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किन्नू में परियोजना के खिलाफ खोला मोर्चा
Updated Tue, 28 Nov 2017 09:29 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
रामपुर बुशहर।
किन्नू पंचायत में निर्माणाधीन निजी परियोजना पर ग्रामीणों के हकों को दरकिनार करने का आरोप लगा है। परियोजना के खिलाफ अब पंचायत ने मोर्चा खोल दिया है। पंचायत प्रधान किन्नू यशपाल चौहान ने एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल को ज्ञापन सौंप कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
किन्नू पंचायत के कोटागाड़ में निर्माणाधीन एक निजी विद्युत परियोजना न तो ग्रामीणों को मुआवजा दे रही है और न ही लाडा का पैसा जमा करवा रही है। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में प्रधान यशपाल ने कहा है कि उक्त विद्युत परियोजना प्रभावितों की जमीन पर कब्जा किए हुए है।
ग्रामीण अपनी ही जमीन का मुआवजा लेने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। परियोजना निर्माण में भी कायदे कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिन नियमों के आधार पर इस परियोजना को यहां पर निर्माण करने की अनुमति पंचायत ने दी थी, उसमें अधिकतर नियमों को परियोजना प्रबंधन दरकिनार कर रहा है।
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परियोजना ने लाडा के तहत करीब 28 लाख की राशि जमा करनी है, लेकिन अभी तक मात्र 2 लाख 75 हजार राशि ही जमा हो पाई है। लाडा के तहत संबंधित पंचायत में जो विकास कार्य होने हैं, वे नहीं हो पा रहे। परियोजना प्रबंधन मनमाने तरीके से प्रभावितों को मुआवजा दे रहा है।
पंचायत ने एसडीएम को सौंपे पत्र में कहा है कि यदि परियोजना प्रबंधन एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित मांगों को नहीं सुलझाता, तो ग्रामीण परियोजना का निर्माण कार्य बंद कर देंगे। मांगें पूरी न होने तक काम बंद रखा जाएगा। इस बारे में एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि पंचायत ने ज्ञापन सौंपा है। इस बारे में संबंधित परियोजना प्रबंधन को समस्याओं को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए जाएंगे।
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रामपुर बुशहर।
किन्नू पंचायत में निर्माणाधीन निजी परियोजना पर ग्रामीणों के हकों को दरकिनार करने का आरोप लगा है। परियोजना के खिलाफ अब पंचायत ने मोर्चा खोल दिया है। पंचायत प्रधान किन्नू यशपाल चौहान ने एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल को ज्ञापन सौंप कर उचित कार्रवाई की मांग की है।
किन्नू पंचायत के कोटागाड़ में निर्माणाधीन एक निजी विद्युत परियोजना न तो ग्रामीणों को मुआवजा दे रही है और न ही लाडा का पैसा जमा करवा रही है। एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में प्रधान यशपाल ने कहा है कि उक्त विद्युत परियोजना प्रभावितों की जमीन पर कब्जा किए हुए है।
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ग्रामीण अपनी ही जमीन का मुआवजा लेने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। परियोजना निर्माण में भी कायदे कानूनों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जिन नियमों के आधार पर इस परियोजना को यहां पर निर्माण करने की अनुमति पंचायत ने दी थी, उसमें अधिकतर नियमों को परियोजना प्रबंधन दरकिनार कर रहा है।
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परियोजना ने लाडा के तहत करीब 28 लाख की राशि जमा करनी है, लेकिन अभी तक मात्र 2 लाख 75 हजार राशि ही जमा हो पाई है। लाडा के तहत संबंधित पंचायत में जो विकास कार्य होने हैं, वे नहीं हो पा रहे। परियोजना प्रबंधन मनमाने तरीके से प्रभावितों को मुआवजा दे रहा है।
पंचायत ने एसडीएम को सौंपे पत्र में कहा है कि यदि परियोजना प्रबंधन एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित मांगों को नहीं सुलझाता, तो ग्रामीण परियोजना का निर्माण कार्य बंद कर देंगे। मांगें पूरी न होने तक काम बंद रखा जाएगा। इस बारे में एसडीएम रामपुर डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि पंचायत ने ज्ञापन सौंपा है। इस बारे में संबंधित परियोजना प्रबंधन को समस्याओं को जल्द सुलझाने के निर्देश दिए जाएंगे।