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सरकारी धन का दुरूपयोग करने पर प्रधान और पंचायत सचिव निलंबित
Updated Wed, 17 Oct 2018 10:29 PM IST
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सरकारी धन के दुरुपयोग पर
प्रधान, पंचायत सचिव निलंबित
पक्का रास्ता बनाने के लिए घटिया निर्माण सामग्री की इस्तेमाल
लोगों की शिकायतों पर उपायुक्त किन्नौर ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की यांगपा पंचायत के प्रधान और सचिव को सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर उपायुक्त किन्नौर ने पद से निलंबित कर दिया है। प्रधान और सचिव के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त ने एसडीएम और बीडीओ की अध्यक्षता वाली जांच टीम का गठन कर तीन माह के भीतर प्रशासन को इसकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश संख्या 7/2006 - 5010 -16 दिनांक 15 अक्तूबर, 2018 के अनुसार ग्राम पंचायत यांगपा के प्रधान नरेंद्र कुमार को पक्का रास्ता एवं निकासी कुचूदांग से बायो तक के निर्माण के लिए 27,66,904 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी और स्थानीय क्षेत्र विकास समिति किन्नौर के कार्यालय से मुबलिग 13,83,452/-रूपये की राशि बतौर प्रथम किश्त आरटीजीएस संख्या 929 दिनांक 28 जुलाई 2017 के द्वारा खाते में स्थानांतरण किया गया था।
उक्त रास्ते के निर्माण को लेकर उपायुक्त किन्नौर को ग्रामीणों की ओर से कई तरह की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके कारण उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने कार्यालय के कनिष्ठ अभियंता द्वारा प्रारंभिक जांच करवाई गई और कनिष्ठ अभियंता द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट और पंचायत सचिव द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन करने पर प्रथम दृष्टि में पाया गया कि प्रधान नरेंद्र कुमार और पंचायत सचिव वीना देवी ने सरकारी धन का दुरूपयोग किया है।
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उपायुक्त कार्यालय रिकांगपिओ ने प्रधान ग्राम पंचायत यांगपा नरेंद्र कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस संदर्भ में प्रधान नरेंद्र कुमार ने लिखित उत्तर उपायुक्त कार्यालय रिकांगपिओ में दिया। गहनता से इस लिखित उत्तर की जांच पड़ताल की गई और प्रधान नरेंद्र कुमार द्वारा प्रस्तुत उत्तर की पुष्टि तथा मामलों की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त रिकांगपिओ ने नियमित जांच के लिए उपमंडल अधिकारी भावानगर की अध्यक्षता में अधीक्षक कार्यालय खंड विकास अधिकारी निचार को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच कमेटी को तीन माह के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिए गए हैं। यांगपा के ग्रामीणों ने उपायुक्त से की शिकायत में पक्का रास्ता बनाने के लिए विशेष पत्थर का इस्तेमाल न कर रास्ते के निर्माण में छप्पर का स्लेट बिछाने के आरोप लगाए हैं।
ग्राम पंचायत यांगपा के प्रधान नरेंद्र कुमार ने कहा कि रास्ता बनाने में कोई अनियमितताएं नहीं बरती गई हैं। उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर यांगपा पंचायत प्रधान और सचिव को तुरंत पद से निलंबित किया गया है। जांच कमेटी को तीन माह के भीतर कार्य की रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।
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प्रधान, पंचायत सचिव निलंबित
पक्का रास्ता बनाने के लिए घटिया निर्माण सामग्री की इस्तेमाल
लोगों की शिकायतों पर उपायुक्त किन्नौर ने उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
रिकांगपिओ (किन्नौर)। जनजातीय जिला किन्नौर की यांगपा पंचायत के प्रधान और सचिव को सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर उपायुक्त किन्नौर ने पद से निलंबित कर दिया है। प्रधान और सचिव के खिलाफ पंचायतीराज अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उपायुक्त ने एसडीएम और बीडीओ की अध्यक्षता वाली जांच टीम का गठन कर तीन माह के भीतर प्रशासन को इसकी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
उपायुक्त कार्यालय की ओर से जारी कार्यालय आदेश संख्या 7/2006 - 5010 -16 दिनांक 15 अक्तूबर, 2018 के अनुसार ग्राम पंचायत यांगपा के प्रधान नरेंद्र कुमार को पक्का रास्ता एवं निकासी कुचूदांग से बायो तक के निर्माण के लिए 27,66,904 रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी और स्थानीय क्षेत्र विकास समिति किन्नौर के कार्यालय से मुबलिग 13,83,452/-रूपये की राशि बतौर प्रथम किश्त आरटीजीएस संख्या 929 दिनांक 28 जुलाई 2017 के द्वारा खाते में स्थानांतरण किया गया था।
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उक्त रास्ते के निर्माण को लेकर उपायुक्त किन्नौर को ग्रामीणों की ओर से कई तरह की शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जिसके कारण उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने कार्यालय के कनिष्ठ अभियंता द्वारा प्रारंभिक जांच करवाई गई और कनिष्ठ अभियंता द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट और पंचायत सचिव द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का अवलोकन करने पर प्रथम दृष्टि में पाया गया कि प्रधान नरेंद्र कुमार और पंचायत सचिव वीना देवी ने सरकारी धन का दुरूपयोग किया है।
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उपायुक्त कार्यालय रिकांगपिओ ने प्रधान ग्राम पंचायत यांगपा नरेंद्र कुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस संदर्भ में प्रधान नरेंद्र कुमार ने लिखित उत्तर उपायुक्त कार्यालय रिकांगपिओ में दिया। गहनता से इस लिखित उत्तर की जांच पड़ताल की गई और प्रधान नरेंद्र कुमार द्वारा प्रस्तुत उत्तर की पुष्टि तथा मामलों की गंभीरता को देखते हुए उपायुक्त रिकांगपिओ ने नियमित जांच के लिए उपमंडल अधिकारी भावानगर की अध्यक्षता में अधीक्षक कार्यालय खंड विकास अधिकारी निचार को मामले की जांच के आदेश दिए हैं। इस जांच कमेटी को तीन माह के भीतर जांच पूरी करने का आदेश दिए गए हैं। यांगपा के ग्रामीणों ने उपायुक्त से की शिकायत में पक्का रास्ता बनाने के लिए विशेष पत्थर का इस्तेमाल न कर रास्ते के निर्माण में छप्पर का स्लेट बिछाने के आरोप लगाए हैं।
ग्राम पंचायत यांगपा के प्रधान नरेंद्र कुमार ने कहा कि रास्ता बनाने में कोई अनियमितताएं नहीं बरती गई हैं। उपायुक्त किन्नौर गोपाल चंद ने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग करने पर यांगपा पंचायत प्रधान और सचिव को तुरंत पद से निलंबित किया गया है। जांच कमेटी को तीन माह के भीतर कार्य की रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।