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देवी-देवताओं के दर पर हाजिरी भर रहे प्रत्याशी
Updated Tue, 12 Dec 2017 07:08 PM IST
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netaji
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रोहड़ू। विधानसभा चुनाव की मतगणना का दिन करीब आते ही नेताओं ने देवी, देवताओं व ज्योतिषियों के दर पर हाजरियां लगाना शुरू कर दिया है। चुनावी परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे नेताओं के दिलों की धड़कनें तेज हो गई हैं। नेतागण अब कागजों के आंकड़ों को छोड़कर देवी-देवताओं से प्रत्याशियों की जीत-हार का परिणाम जानकर अपने दिलों को दिलासा दे रहे हैं।
मतगणना के लिए मात्र छह दिनों का समय शेष रह गया है। ज्योतिषी भी प्रत्याशियों की कुंडली देखकर उनको जमकर सब्ज बाग दिखा रहे हैं। मजे की बता तो यह है कि चुनावी परिणाम को लेकर ज्योतिषियों में भी एक मत नजर नहीं आ रहा है। कोई ज्योतिषी अपने गणित से भाजपा को जीता रहा है, तो कोई कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पक्की बता रहा है। देवताओं के गुरों के माध्यम से हार-जीत का गणित पूछ रहे हैं। देवी-देवताओं के गणित से किसी को निराशा तो किसी को आशा मिल रही है। कोई नेता देवताओं के आश्वासन से खुद की जीत पक्की मान रहा है तो कोई चुनाव में कांटे की टक्कर मान रहा है। अपने विधानसभा हल्कों से लेकर प्रदेश की सत्ता तक के परिणामों का गणित अब देवी-देवताओं के दरबारों से जाना जा रहा है। एक माह तक इंतजार करने के बाद अब नेताओं के लिए दो दिनों का इंतजार करना भी मुश्किल हो गया है।
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मतगणना के लिए मात्र छह दिनों का समय शेष रह गया है। ज्योतिषी भी प्रत्याशियों की कुंडली देखकर उनको जमकर सब्ज बाग दिखा रहे हैं। मजे की बता तो यह है कि चुनावी परिणाम को लेकर ज्योतिषियों में भी एक मत नजर नहीं आ रहा है। कोई ज्योतिषी अपने गणित से भाजपा को जीता रहा है, तो कोई कांग्रेस प्रत्याशी की जीत पक्की बता रहा है। देवताओं के गुरों के माध्यम से हार-जीत का गणित पूछ रहे हैं। देवी-देवताओं के गणित से किसी को निराशा तो किसी को आशा मिल रही है। कोई नेता देवताओं के आश्वासन से खुद की जीत पक्की मान रहा है तो कोई चुनाव में कांटे की टक्कर मान रहा है। अपने विधानसभा हल्कों से लेकर प्रदेश की सत्ता तक के परिणामों का गणित अब देवी-देवताओं के दरबारों से जाना जा रहा है। एक माह तक इंतजार करने के बाद अब नेताओं के लिए दो दिनों का इंतजार करना भी मुश्किल हो गया है।
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