{"_id":"6728cb34cb479bcf82023a70","slug":"45-lakh-boxes-of-apples-sent-to-the-markets-in-kinnaur-this-year-rampur-hp-news-c-178-1-ssml1031-124189-2024-11-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rampur Bushahar News: किन्नौर में इस साल मंडियों को भेजीं सेब की 45 लाख पेटियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rampur Bushahar News: किन्नौर में इस साल मंडियों को भेजीं सेब की 45 लाख पेटियां
विज्ञापन
किन्नौर जिले के छितकुल पंचायत के अंतर्गत मस्तरंग में महिला बागवान सेब तुडान करते हुए। फोटो संज
जिले में पिछले पांच सालों में सेब का हुआ रिकॉर्ड उत्पादन, यूनिवर्सल कार्टन भी बागवानों के लिए साबित हो रहा लाभकारी
41 लाख से अधिक पेटियों का उत्पादन साल 2022-23 में हुआ था
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। साल 1970 से लेकर अब तक किन्नौर जिले में इस साल सेब का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। जिले के लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया बना सेब वर्ष-दर-वर्ष लाभ पहुंचा रहा है। इस वर्ष जिले से सेब की 45 लाख पेटियां देश और प्रदेश की विभिन्न मंडियों के लिए भेजी जा चुकी हैं। जिले में अब तक सबसे अधिक सेब उत्पादन साल 2022-23 में हुआ था। इस वर्ष जिले में सेब की 41 लाख से अधिक पेटियों का उत्पादन हुआ था। अब यूनिवर्सल कार्टन लागू होने से भी बागवानों को खासा मुनाफा हो रहा है। गौर हो कि जनजातीय जिला किन्नौर में उगने वाला सेब अपने स्वाद, मिठास और गुणवत्ता के लिए देश-प्रदेश में मशहूर है। हर वर्ष जिले में सेब की लाखों पेटियां का उत्पादन होता है। इस वर्ष जिले में सेब का अब तक रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया है। इस वर्ष रविवार तक जिले से सेब की 45 लाख पेटियां देश-प्रदेश की विभिन्न मंडियों में पहुंच चुकी है। इस वर्ष बागवानों को प्रति पेटी के 15 सौ से 29 सौ रुपये दाम मिले हैं। बंपर फसल के बावजूद किन्नौर के सेब को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
पिछले पांच वर्षों में उत्पादन
वर्ष 2019-20 में 28,43,000
वर्ष 2020-21 में 36,66,000
वर्ष 2021-22 में 24,37,900
वर्ष 2022-23 में 41,66,000
2023-24 में 29,14,900
बागवानों की आर्थिकी हो रही मजबूत
जिले में अब सेब की आधुनिक तकनीक से पैदावार की जा रही है। खाली पड़ी जगहों में भी सेब की नई पौध लगाई जा रही है। जिले में हर वर्ष बागवान अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रहे हैं। इस वर्ष भी जिले में सेब से बागवानों को करीब आठ करोड़ की कमाई हुई है।
यूनिवर्सल कार्टन से मिला लाभ
किनफैड किन्नौर के पूर्व उपाध्यक्ष कमल किशोर नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष से यूनिवर्सल कार्टन को शुरू किया है। इससे जहां बागवानों को लाभ मिल रहा है, वहीं सेब आढ़तियों को भी इसका फायदा पहुंच रहा है। पहले जहां एक पेटी में 28 से 32 किलोग्राम सेब जाता था, वहीं अब यूनिवर्सल कार्टन के चलते प्रति पेटी 22 से 24 किलोग्राम सेब बिक रहा है।
विज्ञापन
किन्नौर से अब तक सेब की करीब 45 लाख पेटियां विभिन्न मंडियों के लिए भेजी जा चुकी हैं। जिले में सेब उत्पादन से बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो रही है। इस बार से लागू हुआ यूनिवर्सल कार्टन भी बागवानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। - बीएस नेगी, उप निदेशक, उद्यान विभाग किन्नौर
विज्ञापन
41 लाख से अधिक पेटियों का उत्पादन साल 2022-23 में हुआ था
बीरबल नेगी
सांगला (किन्नौर)। साल 1970 से लेकर अब तक किन्नौर जिले में इस साल सेब का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है। जिले के लोगों की आर्थिकी का मुख्य जरिया बना सेब वर्ष-दर-वर्ष लाभ पहुंचा रहा है। इस वर्ष जिले से सेब की 45 लाख पेटियां देश और प्रदेश की विभिन्न मंडियों के लिए भेजी जा चुकी हैं। जिले में अब तक सबसे अधिक सेब उत्पादन साल 2022-23 में हुआ था। इस वर्ष जिले में सेब की 41 लाख से अधिक पेटियों का उत्पादन हुआ था। अब यूनिवर्सल कार्टन लागू होने से भी बागवानों को खासा मुनाफा हो रहा है। गौर हो कि जनजातीय जिला किन्नौर में उगने वाला सेब अपने स्वाद, मिठास और गुणवत्ता के लिए देश-प्रदेश में मशहूर है। हर वर्ष जिले में सेब की लाखों पेटियां का उत्पादन होता है। इस वर्ष जिले में सेब का अब तक रिकॉर्ड उत्पादन दर्ज किया गया है। इस वर्ष रविवार तक जिले से सेब की 45 लाख पेटियां देश-प्रदेश की विभिन्न मंडियों में पहुंच चुकी है। इस वर्ष बागवानों को प्रति पेटी के 15 सौ से 29 सौ रुपये दाम मिले हैं। बंपर फसल के बावजूद किन्नौर के सेब को बेहतर दाम मिल रहे हैं।
पिछले पांच वर्षों में उत्पादन
वर्ष 2019-20 में 28,43,000
वर्ष 2020-21 में 36,66,000
वर्ष 2021-22 में 24,37,900
वर्ष 2022-23 में 41,66,000
2023-24 में 29,14,900
बागवानों की आर्थिकी हो रही मजबूत
जिले में अब सेब की आधुनिक तकनीक से पैदावार की जा रही है। खाली पड़ी जगहों में भी सेब की नई पौध लगाई जा रही है। जिले में हर वर्ष बागवान अपनी आर्थिकी को मजबूत कर रहे हैं। इस वर्ष भी जिले में सेब से बागवानों को करीब आठ करोड़ की कमाई हुई है।
विज्ञापन
यूनिवर्सल कार्टन से मिला लाभ
किनफैड किन्नौर के पूर्व उपाध्यक्ष कमल किशोर नेगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस वर्ष से यूनिवर्सल कार्टन को शुरू किया है। इससे जहां बागवानों को लाभ मिल रहा है, वहीं सेब आढ़तियों को भी इसका फायदा पहुंच रहा है। पहले जहां एक पेटी में 28 से 32 किलोग्राम सेब जाता था, वहीं अब यूनिवर्सल कार्टन के चलते प्रति पेटी 22 से 24 किलोग्राम सेब बिक रहा है।
विज्ञापन
किन्नौर से अब तक सेब की करीब 45 लाख पेटियां विभिन्न मंडियों के लिए भेजी जा चुकी हैं। जिले में सेब उत्पादन से बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो रही है। इस बार से लागू हुआ यूनिवर्सल कार्टन भी बागवानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। - बीएस नेगी, उप निदेशक, उद्यान विभाग किन्नौर