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रोहड़ू बाजार में आपदा से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं
Updated Sat, 09 Dec 2017 06:18 PM IST
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सड़क
- फोटो : अमर उजाला ब्यूराे
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रोहड़ू। बाजार में आग समेत अन्य आपदा से निपटने के लिए पुख्ता प्रबंध नहीं है। तंग सड़कों पर किया गया अतिक्रमण जानलेवा आपात स्थिति में दमकल वाहन व एंबुलेंस को अस्पताल व अपर बाजार में पहुंचने के लिए अधिक समय लग सकता है। लोगों से जुड़ा संवेदनशील मामला कई बार उठा। लेकिन अभी तक कोई पहल नहीं हुई।
अस्पताल की सड़क के दोनों ओर दुकानदारों का अतिक्रमण है। आम दिनों में भी यहां से एंबुलेेंस के लिए क्रॉसिंग मुश्किल होती है। अपर बाजार में दमकल वाहनों को मोड़ने के लिए स्थान नहीं है। बड़ी बात यह है कि बाजार में दमकल वाहन के पास आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है। बाजार की सुरक्षा के लिए लाखों रुपये खर्च कर बनाए फायर हाइड्रेंट में पूरा पानी नहीं है। पूरे बाजार में केवल एक फायर हाइड्रेंट ही काम करता है। सर्दियों में आग की घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। बीत सालों में सर्दियों के दौरान आग की अधिक घटनाएं हुई हैं। तीन साल पहले दिसंबर 2014 को एक अग्निकांड घटना में समय पर दमकल वाहन न पहुंचने के बाद मामला खूब उठा। अधिकारियों की बैठक में विधायक ने निर्देश दिए थे कि रोहड़ू में तंग सड़कों से अतिक्रमण को हटा कर हर माह पुलिस व दमकल विभाग की एक मॉकड्रिल करवाई जाए। तीन साल पहले बाजार में आपत सेवा को बेहतर बनाने के लिए एक कमेटी बनी और एक माकड्रिल जरूर हुई। उसके बाद बाजार की तंग सड़कों से अतिक्रमण हटाने सहित इस समस्या की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
15 मिनट के सफर को एक घंटा : झौहटा
दमकल उप केंद्र रोहड़ू के प्रभारी देविंद्र झौहटा ने कहा कि बाजार में साल में दो बार मॉक ड्रिल की जाती है। लेकिन बाजार में 15 मिनट के सफर को एक घंटे तक का समय लगता है। पानी भरने के लिए केवल एक हाइड्रेंट ठीक चल रहा अन्य खराब पडे़ हैं। इसकी लिखित रिपोर्ट हर बार मॉक ड्रिल के बाद प्रशासन और उच्च अधिकारियों को दी जाती है। खराब फायर हाइड्रेंट की सूचना आईपीएच विभाग को भी दी गई। लेकिन बाजार की सुरक्षा को लेकर कोई पहल हुई। आपात स्थिति में सारा ठीकरा दमकल विभाग के सिर फोड़ा जाता है।
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राशि जमा करवाए अग्निशमन विभाग : शर्मा
आईपीएच विभाग के एक्सईएन एसपी शर्मा ने कहा कि रोहड़ू बाजार में फायर हाइड्रेंट पुराने हो चुके हैं। दमकल विभाग व आईपीएच विभाग के एसडीओ का संयुक्त निरीक्षण रखा जा रहा है। निरीक्षण के बाद इसकी मरम्मत पर खर्च होने वाली राशि अग्निशमन विभाग को जमा करवानी होगी। बजट उपलब्ध होने पर बंद व खराब फायर हाइड्रेंट चालू हो सकते हैं।
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अस्पताल की सड़क के दोनों ओर दुकानदारों का अतिक्रमण है। आम दिनों में भी यहां से एंबुलेेंस के लिए क्रॉसिंग मुश्किल होती है। अपर बाजार में दमकल वाहनों को मोड़ने के लिए स्थान नहीं है। बड़ी बात यह है कि बाजार में दमकल वाहन के पास आग बुझाने के लिए पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं है। बाजार की सुरक्षा के लिए लाखों रुपये खर्च कर बनाए फायर हाइड्रेंट में पूरा पानी नहीं है। पूरे बाजार में केवल एक फायर हाइड्रेंट ही काम करता है। सर्दियों में आग की घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। बीत सालों में सर्दियों के दौरान आग की अधिक घटनाएं हुई हैं। तीन साल पहले दिसंबर 2014 को एक अग्निकांड घटना में समय पर दमकल वाहन न पहुंचने के बाद मामला खूब उठा। अधिकारियों की बैठक में विधायक ने निर्देश दिए थे कि रोहड़ू में तंग सड़कों से अतिक्रमण को हटा कर हर माह पुलिस व दमकल विभाग की एक मॉकड्रिल करवाई जाए। तीन साल पहले बाजार में आपत सेवा को बेहतर बनाने के लिए एक कमेटी बनी और एक माकड्रिल जरूर हुई। उसके बाद बाजार की तंग सड़कों से अतिक्रमण हटाने सहित इस समस्या की ओर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
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15 मिनट के सफर को एक घंटा : झौहटा
दमकल उप केंद्र रोहड़ू के प्रभारी देविंद्र झौहटा ने कहा कि बाजार में साल में दो बार मॉक ड्रिल की जाती है। लेकिन बाजार में 15 मिनट के सफर को एक घंटे तक का समय लगता है। पानी भरने के लिए केवल एक हाइड्रेंट ठीक चल रहा अन्य खराब पडे़ हैं। इसकी लिखित रिपोर्ट हर बार मॉक ड्रिल के बाद प्रशासन और उच्च अधिकारियों को दी जाती है। खराब फायर हाइड्रेंट की सूचना आईपीएच विभाग को भी दी गई। लेकिन बाजार की सुरक्षा को लेकर कोई पहल हुई। आपात स्थिति में सारा ठीकरा दमकल विभाग के सिर फोड़ा जाता है।
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राशि जमा करवाए अग्निशमन विभाग : शर्मा
आईपीएच विभाग के एक्सईएन एसपी शर्मा ने कहा कि रोहड़ू बाजार में फायर हाइड्रेंट पुराने हो चुके हैं। दमकल विभाग व आईपीएच विभाग के एसडीओ का संयुक्त निरीक्षण रखा जा रहा है। निरीक्षण के बाद इसकी मरम्मत पर खर्च होने वाली राशि अग्निशमन विभाग को जमा करवानी होगी। बजट उपलब्ध होने पर बंद व खराब फायर हाइड्रेंट चालू हो सकते हैं।