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आऊटर सिराज में 13 और 14 को धूमधाम से मनाई जाएगी शिवरात्रि
Updated Sat, 10 Feb 2018 07:08 PM IST
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महादेव का होगा विधिवत शृृंगार, पूजा
आउटर सिराज क्षेत्र में 13 और 14 फरवरी रहेगी शिवरात्रि की धूम
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
आउटर सिराज क्षेत्र में 13 और 14 फरवरी को शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। हर घर में लिंग रूप में महादेव की पूजा होगी और भोले का विधिवत शृृंगार किया जाएगा। आनी, निरमंड सहित समूचे आउटर सिराज में महाशिवरात्रि पर्व को मनाने की प्राचीन परंपरा आज भी कायम है। करीब दस दिन पहले से ही क्षेत्र के लोग अपनेे घरों को सजाने में जुट जाते हैं।
महाशिवरात्रि पर्व के लिए विभिन्न व्यंजनों को बनाने और महादेव को भोग चढ़ाने की परंपरा है। इसके लिए क्षेत्र के लोगों ने खरीदारी करनी शुरू कर दी है। शिवरात्रि पर्व पर लोग रात भर भजन कीर्तन, नटाउक और जती गाकर भोले बाबा को प्रसन्न करते हैं। आउटर सिराज में महादेव को लिंग रूप में लोग अपने अपने घरों में विराजमान करते हैं। पूरी रात महादेव के समक्ष पौराणिक गीत गाए जाते हैं। मान्यता है कि महादेव को लिंग रूप में विराजमान करने से भक्तों को शिवलोक की प्राप्ति होती है। लिंग बनाने में क्षेत्रवासी विशेष प्रकार के फल का इस्तेमाल करते हैं, जिसे लिंग रूप में पिरोया जाता है। दूसरे दिन सुबह महादेव का विधिवत विसर्जन किया जाता है। इसके अलावा दूसरे दिन कई गांव में दिनभर स्वांग नृत्य चलता है। क्षेत्र से बाहर रहने वाले लोग भी शिवरात्रि को अपने घर आएंगे।
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आउटर सिराज क्षेत्र में 13 और 14 फरवरी रहेगी शिवरात्रि की धूम
अमर उजाला ब्यूरो
आनी (कुल्लू)।
आउटर सिराज क्षेत्र में 13 और 14 फरवरी को शिवरात्रि पर्व धूमधाम से मनाया जाएगा। हर घर में लिंग रूप में महादेव की पूजा होगी और भोले का विधिवत शृृंगार किया जाएगा। आनी, निरमंड सहित समूचे आउटर सिराज में महाशिवरात्रि पर्व को मनाने की प्राचीन परंपरा आज भी कायम है। करीब दस दिन पहले से ही क्षेत्र के लोग अपनेे घरों को सजाने में जुट जाते हैं।
महाशिवरात्रि पर्व के लिए विभिन्न व्यंजनों को बनाने और महादेव को भोग चढ़ाने की परंपरा है। इसके लिए क्षेत्र के लोगों ने खरीदारी करनी शुरू कर दी है। शिवरात्रि पर्व पर लोग रात भर भजन कीर्तन, नटाउक और जती गाकर भोले बाबा को प्रसन्न करते हैं। आउटर सिराज में महादेव को लिंग रूप में लोग अपने अपने घरों में विराजमान करते हैं। पूरी रात महादेव के समक्ष पौराणिक गीत गाए जाते हैं। मान्यता है कि महादेव को लिंग रूप में विराजमान करने से भक्तों को शिवलोक की प्राप्ति होती है। लिंग बनाने में क्षेत्रवासी विशेष प्रकार के फल का इस्तेमाल करते हैं, जिसे लिंग रूप में पिरोया जाता है। दूसरे दिन सुबह महादेव का विधिवत विसर्जन किया जाता है। इसके अलावा दूसरे दिन कई गांव में दिनभर स्वांग नृत्य चलता है। क्षेत्र से बाहर रहने वाले लोग भी शिवरात्रि को अपने घर आएंगे।
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