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Rampur Bushahar News: दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में नहीं शिक्षक, कैसे संवरेगा नौनिहालों का भविष्य

Thu, 02 Oct 2025 11:13 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Oct 2025 11:13 PM IST
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52 teacher posts are vacant in the primary schools of Nirmand subdivision.
प्राथमिक पाठशाला ढमाह में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे नौनिहाल। संवाद
निरमंड उपमंडल की प्राथमिक पाठशालाओं में शिक्षकों के 52 पद खाली
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कई स्कूलों में एक शिक्षक तो कई में डेपुटेशन से चल रही व्यवस्था

अभिभावक चिंतित, सरकार से रिक्त पदों को भरने की मांग

राकेश बिनी शर्मा

निरमंड(कुल्लू)। प्रदेश के ग्रामीण और सीमांत इलाकों में सरकार बेहतर शिक्षा व्यवस्था के दावे कर रही है, लेकिन दुर्गम क्षेत्रों के स्कूलों में शिक्षक न होने से बच्चों के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया है। वहीं, अभिभावक भी चिंतित हैं। सरकार और शिक्षा विभाग की अनदेखी दुर्गम क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के नौनिहालों पर भारी पड़ रही है। शिक्षा खंड निरमंड के कई प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था के बुरे हाल हैं। कई स्कूलों में एक शिक्षक है, तो कई स्कूलों में डेपुटेशन के सहारे बच्चों की पढ़ाई चल रही है। शिक्षा खंड के 95 प्राथमिक स्कूलों में 52 जेबीटी और एक केंद्र मुख्य अध्यापक के पद रिक्त चल रहे हैं। यह शिक्षा खंड कुल्लू जिले में सबसे अधिक शिक्षकों की कमी से जूझ रहा है। जेबीटी शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया न होने से रिक्त पदों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शिक्षकों की कमी के कारण अभिभावक दूसरे स्कूलों का रुख करने को मजबूर हैं या फिर निजी स्कूलों में अपने बच्चों को भेज रहे हैं। दुर्गम क्षेत्र में यदि साथ लगते स्कूलों में बच्चों को भेजते हैं, तो वहां के रास्ते, जंगल और विपरीत परिस्थितियां अभिभावकों की परेशानी बढ़ा रही हैं। ऐसे में अभिभावकों में खासा रोष है। संवाद
अभिभावकों ने उठाई शिक्षकों के पद भरने की मांग
अभिभावक योगेश, विकास, जोगिंद्र, हरीश, राकेश और मोहन लाल का कहना है कि एक समय में शिक्षा खंड निरमंड में जेबीटी के पद सरप्लस थे। एक पाठशाला में तीन से चार शिक्षक हुआ करते थे। अब शिक्षकों के अभाव से सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या कम होने लगी है। अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं। सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बनाए रखने के लिए शिक्षकों की तैनाती करना जरूरी है। उन्होंने प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग से स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरकर राहत देने की मांग की है।
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स्कूलों में रिक्त पड़े पदों की रिपोर्ट समय-समय पर उच्चाधिकारियों को भेजी जाती है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि सरकार जल्द ही शिक्षकों की तैनाती करेगी। --वंदना, अधिकारी, खंड प्राथमिक शिक्षा निरमंड
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