में मार्केट यार्ड बनाने से प्रदेश के शिमला, किन्नौर, मंडी और कुल्लू के किसानों को सीधे लाभ मिलेगा। इसके अतिरिक्त मार्केट यार्ड ऐसे स्थान में बनेगा, जहां ट्रकों और अन्य वाहन आसानी से पहुंचे। दत्तनगर के पास भूमि का जायजा लेकर सरकार का रिपोर्ट देंगे। पुरानी चिन्हित भूमि सही पाई गई तो प्रोजेक्ट वहीं शुरू होगा और सरकार देखेगी कि वहां लोगों को सही मायने में लाभ मिलेगा या नहीं। इस दौरान किन्नौर से भाजपा प्रत्याशी तेजवंत नेगी सहित रामपुर भाजपा मंडल के कई नेता भी मौजूद रहे। रामपुर के पास जनजातीय भवन का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने 14 नवंबर, 2011 में किया था। इसके बाद से जनजातीय भवन का निर्माण कार्य लंबित रहा। करीब 50 हजार रुपये का बजट प्रावधान भी किया था पर यह भी लैप्स हो गया था। वर्ष 2017 तक जनजातीय भवन के नाम की शिलान्यास पट्टिका भी जमीन में शोभा बढ़ाती रही। यह भवन करीब पांच करोड़ की लागत से बनेगा। मंत्री ने कहा कि रामपुर के जनजातीय भवन की नए सिरे से ड्राइंग तैयार की जाए। इसमें एक पार्किंग और बहुउद्देशीय हाल बनाने की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट के लिए बजट प्रावधान किया जाए और इसे साल में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि किन्नौैर में लंबित प्रोजेक्टों को पूरा करेंगे और राजनीतिक द्वेष की भावना से कोई काम नहीं किया जाएगा। किन्नौर में लंबित पुलों, पीएचसी और सड़कों के निर्माण कार्य पूरे किए जाएंगे।
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