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तीन साल में नहीं बन सका क्वार में रेस्ट हाउस का भवन बुनियाद की खुदाई से दो घरों को खतरा
Updated Sat, 15 Dec 2018 09:40 PM IST
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तीन साल में नहीं बन पाया क्वार में विश्रामगृह
नींव भरने के बाद से बंद है काम, डंगे का काम भी अधूरा
खुदाई के बाद पूरा डंगा न लगने से ऊपर बने घरों को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। शिलान्यास के बाद तीन साल बाद भी क्वार के धंधरवाडी में लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस का भवन नहीं बन पाया है। बुनियाद की खुदाई के बाद पूरा डंग न लगने से दो घरों को भी खतरा बना हुआ है। धंधरवाडी हेलीपैड के समीप करीब दो करोड़ की लागत से रेस्ट हाउस का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए ग्रामीणों ने करीब दस बीघा भूमि का प्रबंध किया है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से रेस्ट हाउस के टेंडर जुलाई 2016 में ठेकेदार को अवार्ड किए थे। अभी तक मौके पर रेस्ट हाउस की तीन साल में बुनियाद भी पूरी नहीं बनी है। धंधरवाड़ी पंचायत के प्रधान कपिल पितान का कहना है कि रेस्ट हाउस के लिए गांव के लोगों ने करीब पांच बीघा भूमि का दान में दिया है। कई दिन तक भूमि को लोकनिर्माण विभाग के नाम पर बदलने के लिए शिमला तक के चक्कर काटे। पंचायत के पर्व प्रधान शंकर ध्यान ने कहा कि रेस्ट हाउस के निर्माण का कार्य जिस ठेकेदार को सौंपा गया है, उसने बुनियाद को भी तीन साल में पूरा नहीं किया है। पंचायत के लोगों का आरोप है कि लोनिवि के अधिकारी ठेकेदार को इस लापरवाही की पूरी छूट दे रहे हैं। स्थानीय निवासी संजीव खेपान और राम दयान ने बताया कि रेस्ट हाउस बनाने के लिए खुदाई से उनके घरों को खतरा बना हुआ है। बरसात में उनको घर खाली करना पडे़ थे।
सर्दी के मौसम में अब दोबारा घर के लिए खतरा बना हुआ है। घर के आंगन में दरारें पड़ी हैं। उन्होंने कहा न तो रेस्ट हाउस का निर्माण हो रहा है, न ही उनके घरों को सुरक्षित करने की पहल हो रही है। पिछले महीने दो नवंबर को क्वार में प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम में भी पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मामले को गंभीरता से उठाया। लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग ठेकेदार पर पूरा मेहरबान है। बजट के बाद रेस्ट हाउस के निर्माण का कार्य नहीं हो रहा।
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लोक निमार्ण विभाग के एसडीएम दशमेंद्र पाल का कहना है कि ठेकेदार को धंधरवाडी रेस्ट हाउस के निर्माण का कार्य जुलाई 2016 में सौंपा गया है। मौके पर ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। ठेकेदार को कई बार काम पूरा करने के लिए लिखित में पत्राचार भी किया गया है। जिन घरों को खतरा था वहां पर अभी सुरक्षा के लिए क्रेटवाल लगाई गई है। पक्की दिवार लगाने का कार्य सर्दियों के बाद किया जाएगा।
कृप्या इस खबर को शिमला पेज पर स्थान देने की व्यवस्था करे जी।
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नींव भरने के बाद से बंद है काम, डंगे का काम भी अधूरा
खुदाई के बाद पूरा डंगा न लगने से ऊपर बने घरों को खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
रोहडू। शिलान्यास के बाद तीन साल बाद भी क्वार के धंधरवाडी में लोक निर्माण विभाग के रेस्ट हाउस का भवन नहीं बन पाया है। बुनियाद की खुदाई के बाद पूरा डंग न लगने से दो घरों को भी खतरा बना हुआ है। धंधरवाडी हेलीपैड के समीप करीब दो करोड़ की लागत से रेस्ट हाउस का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए ग्रामीणों ने करीब दस बीघा भूमि का प्रबंध किया है।
लोक निर्माण विभाग की ओर से रेस्ट हाउस के टेंडर जुलाई 2016 में ठेकेदार को अवार्ड किए थे। अभी तक मौके पर रेस्ट हाउस की तीन साल में बुनियाद भी पूरी नहीं बनी है। धंधरवाड़ी पंचायत के प्रधान कपिल पितान का कहना है कि रेस्ट हाउस के लिए गांव के लोगों ने करीब पांच बीघा भूमि का दान में दिया है। कई दिन तक भूमि को लोकनिर्माण विभाग के नाम पर बदलने के लिए शिमला तक के चक्कर काटे। पंचायत के पर्व प्रधान शंकर ध्यान ने कहा कि रेस्ट हाउस के निर्माण का कार्य जिस ठेकेदार को सौंपा गया है, उसने बुनियाद को भी तीन साल में पूरा नहीं किया है। पंचायत के लोगों का आरोप है कि लोनिवि के अधिकारी ठेकेदार को इस लापरवाही की पूरी छूट दे रहे हैं। स्थानीय निवासी संजीव खेपान और राम दयान ने बताया कि रेस्ट हाउस बनाने के लिए खुदाई से उनके घरों को खतरा बना हुआ है। बरसात में उनको घर खाली करना पडे़ थे।
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सर्दी के मौसम में अब दोबारा घर के लिए खतरा बना हुआ है। घर के आंगन में दरारें पड़ी हैं। उन्होंने कहा न तो रेस्ट हाउस का निर्माण हो रहा है, न ही उनके घरों को सुरक्षित करने की पहल हो रही है। पिछले महीने दो नवंबर को क्वार में प्रशासन जनता के द्वार कार्यक्रम में भी पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मामले को गंभीरता से उठाया। लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग ठेकेदार पर पूरा मेहरबान है। बजट के बाद रेस्ट हाउस के निर्माण का कार्य नहीं हो रहा।
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लोक निमार्ण विभाग के एसडीएम दशमेंद्र पाल का कहना है कि ठेकेदार को धंधरवाडी रेस्ट हाउस के निर्माण का कार्य जुलाई 2016 में सौंपा गया है। मौके पर ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। ठेकेदार को कई बार काम पूरा करने के लिए लिखित में पत्राचार भी किया गया है। जिन घरों को खतरा था वहां पर अभी सुरक्षा के लिए क्रेटवाल लगाई गई है। पक्की दिवार लगाने का कार्य सर्दियों के बाद किया जाएगा।
कृप्या इस खबर को शिमला पेज पर स्थान देने की व्यवस्था करे जी।